UNGA80: उद्देश्य के लिए सबसे सटीक संयुक्त राष्ट्र की ज़रूरत, जर्मनी
जर्मनी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को, उद्देश्यपूर्ण बनाने की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है, इसलिए, UN80 प्रक्रिया को सफल होना ही होगा.
जर्मनी के संघीय विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने शनिवार को, यूएन महासभा के 80वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए यह अहवान किया.
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के बजटीय संकट, बहुपक्षवाद के संकट और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के प्रति सम्मान की कमी की ओर इशारा करते हुए कहा, “80 वर्षों में, हमारे प्रिय संगठन को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.”
जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता की हानि से, सुरक्षा और मानवीय संकट दीगर बढ़ गए हैं.
उन्होंने न्याय, शान्ति और सम्मान की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. “जर्मनी, संयुक्त राष्ट्र में शामिल होने के बाद से, इस बात पर अडिग रहा है: न्याय का अर्थ विकास है.”
“जर्मन चांसलर विली ब्रांट ने 1973 में संयुक्त राष्ट्र को अपने सम्बोधन में कहा था, “जहाँ भूख बनी रहती है, वहाँ स्थाई शान्ति नहीं हो सकती.”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि न्याय के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक मनुष्य को भोजन, स्वच्छ जल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो.
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता और ग़ाज़ा को मानवीय सहायता प्रदान करने वाले सबसे बड़े दाताओं में से एक के रूप में "हम संयुक्त राष्ट्र सहित, मानवीय सिद्धान्तों के अनुरूप कार्य करने वाले साझीदारों के माध्यम से सहायता प्रदान करना जारी रखेंगे."
उन्होंने सूडान और पड़ोसी देशों के शिविरों में UNHCR के लिए जर्मनी के समर्थन को दोहराया.
जोहान वेडफुल ने शान्ति स्थापना और शान्ति निर्माण में जर्मनी के योगदान के बारे में, याद दिलाया कि जर्मनी के सैनिक, पुलिस अधिकारी और कार्मिक 14 शान्ति अभियानों में सेवा दे चुके हैं.
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण में सबसे बड़े दाता के रूप में, जर्मनी संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को कुशल कार्मिक प्रदान करना जारी रखेगा.