ग़ाज़ा: हमले में पत्रकारों व स्वास्थ्यकर्मियों की मौत, 'स्तब्धकारी बेपरवाही' पर क्षोभ
फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) ने ग़ाज़ा पट्टी में एक अस्पताल पर हुए हमले में फिर से पत्रकारों व मानवीय सहायताकर्मियों के मारे जाने पर गहरा क्षोभ प्रकट किया है. यूएन एजेंसी के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अकाल की परछाई में ख़ामोशी से अपनी जान गँवा रहे बच्चों की व्यथा से अवगत कराने वाली शेष आवाज़ों को भी चुप कराया जा रहा है.
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को ग़ाज़ा के नासेर मेडिकल परिसर पर हुए दो इसराइली हमलों में चार स्वास्थ्यकर्मियों व पाँच पत्रकारों समेत कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
इन हमलों में 50 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें गम्भीर रूप से बीमार व घायल मरीज़ भी हैं, जिनका अस्पताल में उपचार हो रहा था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, नासेर अस्पताल की मुख्य इमारत, आपात स्वास्थ्य विभाग, सर्जिकल इकाई समेत अन्य सुविधाएँ हमलों की चपेट में आई हैं और आपात कक्ष तक जाने वाला सीढ़ी द्वारा क्षतिग्रस्त हुआ है.
UNRWA महाआयुक्त फ़िलिपे लज़ारिनी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म, X, पर अपने सन्देश में कहा कि ग़ाज़ा में घटनाक्रम पर दुनिया की बेपरवाही और अकर्मण्यता स्तब्ध कर देने वाली है.
उन्होंने जर्मन-अमेरिकी दार्शनिक हैना ऐरेन्ड्ट का उल्लेख करते हुए ध्यान दिलाया कि मानव सहानुभूति की मृत्यु होना, किसी संस्कृति के बर्बरता में धँस जाने से पहले का सबसे स्पष्ट संकेत होता है.
“यह भविष्य में हमारे लिए नए सामान्य हालात नहीं हो सकते हैं. करुणा को आगे रखना होगा.”
फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा कि यह समय राजनैतिक इच्छाशक्ति का है और कल के बजाय आज ही क़दम उठाए जाने होंगे.
उनके अनुसार, बिना किसी पाबन्दी के सीमा चौकियाँ खोलनी होंगी, पत्रकारों, स्वास्थ्यकर्मियों व मानवतावादियों की रक्षा करनी होगी ताकि इस मानव-जनित अकाल का अन्त किया जा सके.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने सन्देश में कहा कि ग़ाज़ा में लोगों को भूखा रखा जा रहा है, उनके पास स्वास्थ्य देखभाल की सीमित सुलभता है और बार-बार हमलों से यह भी पंगु हो रही है.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने पुरज़ोर ढंग से स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं पर हमले रोकने और तुरन्त युद्धविराम लागू किए जाने की अपील की है.
जाँच का आग्रह
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जारी अपने वक्तव्य में इन घातक हमलों की कठोर निन्दा की है और घटना की तुरन्त, निष्पक्ष जाँच कराए जाने की मांग की है.
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ैन दुजैरिक ने महासचिव की ओर से जारी वक्तव्य में कहा कि भयावह ढंग से हुई मौतें उन अत्यधिक जोखिमों को दर्शाती हैं, जिनका सामना करते हुए पत्रकार व स्वास्थ्यकर्मी अपना अहम कार्य कर रहे हैं.
यूएन प्रमुख ने दोहराया कि स्वास्थ्यकर्मियों व पत्रकारों को बिना किसी हस्तक्षेप, भय, धमकी या हानि के बिना अपनी ज़िम्मेदारी निभाने की अनुमति दी जानी होगी, अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के अनुरूप.
महासचिव गुटेरेश ने ग़ाज़ा में तुरन्त, स्थाई युद्धविराम की अपनी पुकार को नए सिरे से दोहराते हुए कहा कि मानवीय सहायता आपूर्ति के लिए मार्ग मुहैया कराया जाना होगा और बन्धकों की बिना शर्त रिहाई करनी होगी.
7 अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हमास व अन्य हथियारबन्द गुटों के आतंकी हमलों के बाद शुरू हुई इसराइली सैन्य कार्रवाई में अब तक 61 हज़ार से अधिक फ़लस्तीनियों की जान जा चुकी है.
पिछले सप्ताह, खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने ग़ाज़ा में कुछ इलाक़ों में अकाल के पाँव पसारने की पुष्टि करते हुए कहा था कि यह अन्य इलाक़ों में भी फैल सकता है.