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विश्व मानवीय दिवस: शहीद सहायताकर्मियों को श्रद्धांजलि

19 अगस्त 2003 को, इराक़ की राजधानी बग़दाद में हुए बम विस्फोट में 22 लोग मारे गए थे. उसमें जीवित बचे कुछ लोगों ने, 2025 के विश्व मानवीय दिवस के स्मरण कार्यक्रम में शिरकत की.
UN Photo/Violaine Martin 19 अगस्त 2003 को, इराक़ की राजधानी बग़दाद में हुए बम विस्फोट में 22 लोग मारे गए थे. उसमें जीवित बचे कुछ लोगों ने, 2025 के विश्व मानवीय दिवस के स्मरण कार्यक्रम में शिरकत की.

विश्व मानवीय दिवस: शहीद सहायताकर्मियों को श्रद्धांजलि

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र ने, मंगलवार को विश्व मानवीय दिवस पर, अपने शहीद सहयोगियों को श्रद्धांजलि दी है और दुनिया को याद दिलाया है कि सहायताकर्मियों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. वर्ष 2024 में, 383 सहायताकर्मी मौत के मुँह में धकेल दिए गए, जोकि एक रिकॉर्ड संख्या है.

विश्व मानवीय दिवस पर जारी आँकड़ों के अनुसार, इस चिन्ताजनक चलन में, वर्ष 2025 के पहले आठ महीनों में भी कोई बदलाव नहीं नज़र आया है, और 14 अगस्त तक 265 मानवीय सहायताकर्मी मारे जा चुके हैं.

मानवीय सहायताकर्मियों, उनकी सम्पत्तियों और अभियानों पर हमले अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करते हैं और युद्ध एवं आपदा क्षेत्रों में फँसे लाखों लोगों की जीवनरेखा को कमज़ोर करते हैं.

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यूएन मानवीय सहायता समन्वय एजेंसी – (OCHA) के प्रमुख टॉम फ़्लैचर ने जिनीवा में कहा, "किसी मानवीय सहायताकर्मी पर एक भी हमला, हम सभी पर और जिन लोगों की हम सेवा करते हैं, उन पर हमला है."

संयुक्त राष्ट्र ने, 2003 में बग़दाद स्थित यूएन मुख्यालय पर हुए बम विस्फोट के पीड़ितों के लिए, न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में, एक स्मृति समारोह आयोजित किया. 

बग़दाद बम विस्फोट 22 लोगों की जान चली गई थी. उसमें कुछ जीवित बचे लोग भी, विश्व मानवीय दिवस के अवसर पर आयोजि कार्यक्रम में शामिल हुए.

सहायताकर्मियों की सुरक्षा पक्की हो

टॉम फ़्लैचर ने विश्व मानवीय दिवस 2025 के अवसर पर, जिनीवा में आयोजित स्मरण कार्यक्रम में कहा, "मानवीय सहायता कर्मी वहाँ आशा फैलाते हैं जहाँ निराशा होती है."

"वे वहाँ मानवता का संचार करते हैं जहाँ अमानवीयता होती है."

फिर भी, मानवीय कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं.

2024 में, मौत के शिकार हुए अधिकांश सहायताकर्मी, अपने समुदायों की सेवा करने वाले राष्ट्रीय कर्मचारी थे और उन पर उस समय जानलेवा हमले किए गए जब वो अपनी ड्यूटी कर रहे थे, या उन पर उनके घरों में हमले किए गए थे.

अक्टूबर 2023 से, ग़ाज़ा में 520 सहायताकर्मी, मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश कर्मी, फ़लस्तीनी लोगों के लिए संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी - UNRWA के कर्मचारी थे. 

ग़ाज़ा, इस मृतक संख्या के साथ, लगातार दूसरे वर्ष मानवीय सहायता कर्मियों के लिए सबसे घातक स्थान है.

OCHA ने मांग की है कि सदस्य देश नागरिकों और सहायताकर्मियों की सुरक्षा करें और अपराधियों को जवाबदेह ठहराएँ.

टॉम फ़्लैचर ने कहा है, "मानवीय सहायता कर्मी ख़तरों के बावजूद पीछे नहीं हटेंगे."

मध्य पूर्व क्षेत्र में मानवतावादी

इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र (OPT), सीरिया, यमन और लेबनान में, संयुक्त राष्ट्र के रेज़िडेंट और मानवीय समन्वयकों ने मंगलवार को एक संयुक्त वक्तव्य में कहा कि मध्य पूर्व में, आम लोग और मानवीय कार्यकर्ता "चौंकाने वाली संख्या में मारे जा रहे हैं, घायल हो रहे हैं और उन पर हमले हो रहे हैं."

अगस्त 2024 से, इन स्थानों पर कम से कम 446 मानवीय सहायता कार्यकर्ता मारे गए हैं, घायल हुए हैं, उनका अपहरण किया गया है या उन्हें हिरासत में लिया गया है.

इस संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है, "दुनिया मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं और उनकी सेवा करने वाले लोगों को निराश कर रही है."

यूएन अधिकारियों ने, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से, अन्तरराष्ट्रीय मानवीय और मानवाधिकार क़ानूनों का सम्मान किए जाने की पुकार दोहराते हुए, "मानवता की रक्षा करने वालों की रक्षा" करने का आहवान किया.