UNGA80: 'ईरान ने कभी परमाणु बम बनाने की कोशिश नहीं की और न ही कभी करेगा,' राष्ट्रपति
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियाँ ने कहा है कि उनके देश का परमाणु बम बनाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने बुधवार को यूएन महासभा के 80वें सत्र की जनरल डिबेट सम्बोधित करते हुए, सभी लोगों के बीच समानता और परस्पर सम्मान के महत्व पर ज़ोर दिया.
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "सभी ईश्वरीय धर्मों और मानवीय अन्तःकरण का आधार यह स्वर्णिम सिद्धान्त है: जो आप अपने लिए स्वीकार नहीं करते, उसे दूसरों के लिए भी स्वीकार नहीं करें."
हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में, ग़ाज़ा में जनसंहार, लेबनान में घरों का विनाश – और उसकी सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का बार-बार उल्लंघन, सीरिया के बुनियादी ढाँचे का विनाश, यमन पर हमले और ईरानी वैज्ञानिकों की हत्याएँ हुई हैं.
उन्होंने नेताओं से पूछा, "क्या आप अपने लिए ऐसी चीज़ों को बर्दाश्त करेंगे?"
'कूटनीति के साथ गम्भीर धोखा'
मसूद पेज़ेशकियाँ ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों व अन्य बुनियादी ढाँचों पर अमेरिकी और इराइली हवाई हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा, जून में, ईरान पर "अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के सबसे बुनियादी सिद्धान्तों का घोर उल्लंघन करते हुए, एक क्रूर आक्रमण किया गया था."
ये हमले "ठीक उस समय हो रहे थे जब हम कूटनैतिक वार्ता के रास्ते पर चल रहे थे" और "यह कूटनीति के साथ एक गम्भीर विश्वासघात और स्थिरता एवं शांति की स्थापना के प्रयासों को विफल करने वाला हमला था."
उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि "अगर हम अन्तरराष्ट्रीय मानदंडों के ऐसे ख़तरनाक उल्लंघनों का सामना करने में विफल रहे, तो इस तरह की गतिविधियाँ दुनिया भर में फैल जाएंगी."
क्षेत्र के लिए आशाएँ
ईरानी राष्ट्रपति ने "एक वृहद इसराइल की हास्यास्पद और भ्रामक योजना" का भी विरोध किया, जो "क्षेत्र के एक बड़े हिस्से" को शामिल करती है.
इसके बजाय, उन्होंने एक ऐसे भविष्य का ख़ाका पेश किया जिसमें, ईरान, एक शक्तिशाली और एक उज्ज्वल भविष्य वाले मज़बूत क्षेत्र में, अपने शक्तिशाली पड़ोसी देशों के साथ मुस्तैद होगा, जिसमें वे "एक ऐसी बड़ी परियोजना के ख़िलाफ़ एकजुट होकर खड़े होंगे जो इस क्षेत्र पर जनसंहार, विनाश और अस्थिरता थोपती है.
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "ऐसे मज़बूत क्षेत्र में, क़त्लेआम और ख़ून-ख़राबे के लिए कोई जगह नहीं होगी. यही कारण है कि मेरा देश कई वर्षों से सामूहिक विनाश के हथियारों से मुक्त क्षेत्र बनाने के सबसे प्रबल समर्थकों में से एक रहा है."
उन्होंने कहा, "फिर भी, जिनके पास ख़ुद सबसे बड़े परमाणु शस्त्रागार हैं और जो परमाणु अप्रसार सन्धि (NPT) का घोर उल्लंघन करते हुए, अपने हथियारों को और भी घातक और विनाशकारी बनाते हैं, उन्होंने वर्षों से झूठे आरोपों के आधार पर हमारे लोगों पर दबाव डाला है."
प्रतिबन्ध
उन्होंने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित किया था, जहाँ सदस्यों ने, ईरान पर 2015 में उसके परमाणु कार्यक्रम पर हुए समझौते(JCPOA) से पहले लगाए गए प्रतिबन्धों को हटाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था.
उन्होंने कहा कि तीन योरोपीय देश, एक दशक से भी अधिक समय से, संयुक्त राज्य अमेरिका के इशारे पर, ईरान के गौरवशाली लोगों को घुटने टेकने पर मजबूर करने के लिए सैन्य आक्रमण का समर्थन करते रहे हैं, वो अपने प्रयासों में विफल हुए हैं, और वो देश सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों को बहाल करने की मांग करते रहे हैं जिन्हें पहले ही रद्द कर दिया गया था.
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "मैं इस सभा के समक्ष एक बार फिर घोषणा करता हूँ कि ईरान ने कभी भी परमाणु बम बनाने की कोशिश नहीं की है और न ही कभी करेगा."
उन्होंने कहा कि भविष्य का निर्माण सभी देशों के सहयोग, विश्वास और साझा विकास पर आधारित होना चाहिए.