यूक्रेन: बड़े पैमाने पर रूसी सैन्य बलों के हमलों से, 'कूटनैतिक प्रयासों पर जोखिम'
शान्तिनिर्माण व राजनैतिक मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी ने आगाह किया है कि यदि रूस द्वारा यूक्रेन में बड़े पैमाने पर हमले जारी रहे, तो सम्भावित शान्ति समझौते की दिशा में कूटनैतिक प्रयासों के धूमिल हो जाने का जोखिम है. यूक्रेनी शहरों पर गुरूवार तड़के रूसी सैन्य बलों की बमबारी में कम से कम 23 लोगों की मौत होने के बाद शुक्रवार को सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई गई.
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, 27 से 28 अगस्त के दौरान, रूसी सैन्य बलों ने 598 ड्रोन, 31 मिसाइलों के ज़रिए राजधनी कीव समेत कई यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाया, जिनमें चार बच्चों समेत 23 लोगों की जान गई है. इस हमले में 64 के घायल होने की ख़बर है, और कई इमारतों समेत राजधानी कीव में योरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के कूटनैतिक परिसर, और ब्रिटिश काउंसिल कार्यालय को भी गम्भीर क्षति हुई है.
योरोप, मध्य एशिया व अमेरिका क्षेत्र के लिए यूएन सहायक महासचिव मिरोस्लाव येन्का ने सदस्य देशों को जानकारी देते हुए कहा कि गुरूवार को हुए हमले, देश भर में हवाई हमलों की कड़ी में दर्ज की गई तेज़ी को दर्शाते हैं.
इससे पहले, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इन हमलों की कड़ी निन्दा करते हुए सचेत किया था कि आम नागरिकों और बुनियादी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाना, अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून का उल्लंघन है. “ये अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरन्त रोका जाना होगा.”
मिरोस्लाव येन्का ने कहा कि हिंसा का दायरा बढ़ रहा है और लड़ाई के अग्रिम मोर्चे से दूर इलाक़ों को भी निशाना बनाया जा रहा है और देश भर हवाई हमलों में बर्बर तेज़ी आ रही है.
फ़रवरी 2022 में, रूसी सैन्य बलों ने यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण शुरू किया था. इस वर्ष जुलाई में, यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने यूक्रेन के 18 क्षेत्रों में हताहत नागरिकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की. रिकॉर्ड 1,674 हताहत हुए, जोकि मई 2022 के बाद सबसे बड़ी संख्या है.
यूएन के वरिष्ठ अधिकारी ने दोहराया कि आम नागरिकों और बुनियादी प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों से अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून का उल्लंघन होता है. हम इन हमलों की निन्दा करते हैं और इन्हें तुरन्त रोका जाना होगा.
उन्होंने कहा कि यदि हिंसा का अन्त करने और सही मायनों में शान्ति वार्ता का हिस्सा बनने की आवश्यकता पर ध्यान केन्द्रित नहीं किया गया, तो कूटनैतिक संवेग तेज़ी से धूमिल हो सकता है.
यूक्रेन में 38 लाख लोगों तक इस वर्ष मानवीय सहायता पहुँचाई गई है और आगामी दिनों में सर्दी के मौसम से पहले, 17 लाख लोगों तक समर्थन मुहैया कराया जाएगा.
रूस पर भी असर
सहायक महासचिव ने कहा कि हिंसक टकराव से रूस पर भी असर हुआ है और बेल्गोरॉड, कुर्स्क, व ब्रिएंस्क क्षेत्रों में आम नागरिक हताहत हुए हैं.
24 अगस्त को रूसी अधिकारियों ने कुर्स्क में एक परमाणु बिजली केन्द्र पर आग लगने की जानकारी दी थी, जहाँ एक यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया था. रूस में तेल शोधन संयंत्रों पर भी यूक्रेनी हमलों की ख़बरें हैं.
मिरोस्लाव येन्का ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इन ख़बरों की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है, मगर यह स्पष्ट है कि हिंसक टकराव का रूस में आम नागरिकों पर असर बढ़ रहा है.
कूटनैतिक प्रयास का स्वागत
उन्होंने सभी युद्धरत पक्षों से एक न्यायसंगत शान्ति की दिशा में आगे बढ़ने, समावेशी कूटनैतिक प्रयास किए जाने और तुरन्त, बिना किसी शर्त के युद्धविराम लागू किए जाने की अपील की.
सहायक महासचिव ने कहा कि यूएन प्रमुख ने यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया है. इस महीने, अलास्का में राष्ट्रपति ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के बीच बैठकें हुई और फिर वॉशिंगटन में अमेरिकी और योरोपीय नेताओं के बीच मुलाक़ात हुई.
इससे पहले भी, संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन व रूस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधे तौर पर इस्ताम्बुल में मई और जुलाई में हुई बातचीत का स्वागत किया था, जिसके परिणामस्वरूप, बन्दियों की अदला-बदली की गई थी.