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UNGA80: यूएन चार्टर 'अन्तरराष्ट्रीय सहयोग का एक उज्ज्वल प्रकाश स्तम्भ', रूस

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉफ़ ने, 27 सितम्बर (2025) को, उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित किया.
UN Photo/Loey Felipe
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉफ़ ने, 27 सितम्बर (2025) को, उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित किया.

UNGA80: यूएन चार्टर 'अन्तरराष्ट्रीय सहयोग का एक उज्ज्वल प्रकाश स्तम्भ', रूस

यूएन मामले

रूसी महासंघ ने, यूएन महासभा के 80वें सत्र में कहा है कि [चार्टर का उल्लंघन करने वालों] की समस्या की जड़, दुनिया को "हम और वे" में, निरंकुशता और लोकतंत्र में, कुछ विशिष्ट लोगों में, विभाजित करने के प्रयासों में निहित है. रूस के विदेश मंत्री ने महासभा सत्र को सम्बोधित करते हुए, यूएन चार्टर को "अन्तरराष्ट्रीय सहयोग का एक उज्ज्वल प्रकाश स्तम्भ" क़रार दिया.

रूसी महासंघ के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉफ़ ने शनिवार को उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘इन विशिष्ट लोगों को सब कुछ करने की अनुमति है और अन्य लोगों को "स्वर्णिम अरब" (Golden Billion) के हितों की सेवा करने के लिए बाध्य किया जाता है.’

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर "अन्तरराष्ट्रीय सहयोग के एक उज्ज्वल प्रकाश स्तम्भ" के रूप में कार्य करता रहेगा और सभी सदस्य देशों को इसके सिद्धान्तों का पालन करना चाहिए.

अलबत्ता, उन्होंने कहा कि व्यवहार में ऐसा नहीं हो रहा है, सम्प्रभुता के उल्लंघन से, संकट और टकराव व संघर्ष पैदा हो रहे हैं.

रूसी विदेश मंत्री ने सुरक्षा परिषद में रचनात्मक समाधानों को विफल करने की, पश्चिमी देशों की नीति की निन्दा की.

उन्होंने कहा, पश्चिम ने सम्प्रभुता को भी कमज़ोर किया है और बाल्कन के आन्तरिक मामलों में घोर हस्तक्षेप किया है.

कोसोवो और बोस्निया व हर्ज़ेगोविना दोनों में, सर्बियाई परम्परावादी (Orthodox) अधिकारों पर हमला किया जा रहा है.

इसी तरह यूक्रेन ने, अपने यहाँ परम्परावादी (Orthodox) चर्च को ख़त्म करने और सभी क्षेत्रों में रूसी भाषा के उन्मूलन के लिए क़ानूनी रास्ता अपनाया है.

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में, रूसियों और रूसी भाषी लोगों के अधिकारों को पूरी तरह से बहाल करना होगा.

उन्होंने कहा कि उनका देश, यूक्रेनी सुरक्षा गारंटी पर चर्चा के लिए तैयार है. हालाँकि, न तो यूक्रेन और न ही योरोप, स्थिति की गम्भीरता को समझते हैं और न ही ईमानदारी से बातचीत करने को तैयार हैं.

सर्गेई लैवरॉफ़ ने कहा कि रूसी संघ, संयुक्त राष्ट्र में सुधार पर चर्चा के लिए तैयार है; हालाँकि, पश्चिमी देशों को इस पर हावी नहीं होने दिया जाना चाहिए और वैश्विक बहुमत वाले देशों का उचित प्रतिनिधित्व होना चाहिए.