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भारत-पाकिस्तान: बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौतों पर गहरा दुख

बांग्लादेश के एक गांव का हवाई दृश्य, जो बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जिसमें डूबे हुए घर और हरे-भरे खेत दिखाई दे रहे हैं।
© FAO/Saikat Mojumder हर साल जुलाई-अगस्त के दौरान मॉनसूनी मौसम में, दक्षिण एशिया के अनेक क्षेत्रों में गम्भीर बाढ़ दर्ज की गई है. यह तस्वीर बांग्लादेश की है.

भारत-पाकिस्तान: बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौतों पर गहरा दुख

जलवायु और पर्यावरण

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, भारत और पाकिस्तान के कुछ इलाक़ों में आई तेज़ बाढ़ और उसमें हुए जान-माल के भारी नुक़सान पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है. इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की जान जाने की ख़बरें मिली हैं.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने प्रवक्ता के ज़रिए जारी एक वक्तव्य में कहा है कि सैकड़ों अन्य लोगों के लापता होने की भी ख़बरें हैं.

महासचिव ने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है. 

उन्होंने साथ ही, इस आपदा से प्रभावित लोगों के साथ अपनी एकजुटता भी ज़ाहिर की है.

भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की देश टीमें, किसी भी तरह की सहायता मुहैया कराने के लिए, सरकारों के साथ सहयोग करने के लिए मुस्तैद हैं.

मीडिया ख़बरों के अनुसार, भारत में शुक्रवार को हिमालय क्षेत्र में बसे एक गाँव में आई भीषण बाढ़ में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई. राहत और बचाव सेवाएँ सहायता में जुटी थीं.

उधर पाकिस्तान में मीडिया ख़बरों के अनुसार, हाल के दिनों में आई बाढ़ ने 300 से अधिक लोगों की जान ले ली है और सैकड़ों अन्य लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

बढ़ती बाढ़ें, बढ़ती तबाही

यूएन एजेंसियों के अनुसार, दुनिया भर में बाढ़ और आकस्मिक बाढ़ की घटनाओं में हर साल हज़ारों लोगों की जान चली जाती हैं और अरबों डॉलर का नुक़सान होता है.

एक पुरुष और एक महिला इंडोनेशिया में घुटनों तक की बाढ़ के पानी में तैर रहे हैं, उनके पीछे एक सफेद कार आंशिक रूप से डूबी हुई है।
© WMO/Teguh Prihatna

भारत और पाकिस्तान में इस साल भी भारी मानसूनी बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था ठप हो गई, घर बह गए और कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएँ हुईं. सैकड़ों लोगों के मारे जाने और लापता होने की ख़बरें हैं. 

2020 में, दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों में भीषण बाढ़ की घटनाओं में साढ़े 6 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई और लगभग 105 अरब डॉलर की आर्थिक क्षति दर्ज की गई.

दो साल बाद 2022 में, पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ में 1,700 से अधिक लोगों की मौत हुई, 3.3 करोड़ से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए और 40 अरब डॉलर से अधिक का नुक़सान हुआ, जिससे वर्षों की विकास प्रगति पर पानी फिर गया.

इस साल भी यह सिलसिला थमा नहीं है. केवल जुलाई महीने में ही दक्षिण एशिया, पूर्वी एशिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में एक के बाद एक, बाढ़ की घातक चरम घटनाएँ देखी गईं - कहीं भारी मानसूनी बारिश, कहीं हिमनदी झीलों का विस्फोट, और कहीं अचानक आई विनाशकारी आकस्मिक बाढ़.