UNGA80: यूएन मुख्यालय से जनरल डिबेट का सीधा प्रसारण, 24 सितम्बर
संयुक्त राष्ट्र महासभा के ऐतिहासिक 80वें सत्र के दौरान, उच्चस्तरीय जनरल डिबेट का आज दूसरा दिन था, जिसमें विश्व नेताओं ने, महासभा हॉल में स्थित प्रतिष्ठित हरे संगमरमर के मंच से अपनी बात दुनिया के समक्ष रखी. इस वर्ष की थीम सदस्य देशों की पारस्परिक एकजुटता पर केन्द्रित है: 'एक साथ हैं, तो बेहतर हैं.' युद्ध, निर्धनता, मानवाधिकार उल्लंघन, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य व विकास चुनौतियों की पृष्ठभूमि में वैश्विक संकटों का समाधान ढूंढने और मानवता के भविष्य की दिशा तय करने के लिए यह एक अहम अवसर है.
यहाँ आपको राष्ट्राध्यक्षों, सरकार प्रमुखों, मंत्रियों के सम्बोधनों व यूएन मुख्यालय में चल रही गतिविधियों की झलकियाँ मिलती रहेंगी...
बुधवार को यूक्रेन, स्पेन, ईरान, अर्जेन्टीना, सीरिया अरब गणराज्य, केनया, श्रीलंका समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि जनरल डिबेट को सम्बोधित कर रहे हैं.
24 सितम्बर के लिए वक्ताओं की सूची यहाँ देखी जा सकती है.
वैश्विक प्रगति के लिए, शिक्षा में निवेश किया जाना अहम - श्रीलंका
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने यूएन महासभा में जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा कि “बच्चे बिना शिक्षा की सुलभता के किस तरह से रह सकते हैं?”
उनके अनुसार, हर महान राष्ट्र की नींव में शिक्षा की सबसे अहम भूमिका है, जोकि एक व्यक्ति के भविष्य को तय करता है. “हमारा मज़बूत विश्वास है कि शिक्षा में निवेश, वैश्विक प्रगति में निवेश है.”
श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने मादक पदार्थों की समस्या को एक जटिल मुद्दा क़रार दिया, जिससे दुनिया भर में लाखों-करोड़ो लोग प्रभावित होते हैं. ड्रग कार्टेल के बढ़ते दबदबे से वैश्विक स्वास्थ्य, राजनीति और आम नागरिकों के कल्याण को ख़तरा है.
अनुरा कुमारा दिसानायके ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि ड्रग्स और अपराध के विरुद्ध वैश्विक एजेंडा को एक साथ मिलकर अमल में लाया जाना होगा.
ऐसे नियमों को लागू करना होगा, जिससे ड्रग तस्कर अन्य देशों में शरण न ले पाएँ, और पुनर्वास के लिए केन्द्रों को भी स्थापित किया जाना अहम है.
सीरिया: संक्रमणकालीन न्याय व समावेशी प्रतिनिधित्व का वादा
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने यूएन जनरल असेम्बली में अपने पहले सम्बोधन में सुधार व पुनर्निर्माण का एजेंडा प्रस्तुत किया है.
उन्होंने सन्तुलित कूटनीति, संक्रमणकालीन न्याय और समावेशी प्रतिनिधि का वादा किया है, ताकि देश को एक दर्दनाक अतीत से उबारा जा सके.
सीरियाई नेता ने कहा कि देश अब अपने पुनर्निर्माण में जुटा है, राज्यसत्ता, संस्थाओं की स्थापना के ज़रिए, और उन क़ानूनों को विकसित करके, जिनमें सभी वर्गों के अधिकारों को गारंटी दी जाए.
अहमद अल-शरा के अनुसार, सीरिया, उथलपुथल के बाद नए सिरे से आगे बढ़ने की दिशा में उठ खड़ा हुआ है. “एक पुरातन सभ्यता व संस्कृति भूमि, क़ानून की राजसत्ता होने की हक़दार है.”
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ईरान ने कहा, परमाणु बनाने का कभी भी इरादा नहीं रहा है
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियाँ ने कहा है कि उनके देश का परमाणु बम बनाने का, ना अतीत में कोई इरादा रहा है और ना ही देश भविष्य में परमाणु हथियार बनाएगा. उन्होंने यूएन महासभा के 80वें सत्र की जनरल डिबेट सम्बोधित करते हुए, सभी लोगों के बीच समानता और परस्पर सम्मान के महत्व पर ज़ोर दिया.
हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में, ग़ाज़ा में जनसंहार, लेबनान में घरों का विनाश – और उसकी सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का बार-बार उल्लंघन, सीरिया के बुनियादी ढाँचे का विनाश, यमन पर हमले और ईरानी वैज्ञानिकों की हत्याएँ हुई हैं.
उन्होंने नेताओं से पूछा, "क्या आप अपने लिए ऐसी चीज़ों को बर्दाश्त करेंगे?"
युवाओं की आवाज़ में है शक्ति, संजना सांघी
यूएन महासभा के 80वें सत्र के दौरान, SDG मीडिया ज़ोन में दुनिया भर से समाजिक कार्यकर्ता, विशेषज्ञ आदि सतत विकास लक्ष्य से जुडे़ मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं.
इस दौरान, UNDP-इंडिया की युवा चैम्पियन संजना सांघी ने एक कार्यक्रम हिस्सा लिया और अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज़ शक्ति है...
उनका वीडियो यहाँ देखा जा सकता है.
रूसी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देना ज़रूरी - यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने महासभा में अपने सम्बोधन में कहा कि अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था कमज़ोर हुई है, जिसके मद्देनज़र उसमें बदलाव की ज़रूरत है. साथ ही रूस की आक्रामकता का निर्णायक जवाब और तुरन्त युद्ध रोके जाने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि आक्रामकता को रोक करके ही एक वास्तविक अवसर हासिल किया जा सकता है कि हथियारों की होड़ का अन्त सबके लिए विनाश में नहीं होगा.
ज़िन्दगियों की रक्षा करने के लिए, यूक्रेन भूमगित स्कूलों व अस्पतालों का निर्माण कर रहा है.
प्रमुख कार्यक्रम – बुधवार 24 सितम्बर
जनरल ऐसेम्बली हॉल में विश्व नेताओं के सम्बोधन तो जारी ही रहेंगे, मगर उसके अलावा भी यूएन मुख्यालय में अनेक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं.
8:30 – पश्चिमी तट और ग़ाज़ा में फ़लस्तीनी बच्चों के लिए कार्रवाई की पुकार.
9:00 – सतत, समावेशी व सहनसक्षम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए शिखर बैठक. इसका उद्देश्य सतत विकास के लिए अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय तंत्र व बहुपक्षीय प्रयासों को मज़बूती देना है.
11:00 – ग्रुप 77 के विदेश मामलों के मंत्रियों की वार्षिक बैठक.
1:00 – अफ़्रीका के औद्योगिकीकरण को गति प्रदान करने पर लक्षित बैठक.
2:00 – जलवायु शिखर बैठक, जिसमें विश्व नेता बिगड़ते जलवायु संकट और समाधानों पर चर्चा करेंगे.
3:00 – कृत्रिम बुद्धिमता और अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा परिषद पर सुरक्षा परिषद में बैठक.