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ग़ाज़ा में हमले अन्तहीन भयावहताओं का पीड़ाजनक हिस्सा, महासचिव

ग़ाज़ा पट्टी से निकलने के बाद एक परिवार विश्राम करता हुआ.
© UNRWA
ग़ाज़ा पट्टी से निकलने के बाद एक परिवार विश्राम करता हुआ.

ग़ाज़ा में हमले अन्तहीन भयावहताओं का पीड़ाजनक हिस्सा, महासचिव

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ग़ाज़ा में युद्धविराम, अधिक मानवीय पहुँच और सभी बन्धकों की रिहाई की अपनी अपील दोहराई है. इस बीच ग़ाज़ा पट्टी में हमलों में घातक वृद्धि देखी गई है.

महासचिव ने गुरूवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, “ग़ाज़ा सिटी पर सैन्य रूप से क़ब्ज़ा करने के लिए इसराइल के शुरुआती क़दम एक नए और ख़तरनाक चरण का संकेत हैं.” 

उन्होंने इसके विनाशकारी परिणामों से चेतावनी दी और कहा कि “पहले से ही थके और आघात में सैकड़ों हज़ारों लोग, एक बार फिर विस्थापन के लिए मजबूर होंगे, जिससे परिवार और भी अधिक गहरी मुसीबत में पड़ जाएँगे. यह सिलसिला रुकना चाहिए.” 

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अन्तहीन भयावहता

महासचिव ने पत्रकारों को बताया कि ग़ाज़ा में “एक बार फिर अमानवीय इसराइली हमले” हुए हैं. 

इन घटनाओं में, इस सप्ताह के शुरू में ख़ान यूनिस स्थित नासेर अस्पताल पर दो हवाई हमले भी शामिल हैं, जिनमें आम लोगों, चिकित्सा कर्मियों और पत्रकारों की मौत हुई है.

यह “सब कुछ दुनिया की आँखों के सामने हुआ.”

महासचिव ने कहा, “ये हमले अन्तहीन भयावहताओं की सूची का हिस्सा हैं,” और जवाबदेही की मांग की.

उन्होंने कहा, “ग़ाज़ा मलबे से भरा है, शवों से भरा है, और उन उदाहरणों से भरा है जिन्हें अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का गम्भीर उल्लंघन माना जा सकता है.”

“हमास और अन्य समूहों द्वारा बनाए गए बन्धकों को रिहा किया जाना चाहिए और वो बन्धक जिस अमानवीय व्यवहार को झेल रहे हैं, वह बन्द होना चाहिए. आम लोगों की सुरक्षा की जानी चाहिए.”

महासचिव गुटेरेश ने ग़ाज़ा में मौत और विनाश की स्थिति पर कहा कि “अकाल अब कोई आसन्न सम्भावना नहीं, बल्कि वर्तमान की भयावह सच्चाई है.”

लोग भूख से मौत के मुँह में जा रहे हैं, जबकि ग़ाज़ा की खाद्य, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को व्यवस्थित ढंग से नष्ट कर दिया गया है.

इसराइल की ज़िम्मेदारियाँ

उन्होंने कहा, “ये धरातल की हक़ीक़तें हैं, और ये जानबूझकर लिए गए फै़सलों का नतीजा हैं, जो बुनियादी मानवता की अनदेखी करते हैं. इसराइल की एक क़ाबिज़ शक्ति के रूप में स्पष्ट ज़िम्मेदारियाँ हैं.”

यूएन महासचिव ने कहा कि इसराइल को भोजन, पानी, दवाइयाँ और अन्य ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए.

इसके अलावा, ग़ाज़ा में और अधिक मानवीय पहुँच की अनुमति देनी चाहिए और लोगों व नागरिक ढाँचे की रक्षा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने बाध्यकारी अन्तरिम आदेश दिए हैं जिन्हें तुरन्त और पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए.

इनमें यह बाध्यता भी शामिल है कि ग़ाज़ा पट्टी में फ़लस्तीनियों को बिना देरी और संयुक्त राष्ट्र के पूर्ण सहयोग से मानवीय व चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाए.

यूएन कर्मचारियों की मौत

महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदार, अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं, अक्सर बड़े व्यक्तिगत जोखिम उठाकर. दुखद रूप से अब तक 366 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की मौत हो चुकी है.

उन्होंने कहा, “दिन प्रतिदिन, हमारे प्रयास रोके, टाले और अस्वीकार किए जा रहे हैं. यह अस्वीकार्य है.”

महासचिव ने पश्चिमी तट की स्थिति पर भी बात की और इसे “बेहद चिन्ताजनक” बताया.

उन्होंने कहा कि इसराइली सैन्य कार्रवाइयाँ, यहूदी बाशिन्दों की हिंसा, मकानों को ध्वस्त किया जाना और भेदभावपूर्ण नीतियाँ विस्थापन को बढ़ा रही हैं और असुरक्षा को गहरा कर रही हैं.

इसके अलावा, यहूदी बस्तियों का लगातार विस्तार समुदायों की नींव हिला रहा है और ज़रूरी संसाधनों तक पहुँच को काट रहा है.

हाल ही में, इसराइली अधिकारियों ने ई1 क्षेत्र में हज़ारों नए यहूदी घरों के निर्माण की योजना को मंज़ूरी दी.

यूएन महासचिव गुटेरेश ने कहा कि इससे पश्चिमी तट का उत्तरी और दक्षिणी हिस्सा अलग हो जाएगा, जो इसराइल और फ़लस्तीन के बीच दो-राष्ट्र समाधान के लिए “अस्तित्व से जुड़ा ख़तरा” होगा.

उन्होंने कहा, “(इसराइली) क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरूशेलम सहित पश्चिमी तट में इसराइली बस्तियाँ अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करके बनाई गई हैं…”

“इसराइल को इस तरह के क़दम बन्द करने होंगे और अपनी ज़िम्मेदारियों का पालन करना होगा.”

ग़ाज़ा में खाद्य आपूर्ति के अभाव में 5 लाख से भी अधिक लोग, अकाल की चपेट में आ गए हैं.
© UNICEF/Mohammed Nateel

‘अब और बहाने नहीं’

महासचिव ने कहा कि इस युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है. “मैं एक बार फिर तत्काल और स्थाई युद्धविराम, ग़ाज़ा में बेरोकटोक मानवीय सहायता पहुँच, और सभी बन्धकों की तुरन्त और बिना शर्त रिहाई की अपील करता हूँ.”

“आम लोगों की भूख को युद्ध की रणनीति के रूप में कभी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. लोगों की रक्षा होनी चाहिए. मानवीय पहुँच में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए.”

उन्होंने अपील की  “अब और बहाने नहीं. अब और रुकावटें नहीं. अब और झूठ नहीं.”