वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

अफ़ग़ानिस्तान: भूकम्प के झटकों के बीच, प्रभावित आबादी तक राहत पहुँचाने के प्रयास

अफ़ग़ानिस्तान के कुनार प्रान्त के ग़ाज़ी आबादी ज़िले में एक लड़का, भूकम्प में ध्वस्त हुए अपने घर के सामने खड़ा है.
© UNICEF/Amin Meerzad
अफ़ग़ानिस्तान के कुनार प्रान्त के ग़ाज़ी आबादी ज़िले में एक लड़का, भूकम्प में ध्वस्त हुए अपने घर के सामने खड़ा है.

अफ़ग़ानिस्तान: भूकम्प के झटकों के बीच, प्रभावित आबादी तक राहत पहुँचाने के प्रयास

मानवीय सहायता

अफ़ग़ानिस्तान में आए भीषण भूकम्प में मृतक आँकड़ा बढ़कर 2,200 तक पहुँच गया है, जबकि 3,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं. यूएन सहायताकर्मी अपने साझेदार संगठनों के साथ मिलकर दूरदराज़ के इलाक़ों में पैदल सफ़र तय करके ज़रूरतमन्दों तक मदद पहुँचा रहे हैं. साथ ही, भविष्य में भूकम्प के झटकों को सहन करने में सक्षम, मज़बूत घर बनाए जाने के लिए धनराशि की अपील भी की गई है.

बीते रविवार को, रिक्टर पैमाने पर 6.0 की तीव्रता वाले भूकम्प से पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में स्थित नांगरहार, लघमान, नूरिस्तान और कुनार प्रान्त प्रभावित हुए थे. नांगरहार में शुरुआती भूकम्प के बाद भी अनेक झटके महसूस किए जा चुके हैं, जिससे बचाव दलों के राहत प्रयासों में व्यवधान आया है.

प्रभावित प्रान्तों में 25 गाँवों का आकलन किया जा चुका है. सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, अति-आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुँच नहीं है और जल स्रोत भी बर्बाद हो गए हैं.

Tweet URL

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने अपने एक अपडेट में बताया है कि कुनार प्रान्त में स्थित नूरगल और चॉके ज़िलों में कई स्थानों तक पहुँचने का मार्ग अवरुद्ध है. हालांकि स्थानीय प्रशासन ने इस मार्ग को बहाल करने के लिए भारी मशीनरी को तैनात किया है.

राहत प्रयासों में तेज़ी

नवीनतम आकलन के अनुसार, इस आपदा में क़रीब पाँच लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 2.63 लाख बच्चे हैं. क़रीब पाँच हज़ार घरों के आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने की आशंका है.

मौजूदा चुनौतियों के बावजूद, यूएन टीमें अपने साझेदार संगठनों के साथ मिलकर राहत प्रयासों को आगे बढ़ाने में जुटी हैं. लगभग छह टन पौष्टिक बिस्किट वितरित किए जा चुके हैं.

चॉके और नूरगल ज़िलों में 20 सचल स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया गया है. प्रभावित इलाक़ों में 23 टन चिकित्सा सामग्री व दवाएँ भेजी गई हैं, जिससे दो हज़ार से अधिक मरीज़ों का इलाज किया जा सकता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नूरगल ज़िले में एक सहायता हब बनाए जाने की घोषणा की है, जिसके ज़रिए साझेदार संगठनों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा और उन्हें समर्थन भी प्रदान किया जाएगा.

वहीं, अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने गुरूवार को भोजन, पोषण, आपात आश्रय किट, पेयजल व स्वच्छता सामग्री और ग़ैर-खाद्य सामग्री को मुहैया कराए जाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं.

झटके अब भी जारी

यूएन पर्यावास संगठन (UN Habitat) के अफ़ग़ानिस्तान कार्यायल के अनुसार, दुर्गम इलाक़ों में भूकम्प के शक्तिशाली झटकों से बड़े पैमाने पर उथलपुथल हुई है. पाकिस्तान और ईरान से अफ़ग़ानिस्तान वापिस लौटने वाले बहुत से शरणार्थियों ने इन्हीं इलाक़ों में आश्रय लिया था.

यूएन कार्यालय की काबुल में प्रतिनिधि स्टेफ़नी लूज़ ने बताया कि इस क्षेत्र में हर दिन और झटके महसूस किए जा रहे हैं, जिससे भूस्खलन हो रहा है और वहाँ तक पहुँच पाना और कठिन होता जा रहा है.

उन्होंने कहा कि महिलाएँ व लड़कियाँ इस आपदा में बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. तालेबान प्रशासन के सख़्त नियमों की वजह से उनके लिए अपने घर छोड़कर अकेले बाहर जाना सम्भव नहीं है.

UN Habitat अधिकारी ने कहा कि सांस्कृतिक रिवाज़ों और थोपी गई पाबन्दियों के बावजूद, अनेक महिलाएँ अपने घरों से बाहर जाने की हिम्मत नहीं करती हैं. न ही देश में पर्याप्त संख्या में महिला चिकित्सक हैं. मौजूदा हालात में जिन महिलाओं को इसकी ज़रूरत है, उन्हें सहायता नहीं मिल पा रही है.