UNGA80: यूएन मुख्यालय में सोमवार (22 सितम्बर) को High Level हलचल
इस सप्ताह विश्व नेता, वार्षिक यूएन महासभा सत्र के लिए न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में एकत्र हो रहे हैं, जोकि ऐतिहासिक 80वाँ सत्र है. इस सत्र में दुनिया भर के 193 देशों के प्रतिनिधि यूएन महासभा के मंच से दुनिया के सामने अपनी बात रखेंगे और युद्धों, निर्धनता, मानवाधिकार उल्लंघनों, जलवायु परिवर्तन व महिला सशक्तिकरण के लिए बीजिंग+30 मंच जैसे मुद्दों पर वैश्विक चर्चाएँ होंगी. संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगाँठ मनाने के लिए सोमवार को एक उच्चस्तरीय सम्मेलन हुआ है, साथ ही, फ़लस्तीन राष्ट्र की स्थापना के मुद्दे पर भी एक उच्चस्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ है. सोमवार (22 सितम्बर) की गतिविधियों के सीधे प्रसारण की वीडियो रिकॉर्डिंग भी यहाँ देखी जा सकती है...
मध्य पूर्व में इसराइल और फ़लस्तीन के रूप में दो राष्ट्र की स्थापना के समाधान पर, सोमवार को उच्चस्तरीय चर्चा हुई है. यह विशेष सम्मेलन, फ़्रांस और सऊदी अरब के अनुरोध पर आयोजित किया गया.
फ्रांस ने एक स्वतंत्र फ़लस्तीन राष्ट्र की स्थापना को अपना समर्थन दिया है.
नेतृत्व में महिलाओं की भागेदारी पर ज़ोर
यूएन महासभा अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक ने, निर्णय लेने के स्थानों पर महिलाओं की भागेदारी के प्रभाव की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया है.
उन्होंने UNGA80 सत्र के दौरान, महिलाओं की प्रगति पर बीजिंग घोषणा के 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक उच्चस्तरीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि निर्णय निर्माण प्रक्रिया में महिलाओं की मौजूदगी से कम्पनियाँ, शान्ति प्रक्रियाएँ और सरकारें मज़बूत होती हैं.
उन्होंने स्वयं यूएन महासभा में भी मौजूद लैंगिक खाई का उल्लंख किया जहाँ, वर्ष 2024 के वार्षिक सत्र में अपने-अपने देशों की तरफ़ से यूएन पंचायत में शिरकत करने वाले प्रतिनिधियों में महिलाओं की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम थी.
लैंगिक समानता पर बीजिंग घोषणा-पत्र के 30 वर्ष: उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ और भविष्य की राह
मैडम अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक
यूएन महासभा का यह 80वाँ सत्र है और इन आठ दशकों के दौरान, इस विश्व पंचायत की केवल चार महिला अध्यक्ष रही हैं और इस ऐतिहासिक सत्र की अध्यक्षता भी एक महिला ऐनालेना बेयरबॉक कर रही हैं जिन्हें पाँचवीं महिला अध्यक्ष होने का गौरव हासिल हुआ है.
उनसे पहले महिला अध्यक्ष रहीं हस्तियों के नाम:
विजय लक्ष्मी पंडित (भारत), 8वाँ सत्र (1953)
ऐन्जी ब्रुक्स (लाइबेरिया) 24वाँ सत्र, (1969)
शेख़ा हया राशेद अल ख़लीफ़ा (बहरीन), 61वाँ सत्र (2006)
मारिया फ़रनांडा ऐस्पिनोसा (इक्वेडोर), 73वाँ सत्र (2018)
'हवा का रुख़ बदलने’ का आग्रह
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने महासभा के उच्च-स्तरीय सप्ताह की पूर्व संध्या पर, विश्व नेताओं से एक कड़ी पुकार लगाई है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि युद्ध, जलवायु परिवर्तन, असमानता और तकनीकी जोखिम का एक "वैश्विक संकट" तत्काल, समन्वित कार्रवाई की मांग करता है.
संयुक्त राष्ट्र के 80 वर्ष
जैसाकि हम सभी जानते हैं कि दूसरे विश्व युद्ध में बहुत बड़े पैमाने पर विध्वंस और जीवन हानि के बाद, 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र का गठन हुआ था.
पिछले 80 वर्षों के दौरान, संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों का जश्न, सोमवार को यूएन महासभा में मनाया गया है जिसमें सदस्य देशों ने इस बात पर ग़ौर किया है कि भविष्य में इस विश्व संगठन की भूमिका क्या रूप लेगी.
इसमें संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने मौजूदा संकटों की पृष्ठभूमि में संयुक्त राष्ट्र को मज़बूती देने और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया.
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के मूल दस्तावेज़ यूएन चार्टर पर एक नज़र...