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सीरिया: अलावाइट समुदाय के इलाक़ों में हिंसा हो सकती है युद्ध अपराध

सीरिया के अलेप्पो में एक तबाह इमारत के सामने एक किशोरी मलबे के बीच से गुजर रही है।
© UNICEF/Khalil Ashawi सीरिया में 14 वर्षों के गृहयुद्ध के दौरान, भीषण तबाही हुई है.

सीरिया: अलावाइट समुदाय के इलाक़ों में हिंसा हो सकती है युद्ध अपराध

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार जाँचकर्ताओं ने आगाह किया है कि सीरिया के अलावाइट बहुल इलाक़ों में, इस साल की शुरुआत में हुई घातक हिंसा, युद्ध अपराध के दायरे में परिभाषित की जा सकती है. यह समुदाय देश की कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत है, और पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद इसी समुदाय से सम्बन्ध रखते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 में अलावाइट समुदाय के कई लोगों की हत्या, नए नेतृत्व से जुड़े बलों या व्यक्तियों ने की है. इस नेतृत्व की अगुवाई अन्तरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा वाला राष्ट्रीय अन्तरिम शासन प्राधिकरण कर रहा है.

असद के वफ़ादार लड़ाकों ने 6 मार्च को शुरू हुए “गिरफ़्तारी अभियान” के जवाब में, अन्तरिम सरकार के सैकड़ों सैनिकों को मार डाला या घायल कर दिया. 

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हिंसा के बाद लूटपाट, घरों में आगज़नी और लाखों आम लोगों का विस्थापन हुआ. 

अनुमान है कि कुल 1400 लोग मारे गए, जिनमें ज़्यादातर आम लोग थे.

इनमें वयस्क पुरुषों समेत लगभग 100 महिलाएँ, बुजु़र्ग, विकलांग और बच्चे भी थे.

निर्ममता और भयावहता

संयुक्त राष्ट्र आयोग के अनुसार, कई मामलों में पीड़ितों की पहचान सिर्फ़ उनके अलावाइट होने के कारण की गई. उन्हें गाँव या मोहल्लों से अलग ले जाकर गोली मार दी गई.

उन लोगों के शव कई दिनों तक सड़कों पर पड़े रहे, परिवारों को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दफ़नाने से रोका गया, और कई को बिना पहचान दर्ज किए सामूहिक क़ब्रों में दफ़ना दिया गया. 

इसके अलावा, अस्पतालों में शवों का ढेर भी लग गया था.

कुछ घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रकाशित किए गए, जिनमें नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार और अपमान के दृश्य शामिल थे.

जाँच और साक्ष्य

यह रिपोर्ट 200 से अधिक पीड़ितों और गवाहों से की गई बातचीत पर आधारित है, जिनमें लताकिया और टार्टस के लोग भी शामिल हैं.

जाँचकर्ताओं ने तीन सामूहिक क़ब्रिस्तानों का दौरा किया और वरिष्ठ सीरियाई सरकारी अधिकारियों से मुलाक़ात की.

अलावाइट समुदाय आज भी, अपहरण, मनमाने ढंग से गिरफ़्तारी, जबरन गुमशुदगी, सम्पत्ति की लूट और क़ब्ज़े जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है. 

सुरक्षा और जवाबदेही की मांग

संयुक्त राष्ट्र आयोग ने ज़ोर दिया कि अन्तरिम सरकार को इन समुदायों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए. 

जाँच आयोग के एक आयुक्त लिन वेल्चमैन ने कहा, “मार्च की घटनाओं में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों को तुरन्त सक्रिय ड्यूटी से हटाया जाना चाहिए और गहन जाँच की जानी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों में भर्ती से पहले छंटनी प्रक्रिया को मज़बूत किया जाए, ताकि गम्भीर उल्लंघनों में शामिल लोग फिर से किसी पद पर न आ सकें.

गृहयुद्ध के बाद का विभाजन

सीरिया का 14 साल लम्बा गृहयुद्ध, दिसम्बर 2024 में तब समाप्त हुआ जब विपक्षी बलों ने राजधानी दमिश्क पर क़ब्ज़ा करके, असद को सत्ता से बाहर कर दिया. इसमें हयात तहरीर अल-शाम (HTS) भी शामिल था.

हालाँकि, इस दौरान हुई चरम हिंसा ने समुदायों के बीच खाई को और गहरा कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र आयोग के अध्यक्ष पाउलो पिन्हेरो ने कहा, “देश भर में भय और असुरक्षा का माहौल है. हमें सभी अपराधियों के ख़िलाफ़, उनकी सम्बद्धता या रैंक की परवाह किए बिना, जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी.” 

उन्होंने आगाह किया कि हिंसा के पैमाने को देखते हुए न्याय की प्रक्रिया को और व्यापक बनाना ज़रूरी है.