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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की न्यूयॉर्क में United Nations महासभा के अस्सीवें सत्र की आम बहस को संबोधित कर रहे हैं।

UNGA80: हमारे पास लड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं है - यूक्रेन

UN Photo/Loey Felipe यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने यूएन महासभा के 80वें सत्र को सम्बोधित किया.

UNGA80: हमारे पास लड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं है - यूक्रेन

यूएन मामले

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने विश्व नेताओं को आगाह किया है कि अन्तरराष्ट्रीय संस्थाएँ, फ़िलहाल युद्धों पर विराम लगाने के लिए बहुत कमज़ोर साबित हो रही हैं, जिसके मद्देनज़र उन्होंने देशों से यूक्रेन के सुरक्षा गठबंधन का हिस्सा बनने और रूस पर दबाव बढ़ाने का आग्रह किया है.

यूक्रेनी नेता ने बुधवार को महासभा के 80वें सत्र के दौरान जनरल “आज कोई अन्य नहीं, बल्कि हम ही सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं. केवल मज़बूत गठबंधनों, मज़बूत साझेदारों और हमारे अपने हथियारों से.”

उन्होंने कहा कि शक्तिशाली मित्रों और अन्तत: सैन्य समर्थन के समर्थन के बिना, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून काम नहीं करता है. हथियार सम्पन्न देश ही तय करते हैं कि कौन बचेगा. यह एक भयावह लेकिन ऐसी वास्तविकता है, जिसे नज़रअन्दाज़ नहीं किया जा सकता है.

“यूक्रेनी लोग, शान्ति पसन्द नागरिक हैं, मगर वे लोग अपने स्वतंत्र देश में आज़ादी के साथ रहना चाहते हैं. इसलिए हम प्रतिरक्षा में निवेश करते हैं. अनेक राष्ट्रों के लिए, कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है.”

विफल हो रही व्यस्था

राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने सूडान, सोमालिया और फ़लस्तीन में हिंसक टकरावों का उल्लेख किया, जोकि उनके अनुसार एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था का सबूत है, जो रक्तपात रोकने और समाधान मुहैया कराने में विफल रही है.

“ये संस्थाएँ इतना कमज़ोर हो चुकी है. दशकों से, बस केवल वक्तव्य और वक्तव्य.”

यूक्रेनी नेता ने अपने देश पर रूस द्वारा छेड़े गए युद्ध की पृष्ठभूमि में अपने नागरिकों के विरुद्ध रासायनिक हथियारों और अकाल को हथियार के रूप में इस्तेमाल में लाने के प्रति चेतावनी दी.

उन्होंने कहा कि हज़ारों यूक्रेनी बच्चों को अगवा किया गया है, और योरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र ज़ैपोरिझझिया पर निरन्तर हमले हो रहे हैं.

यूक्रेनी नेता ने ध्यान दिलाया कि पिछले साल उन्होंने विकिरण रिसाव आपदा के ख़तरों के प्रति दुनिया को आगाह किया था. विशेष रूप से रूसी क़ब्ज़े वाले ज़ैपोरिझझिया परमाणु ऊर्जा प्लांट में जोकि योरोप का सबसे बड़ा संयंत्र है.

“मगर, कुछ नहीं बदला है. और कल इस प्लांट में बिजली फिर से ठप हो गई...और रूस ने परमाणु केन्द्र के नज़दीकी इलाक़ों में बमबारी को नहीं रोका है.”

हथियारों की होड़

उन्होंने कहा कि रूसी ड्रोन और लड़ाकू विमानों ने पोलैंड और ऐस्टोनिया के वायुक्षेत्र का उल्लंघन किया है और मोल्दोवा में भी हस्तक्षेप हो रहा है.

“हम योरोप में पहले ही जॉर्जिया को खो चुके हैं. राजसत्ता प्रणाली की योरोपीय प्रकृति व मानवाधिकार सिकुड़ रहे हैं. जॉर्जिया, रूस पर निर्भर है.” राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि बेलारूस भी रूस पर निर्भरता की ओर है.

“योरोप, मोल्दोवा को भी खो देने का जोखिम मोल नहीं ले सकता है.”

उनके अनुसार, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर कमज़ोर प्रतिक्रिया की वजह से ही हथियारों की वैश्विक होड़ में तेज़ी आ रही है, जिसे कृत्रिम बुद्धिमता अब एक नया रूप दे रही है. इसके इस्तेमाल के लिए नए नियामन की आवश्यकता होगी.

राष्ट्पति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि यूक्रेन ने हमलावर ड्रोन, आवश्यकता होने की वजह से विकसित किए हैं, ताकि काला सागर में रूसी नौसेना को खदेड़ा जा सके.

युद्ध रोकने के लिए प्रयास

उन्होंने देशों से आग्रह किया कि यूक्रेन में युद्ध को रोकने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास किए जाने होंगे.

उनके अनुसार, इस युद्ध को अब रोकना, छोटे बच्चों के लिए भूमिगत स्कूलों का निर्माण करने या फिर अहम प्रतिष्ठानों के लिए बन्कर बनाने से कहीं सस्ता है.

राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की के अनुसार, 40 से अधिक देश पहले से ही यूक्रेनी गठबंधन का हिस्सा हैं और अन्य देशों के समर्थन की दरकार है.

“इसलिए, जब रूसी हमें युद्ध में घसीट रहा हो, तो आप चुप मत बैठिए. अपनी बात कहिए और इसकी निन्दा कीजिए. जीवन और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून व्यवस्था की रक्षा करने में हमारे प्रयासों का हिस्सा बनिए.”