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यमन: इसराइल और हूथी लड़ाकों के बीच टकराव पर चिन्ता, यूएन कर्मचारियों की रिहाई की मांग

यमन की राजधानी सना के पुराने इलाक़े का दृश्य.
© UNESCO/Maria Gropas
यमन की राजधानी सना के पुराने इलाक़े का दृश्य.

यमन: इसराइल और हूथी लड़ाकों के बीच टकराव पर चिन्ता, यूएन कर्मचारियों की रिहाई की मांग

शान्ति और सुरक्षा

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने इसराइली सैन्य बलों द्वारा हूथी लड़ाकों (अंसार अल्लाह गुट) के नियंत्रण वाले इलाक़ों पर किए गए हमलों में शीर्ष अधिकारियों और आम नागरिकों के मारे जाने पर गहरी चिन्ता जताई है. इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अंसार अल्लाह द्वारा यूएन एजेंसियों के कार्यालय में जबरन घुसने, और कम से कम 11 यूएन कर्मचारियों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की निन्दा की है और उन्हें तत्काल रिहा किए जाने की मांग की है. 

यमन में हूथी लड़ाकों और अन्तरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के सुरक्षा बलों के बीच पिछले एक दशक से अधिक समय से टकराव जारी है. देश की राजधानी सना समेत बड़े इलाक़े पर हूथी लड़ाकों का क़ब्ज़ा है. 

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अंसार अल्लाह लड़ाकों द्वारा द्वारा हाल ही में इसराइल पर हमले किए जाने के बाद इसराइली सैन्य बलों ने भी जवाबी हमले किए हैं, जिनमें अनेक वरिष्ठ अधिकारियों, राजनैतिक वार्ताकारों के हताहत होने की ख़बर है. विशेष दूत ग्रुंडबर्ग ने इन हमलों में आम नागरिकों की जान जाने और उनके घायल होने पर भी चिन्ता जताई है.

अक्टूबर 2023 में, इसराइल पर हमास के आतंकी हमलों के बाद इसराइली सेना ने ग़ाज़ा में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की, जिसके विरोध और फ़लस्तीनियो के समर्थन में, हूथी लड़ाकों ने इसराइल और अतीत में लाल सागर क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाज़ों को भी निशाना बनाया है. 

यमन के लिए विशेष यूएन दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने रविवार को इसराइल और अंसार अल्लाह के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर चिन्ता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यमन किसी व्यापक भू-राजनैतिक टकराव का रणक्षेत्र नहीं बन सकता. 

उन्होंने अगाह किया कि इस तरह के हमले तुरन्त रोके जाने होंगे और सभी पक्षों को कूटनैतिक माध्यमों के ज़रिए तनाव कम करने के प्रयास करने होंगे.

विशेष दूत ने सभी सम्बद्ध पक्षों से अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत अपने दायित्व का पालन करने और आम नागरिकों व बुनियादी प्रतिष्ठानों की हर हाल में रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.

यूएन कर्मचारियों की रिहाई का आग्रह 

इस बीच, हूथी लड़ाकों द्वारा यमन में अपने नियंत्रण वाले इलाक़ों में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) में जबरन घुसने, राजधानी सना में स्थित अन्य यूएन परिसरों में प्रवेश करने की कोशिश करने, और यूएन सम्पत्ति को अपने क़ब्ज़े में लेने की ख़बर है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने एक वक्तव्य में इन घटनाओं और कम से कम 11 यूएन कर्मचारियों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की कठोर निन्दा की है. 

उन्होंने इसे “अस्वीकार्य” क़रार देते हुए हिरासत में लिए गए सभी कर्मचारियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की है. साथ ही, 2024, और 2021 व 2023 के दौरान हिरासत में लिए गए यूएन कर्मचारियों, ग़ैर-सरकारी संगठनों, नागरिक समाज व कूटनैतिक मिशन के कर्मियों को भी रिहा करने का आग्रह किया है. 

महासचिव ने ज़ोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र व उसके साझीदार संगठनों के कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय कभी भी निशाना नहीं बनाया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र परिसरों की अटूट सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी होगी.

उन्होंने कहा कि मनमाने तरीक़े से हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों की सुरक्षित व तुरन्त रिहाई के लिए संयुक्त राष्ट्र निरन्तर प्रयास करता रहेगा. साथ ही, यूएन और उसके साझीदार यमन के लोगों की आकांक्षाओं और एक न्यायपूर्ण व स्थाई शान्ति के लिए समर्थन जारी रखेंगे.