UNGA80: इसराइल ने ‘अपने सबसे काले दिन’ से उबरकर, मज़बूत वापसी की, नेतनयाहू
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा है कि इसराइल ने "अपने सबसे काले दिन" से उबरकर "इतिहास की सबसे शानदार सैन्य वापसी" की है. उन्होंने घोषणा की कि उनका देश तब तक चैन से नहीं बैठेगा जब तक हमास का सफ़ाया नहीं हो जाता और बन्धकों को रिहा नहीं कर दिया जाता.
इसराइली प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को, यूएन महासभा के 80वें सत्र की उच्च स्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा, "पिछले साल, मैं इसी मंच पर खड़ा था और मैंने यह नक़्शा दिखाया था. यह ईरान की आतंकवादी धुरी के अभिशाप को दर्शाता है."
"यह धुरी पूरी दुनिया की शान्ति के लिए ख़तरा है. इसने हमारे क्षेत्र की स्थिरता और मेरे देश, इसराइल के अस्तित्व के लिए ख़तरा पैदा कर दिया है."
ग़ौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को, हमास के नेतृत्व में, इसराइल के दक्षिणी इलाक़े में आतंकवादी हमले किए गए थे. बिन्यामिन नेतनयाहू ने उन "अवर्णनीय बर्बरतापूर्ण कृत्य" हमलों को याद करते हुए, ईरान व उसके सहयोगी देशों पर "हमारे गले में मौत का फन्दा" कसने का आरोप लगाया.
लेकिन उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल के दौरान, शक्ति सन्तुलन पूरी तरह बदल गया है.
शत्रु धुरी हुई 'पंगु'
इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने हूथीयों पर प्रहार किया है, कल भी. हमने हमास की आतंकी मशीन का बड़ा हिस्सा कुचल दिया है. हमने हिज़बुल्लाह को अपंग कर दिया है, उसके ज़्यादातर नेताओं और उसके हथियारों के ज़ख़ीरे को ख़त्म कर दिया है... और सबसे ज़रूरी बात, हमने ईरान के परमाणु हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को तबाह कर दिया है."
उन्होंने ईरान के साथ इसराइल के 12 दिनों के युद्ध को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा: "[अमेरिकी] राष्ट्रपति [डॉनल्ड] ट्रम्प और मैंने, ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने का वादा किया था. और हमने उस वादे को पूरा किया."
बिन्यामिन नेतनयाहू ने आगाह किया कि सतर्कता ज़रूरी है, और "हमें ईरान को उसकी सैन्य परमाणु क्षमताएँ फिर से विकसित करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए."
उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबन्धों को फिर से लागू करने का आग्रह किया.
इसराइली प्रधानमंत्री ने, ग़ाज़ा का ज़िक्र करते हुए, हमास की बची हुई सेना को ख़त्म करने का संकल्प लिया. “हमास के अन्तिम हिस्से ग़ाज़ा शहर में छिपे हुए हैं. वे 7 अक्टूबर के अत्याचारों को बार-बार दोहराने की क़सम खाते हैं. इसलिए इसराइल को यह काम पूरा करना होगा.”
बन्धकों को सम्बोधन
बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा कि उनके शब्दों का ग़ाज़ा में सीधा प्रसारण किया जा रहा है और उन्होंने वहाँ बन्धकों को सम्बोधित किया: “मैं प्रधानमंत्री . – आपसे, संयुक्त राष्ट्र से सीधा संवाद कर रहा हूँ. हम आपको भूले नहीं हैं. एक पल के लिए भी नहीं... हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हम आप सभी को घर नहीं पहुँचा देते.”
इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कैनेडा और अन्य देशों के नेताओ द्वारा, फ़लस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने का निर्णय "शर्मनाक" है, जिसने "दुनिया के सबसे क्रूर आतंकवादियों" को पुरस्कृत किया है.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इसराइल "आपको एक आतंकवादी राष्ट्र को हमारे गले में नहीं उतारने देगा."
बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा कि वह इस मुद्दे पर अकेले नहीं हैं: "फ़लस्तीनी राष्ट्र का मेरा विरोध, केवल मेरी नीतियों या मेरी सरकार की नीति नहीं है. यह इसराइल राष्ट्र और उसके लोगों की नीति है."
उन्होंने कहा, "इसराइल के उदय का मतलब यह नहीं था, कि हमें नष्ट करने की कोशिशें बन्द हो जाएंगी."
"इसका मतलब था कि हम उन कोशिशों का डटकर मुक़ाबला कर सकते हैं. और 7 अक्टूबर के बाद से इसराइल ने ठीक यही किया है."