UNGA80: अन्तरराष्ट्रीय समुदाय ग़ाज़ा में अभूतपूर्व मानवीय संकट और पीड़ा को रोकने में विफल, सऊदी अरब
सऊदी अरब ने कहा है कि दुनिया, ग़ाज़ा में क़ाबिज़ शक्ति (इसराइल) द्वारा की जा रही क्रूर और अनियन्त्रित कृत्यों को घटित होते हुए देख रही है, और इन्हें रोकने में अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की विपलता से, क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता पैदा होगी.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल-सऊद ने, शनिवार को यूएन महासभा के 80वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा कि इसराइल के ये कृत्य, फ़लस्तीनी लोगों के, ऐतिहासिक और क़ानूनी अधिकारों की, उनकी अपनी भूमि पर पूरी तरह से अवहेलना कर रहे हैं और उनके वैध अधिकारों को नष्ट कर रहे हैं.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय, इसराइली आक्रमणों और मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने के लिए निर्णायक क़दम उठाने में जितना विफल रहेगा, उससे, क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को, और अधिक कमज़ोर करने के हालात को बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने दो-राष्ट्र समाधान की हिमायत करते हुए कहा, "फ़लस्तीनी मुद्दे का एक न्यायसंगत और स्थाई समाधान खोजने का समय आ गया है, क्योंकि सैन्य कार्रवाई से सुरक्षा और शान्ति प्राप्त नहीं होगी."
उन्होंने सभी देशों से फ़लस्तीन राष्ट्र को मान्यता देने का आहवान किया और क़तर पर इसराइली हमलों सहित क्षेत्र में आक्रामक इसराइली हमलों की निन्दा की.
उन्होंने सूडान में युद्धविराम, लीबिया में लीबियाई समाधान और यूक्रेन युद्ध के शान्तिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत का भी समर्थन किया.