ईरान में परमाणु केन्द्रों की निरीक्षण व्यवस्था पर एक नए समझौते की घोषणा
अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का कहना है कि ईरान में परमाणु संयंत्रों व प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में आपसी सहयोग को फिर से शुरू करने के लिए एक समझौता हुआ है.
इस वर्ष जून में इसराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समर्थित हवाई हमलों में ईरान के परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद यूएन एजेंसी द्वारा परमाणु कार्यक्रम की निगरानी रोक दी गई थी.
इन हमलों के बाद, ईरान सरकार ने नतान्ज़ यूरेनियम संवर्धन केन्द्र को क्षति पहुँचने की पुष्टि की थी, मगर मौजूदा विकिरण स्तर पर कोई असर नहीं होने की बात भी कही गई थी.
बताया गया है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची और यूएन एजेंसी महानिदेशक के बीच इस विषय में सोमवार को मिस्र की राजधानी काहिरा में सहमति बनी.
इसके तहत, ईरानी परमाणु संयंत्रों के निरीक्षण, उसके लिए अधिसूचना और उन्हें लागू करने के लिए प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है.
IAEA महानिदेशक राफ़ाएल ग्रोस्सी ने इस समझौते में अहम भूमिका निभाने के लिए मिस्र का आभार प्रकट किया और निगरानी व्यवस्था को अति-महत्वपूर्ण क़रार दिया.
उन्होंने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स को बताया कि ईरान में निरीक्षण प्रक्रिया को फिर से अनुमति देने के लिए व्यावहारिक क़दमों पर सहमति बना ली गई है.
इससे पहले, फ़्राँस, जर्मनी, और ब्रिटेन ने 28 अगस्त को ईरान पर 30 दिनों के भीतर फिर से यूएन प्रतिबन्ध थोपे जाने की मंशा ज़ाहिर की थी.
जुलाई 2015 में, यूएन सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्यों के साथ-साथ जर्मनी, योरोपीय संघ और ईरान में परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे. इसी व्यवस्था के तहत फिर से प्रतिबन्ध लगाने का प्रावधान भी है.
नई सहमति, अन्तरराष्ट्रीय दायित्व
इस नए समझौते से पहले, ईरान और यूएन एजेंसी में कई सप्ताह तक देश में सभी परमाणु केन्द्रों और प्रतिष्ठानों की निरीक्षण व्यवस्था समेत अन्य तकनीकी मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसके बाद यह समझौता हुआ है.
हालांकि ईरानी सासंदों ने 25 जून को अन्तरराष्ट्रीय एजेंसी के साथ सहयोग स्थगित करने का निर्णय लिया था, जिसे फिर एक सप्ताह बाद देश के राष्ट्रपति ने अपनी स्वीकृति दे दी थी.
उस समय, यूएन एजेंसी महानिदेशक राफ़ाएल ग्रोस्सी ने स्पष्ट किया था कि घरेलू स्तर पर लिए गए इस निर्णय से, पमाणु अप्रसार सन्धि पर ईरान के अन्तरराष्ट्रीय दायित्व नहीं बदलेंगे.
ईरानी वार्ताकारों ने परमाणु अप्रसार व्यवस्था के तहत अन्तरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा रहने की इच्छा व्यक्त की लेकिन अपनी चिन्ताओं को भी IAEA के साथ साझा किया था.
इस समझौते में, उन सभी परमाणु केन्द्रों और ईरान में मौजूद परमाणु सामग्री से जुड़ी जानकारी देने पर विचार किया गया है, जिन्हें इसराइल और अमेरिका द्वारा जून में निशाना बनाया गया था.
यूएन एजेंसी महानिदेशक ने कहा कि इन व्यावहारिक क़दमों को अब लागू किया जाना होगा, जिनमें कुछ मुश्किलें पेश आ सकती हैं, लेकिन हम जानते हैं कि क्या करना है और इन्हें लागू करने के लिए हमारे पास क्या उपकरण मौजूद हैं.