UN80: ‘यह कोई साधारण सत्र नहीं’: साहस व सुधार की पुकार के साथ, नया सत्र आरम्भ
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के लिए नई अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक ने सदस्य देशों से आग्रह किया है कि युद्ध, निर्धनता, जलवायु परिवर्तन समेत अन्य वैश्विक संकटों से निपटने के लिए आपसी एकजुटता दर्शानी होगी. उन्होंने मंगलवार को यूएन चार्टर की मूल प्रति पर शपथ ली और साहस व समावेशन के साथ यह दायित्व सम्भालने का प्रण लिया.
पूर्व जर्मन विदेश मंत्री ऐनालेना बेयरबॉक ने कहा कि चूँकि बहुपक्षीय व्यवस्था आपस में गुंथे हुए संकटों और आपसी बिखराव से जूझ रही है, इसलिए यह कोई साधारण सत्र नहीं है,
यूएन महासभा के इतिहास में अध्यक्ष का पदभार सम्भालने वाली वह केवल पाँचवी महिला हैं. उन्होंने अतीत को वर्तमान से जोड़ने के एक प्रतीक के तौर पर, यूएन के संस्थापक दस्तावेज़ पर शपथ ली, जिसे 1945 में सैन फ़्राँसिस्को सम्मेलन में पारित किया गया था.
साथ ही, पूर्व महासभा प्रमुख, कैमरून के फ़िलेमॉन यैंग से पारम्परिक हथौड़ा स्वीकार किया. यूएन चार्टर पिछले लम्बे समय से संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय अभिलेखागार में संरक्षित था, जिसे कई दशकों बाद, हाल ही में यूएन मुख्यालय लाया गया.
संयुक्त राष्ट्र की अहम भूमिका
ऐनालेना बेयरबॉक ने माना कि दुनिया में लाखों-करोड़ों लोग अपने दैनिक जीवन में कठोर वास्तविकताओं का सामना कर रहे हैं. ग़ाज़ा में भूख से बदहाल बच्चे, अफ़ग़ानिस्तान में स्कूली शिक्षा से वंचित लड़कियाँ, यूक्रेन में मिसाइल हमलों की चपेट में आए परिवार, और प्रशान्त द्वीपीय देशों में बढ़ते समुद्री जलस्तर से घिरे देश.
“हमारी दुनिया पीड़ा में है...लेकिन कल्पना कीजिए, संयुक्त राष्ट्र के बिना यह कितना अधिक पीड़ादायी होता.”
महासभा अध्यक्ष ने मानवतावादी सहायता में यूएन की अहम भूमिका को रेखांकित किया, और ध्यान दिलाया कि लाखों लोग अब भी यूएन बाल कोष (UNICEF), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पर निर्भर हैं.
ऐनालेना बेयरबॉक ने सदस्य देशों से कहा कि संयुक्त राष्ट्र को, 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप आकार दिया जाना होगा, और इसके लिए सुधार व भविष्य के लिए सहमति पत्र (Pact for the Future) को लागू किया जाना होगा. प्रक्रियात्मक निर्णयों के बजाय ठोस क़दम उठाने पर अधिक ध्यान देना होगा.
“यूएन महासभा को अपने शासनादेश (mandate) पर ध्यान केन्द्रित करना होगा और अपने संकल्पों को निभाना होगा.”
यूएन महासभा प्रमुख ने अगले वर्ष के लिए यूएन80 सुधार एजेंडा पर अमल को अपनी प्राथमिकताओं में बताया है, जोकि संगठन की 80वीं वर्षगाँठ पर प्रस्तुत किया गया है.
इसके अलावा, नए महासचिव के चयन की प्रक्रिया, शान्ति, सतत विकास व मानवाधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करना होगा.
यूएन चार्टर, देशों पर निर्भर
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ऐनालेना बेयरबॉक के निर्वाचन पर उन्हें बधाई देते हुए उनकी दूरदृष्टि व अनुभव की सराहना की. साथ ही, उन्होंने देशों से आठ दशक पहले लिए संकल्प को फिर जताने का आग्रह किया.
“संयुक्त राष्ट्र हमें स्थान प्रदान करता है. चार्टर हमें उपकरण देता है...लेकिन महासभा में आप सभी के एक साथ मिलकर काम किए बिना कुछ नहीं हो सकता है.”
उन्होंने दरारों को पाटने, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के प्रति नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने, टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने पर बल दिया. यूएन प्रमुख ने कहा कि विकासशील देशों को समर्थन देते हुए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाया जाना होगा.
महासचिव गुटेरेश ने कहा कि पिछले साल पारित हुआ भविष्य का सहमति पत्र, बहुपक्षवाद के लिए एक अहम शक्ति है और सदस्य देशों को एक दूसरे में पारस्परिक भरोसे को बहाल करना होगा.