सूडान: अल फ़शर में घातक हमलों के बीच तुरन्त युद्धविराम की अपील
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को, हिंसक टकराव व घेराबन्दी से जूझ रहे सूडानी शहर अल फ़शर और उसके आस-पास के इलाक़ों में तुरन्त युद्धविराम लागू किए जाने की अपील की है, जहाँ पिछले एक साल से लाखों लोग फँसे हुए हैं.
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक के अनुसार, महासचिव गुटेरेश ने नॉर्थ दारफ़ूर प्रान्त की राजधानी अल फ़शर पर अर्द्धसैनिक बल (RSF) मिलिशिया द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है.
सूडान में अप्रैल 2023 में, देश पर नियंत्रण के लिए सूडानी सशस्त्र सेना और RSF के बीच भीषण टकराव भड़क उठा था. अल फ़शर पिछले 500 से अधिक दिनों से इस युद्ध का केन्द्र बना हुआ है.
घातक हमले
हाल के सप्ताहों में, शहर में लगातार गोलाबारी हुई है और पास में स्थित अबु शौक़ विस्थापन शिविर पर बार-बार धावा बोला गया है, जहाँ पिछले वर्ष दिसम्बर में अकाल की स्थिति थी.
11 अगस्त से अब तक संयुक्त राष्ट्र ने, अल फ़शर क्षेत्र में कम से कम 125 आम नागरिकों की मौतों पर जानकारी जुटाई है, जिनमें न्यायेतर हत्याएँ शामिल हैं. हालाँकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक होने की आशंका है.
यूएन प्रवक्ता दुजैरिक ने बताया कि “महासचिव अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के गम्भीर उल्लंघनों, अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून के हनन तथा दुरुपयोग के गम्भीर जोखिमों से चिन्तित हैं, जिनमें जातीयता से प्रेरित अपराध भी शामिल हैं.”
सहायता कार्यों में रुकावट
अल फ़शर के क़रीब सहायता सामग्री पहले से तैयार रखी गई है, लेकिन यूएन और उनके साझीदारों को इन्हें शहर में पहुँचाने के लिए लगातार रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है.
यूएन के सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, साउथ दारफ़ूर के न्याला में फ़िलहाल लगभग 70 ट्रकों में लदी मानवीय सहायता सामग्री रवाना किए जाने की प्रतीक्षा कर रही है.
संयुक्त राष्ट्र ने चिन्ता जताई है कि नॉर्थ दारफ़ूर में हाल के महीनों में मानवतावादी कर्मियों और प्रतिष्ठानों पर लगातार हमले हुए हैं.
तुरन्त युद्धविराम की अपील
यूएन महासचिव ने अपने वक्तव्य में अल फ़शर क्षेत्र और उसके आसपास तुरन्त युद्धविराम लागू किए जाने की अपील दोहराई है.
साथ ही, उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि “नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, मानवीय सहायता को सुरक्षित, बेरोकटोक व सतत ढंग से पहुँचाने, और इस इलाक़े को छोड़कर जाने के लिए इच्छुक लोगों को सुरक्षित बाहर जाने की अनुमति देने के लिए तुरन्त क़दम उठाए जाने होंगे.”
सूडान के लिए महासचिव के निजी दूत रामतने लामामरा युद्धरत पक्षों के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं. उन्होंने कहा है कि वह हिंसा रोकने तथा समावेशी राजनैतिक प्रक्रिया स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं.