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UNGA80: यूएन फ़लस्तीन पर क़ब्ज़ा ख़त्म कराने में नाकाम रहा है, मलेशिया

मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने, 27 सितम्बर (2025) को, यूएन महासभा के 80वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित किया.
UN Photo/Loey Felipe
मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने, 27 सितम्बर (2025) को, यूएन महासभा के 80वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित किया.

UNGA80: यूएन फ़लस्तीन पर क़ब्ज़ा ख़त्म कराने में नाकाम रहा है, मलेशिया

यूएन मामले

मलेशिया ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र फ़लस्तीन पर क़ब्ज़ा ख़त्म कराने में नाकाम रहा है जिससे दुष्ट राष्ट्र को, यूएन चार्टर कमज़ोर करने का मौक़ा मिला है. मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने, शनिवार को यूएन महासभा के 80वें सत्र की जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा, "इसराइल अब पीड़ित होने के अपने ढोंग के पीछे नहीं छिप सकता", और इसराइल ग़ाज़ा में जनसंहार कर रहा है.

मलेशियाई विदेश मंत्री ने क़ब्ज़ा करने वाली सेना के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई, एक स्वशासित फ़लस्तीनी राष्ट्र के लिए दीर्घकालिक समर्थन और संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों का आहवान किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि न्याय का ऐसा मज़ाक फिर कभी नहीं उड़े.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि महासभा की इच्छा को पूरा करने में बार-बार, सुरक्षा परिषद की विफलताओं का कड़ा विरोध किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्यों से जवाबदेही की मांग करनी चाहिए और उन्हें वीटो के इस्तेमाल पर सवाल उठाने और उसे चुनौती देने की ज़रूरत है.

मोहम्मद हसन ने कहा कि इस वर्ष दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) के अध्यक्ष के रूप में, उनके देश ने शान्ति के लिए आवश्यक विशाल प्रयासों को समझा है.

आसियान इस बात से बेहद निराश है कि म्याँमार में कुछ इलाक़ों में युद्ध विराम तोड़ा गया है और हिंसा अब भी नागरिकों के लिए ख़तरा बनी हुई है.

उन्होंने कहा, "सत्ता में बैठे लोगों की ज़िम्मेदारी है कि वे याद रखें कि म्याँमार क्षेत्र का एक हिस्सा है, कोई अलग-थलग देश नहीं."

उन्होंने म्याँमार के नेतृत्व और स्वामित्व में, उस देश में संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रयास करने की पुकार लगाई.