UNGA80: सीरियाई राष्ट्रपति ने सुधारों को लागू करने, देश के पुनर्निर्माण का दिया भरोसा
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने यूएन जनरल असेम्बली में अपने पहले सम्बोधन में सुधार व पुनर्निर्माण का एजेंडा प्रस्तुत किया है. उन्होंने सन्तुलित कूटनीति, संक्रमणकालीन न्याय और समावेशी प्रतिनिधि का वादा किया है, ताकि देश को एक दर्दनाक अतीत से उबारा जा सके.
एक वर्ष पहले, अहमद अल-शरा सीरिया के पश्चिमोत्तर हिस्से में एक विद्रोही गुट के नेता थे, जिन्होंने 2024 के अन्तिम दिनों में तेज़ गति से किए गए सैन्य हमले की अगुवाई की, जिससे राजधानी दमिश्क में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद की सत्ता का पतन हो गया.
सीरियाई नेता ने कहा कि पूर्व शासन के पतन के साथ ही, हमने एक स्पष्ट रणनैतिक नीति तैयार की, जोकि तीन स्तम्भों पर टिकी है: सन्तुलित कूटनीति, सुरक्षा व स्थिरता, और आर्थिक विकास.
उन्होंने कहा कि सीरिया अब अपने पुनर्निर्माण में जुटा है, राज्यसत्ता, संस्थाओं की स्थापना के ज़रिए, और उन क़ानूनों को विकसित करके, जिनमें सभी वर्गों के अधिकारों को गारंटी दी जाए.
इस क्रम में, संक्रमणकालीन न्याय और लापता व्यक्तियों की स्थिति की जाँच के लिए कमीशन गठित किए गए हैं, जबकि विधायिका परिषद के निर्वाचन के भी प्रयास हो रहे हैं.
नागरिक व सैन्य संस्थाओं को पुनर्गठित किया गया है, पुरानी अफ़सरशाही को भंग कर दिया गया है और भागेदारी को मज़बूती देने के लिए एक सक्षम सरकारी व्यवस्था को अमल में लाया जा रहा है.
अहमद अल-शरा ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों, नई क्षेत्रीय व वैश्विक साझेदारियों को पूर्ण रूप से बहाल किया जाएगा.
“प्रमुख क्षेत्रीय व अन्तरराष्ट्रीय कम्पनियों ने सीरियाई बाज़ार में प्रवेश करना शुरू किया है, जोकि निवेश व पुनर्निर्माण में योगदान दे रही हैं.”
उन्होंने कहा कि सीरिया पर थोपे गए सभी प्रतिबन्धों को वापिस लिए जाने की आवश्यकता है, ताकि सीरियाई नागरिकों को और लम्बे समय तक जकड़े ना रखा जा सके.
अहमद अल-शरा ने कहा कि सीरिया, उथलपुथल के बाद नए सिरे से आगे बढ़ने की दिशा में उठ खड़ा हुआ है. “एक पुरातन सभ्यता व संस्कृति भूमि, क़ानून की राजसत्ता होने की हक़दार है.”
हर किसी के अधिकारों, स्वतंत्रता की रक्षा, और बदतरीन अतीत के पन्नों को पलटते हुए जीवन को प्रोत्साहन.
सीरियाई नेता ने जवाबदेही तय करने का संकल्प लिया है और कहा कि साम्प्रदायिक हिंसा के मामलों की जाँच के लिए तथ्य-खोजी कमीशन गठित किए गए हैं. और यूएन जाँचकर्ताओं को भी सहयोग दिया जाएगा.
उन्होंने सीरियाई क्षेत्र में इसराइली हमलों की भी निन्दा की, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ख़तरे उपज रहे हैं. “हम सम्वाद के पक्ष में हैं,” और ऐसे हमलों की स्थिति में अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को सीरिया का समर्थन करना होगा.