अफ़ग़ानिस्तान: भीषण भूकम्प से तबाह हुए गाँवों में बचाव एवं राहत कार्य जारी
अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी क्षेत्र में बीती रात रिक्टर पैमाने पर 6.0 की तीव्रता वाले भूकम्प में सैकड़ों लोगों की जान गई है और कई गाँव पूरी तरह तबाह हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस आपदा पर गहरा दुख प्रकट किया है और भूकम्प प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया है.
आरम्भिक रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 800 लोग मारे गए हैं, दो हज़ार से अधिक के घायल होने का समाचार है.
महासचिव ने अपने सन्देश में कहा, “मैं अफ़ग़ानिस्तान की जनता के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा हूँ, जिन्हें आज विनाशकारी भूकम्प ने झकझोर दिया है. मैं पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ."
अफ़ग़ानिस्तान में यूएन टीम सक्रियता से जुटी है और प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुक़सान का आकलन करने, ज़रूरतमन्दों तक आपात सहायता पहुँचाने और समर्थन देने के लिए तालेबान प्रशासन के साथ समन्वय में है. यूएन द्वारा एक आपात अपील को तैयार किया जा रहा है और आपात राहत कोष से 50 लाख डॉलर की धनराशि आवंटित की गई है.
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने नांगरहार, नूरिस्तान और कुनार सहित अफ़ग़ानिस्तान के चार पूर्वी प्रान्तों में व्यापक पैमाने पर जान-माल की बर्बादी की पुष्टि की है. इन क्षेत्रों में कर्मचारी और मानवीय साझीदार संगठन राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं.
मलबे में फँसे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकम्प मध्य रात्रि को आया जब लोग अपने घरों में सो रहे थे. आशंका जताई जा रही है कि कई अफ़ग़ान अब भी अपने ढहे हुए घरों के मलबे तले दबे हो सकते हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूकम्प का केन्द्र ज़मीन से लगभग आठ किलोमीटर (छह मील) नीचे था, और इसके झटके अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल से लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद तक महसूस किए गए.
अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA), संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (OCHA), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूएन बाल कोष (UNICEF) समेत कई अन्य एजेंसियाँ प्रभावितों तक राहत पहुँचा रहे हैं.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, “पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में आए भूकम्प से मौतों और घायलों की लगातार ख़बरें मिल रही हैं. अफ़ग़ानिस्तान में WHO की टीमें अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में तैनात हैं, जहाँ वे घायलों के उपचार में सहयोग कर रही हैं और आपातकालीन स्वास्थ्य आवश्यकताओं का आकलन कर रही हैं.”
“हम ज़रूरी दवाइयाँ और आपूर्ति पहुँचा रहे हैं तथा स्वास्थ्य टीमें उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में भेज रही हैं ताकि अधिक से अधिक जीवन बचाए जा सकें.”
सहायता प्रयास
संयुक्त राष्ट्र की टीमें, दुनिया के 160 से अधिक देशों में ज़मीनी स्तर पर काम कर रही हैं.
वे स्थानीय सरकारों और साझेदार संगठनों के साथ मिलकर समुदायों में जलवायु कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा, लैंगिक समानता और नागरिकों की सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले संयुक्त कार्यक्रम संचालित करती हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र 1949 से सक्रिय है. वहाँ इसके काम की अगुवाई स्थानीय समन्वयक इंद्रिका रत्वाटे करते हैं, जो देशीय टीम का नेतृत्व सम्भालते हैं. इस टीम में लगभग 20 संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और अन्तरराष्ट्रीय संस्थाएँ हैं, जिनमें विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक भी शामिल हैं.