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युवा शक्ति के हाथों में है टिकाऊ भविष्य की बागडोर

दो युवा, इथियोपिया के अदीस अबाबा में शहरी खेती की एक पहल में हिस्सा ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य स्थानीय बच्चों और किशोरों को सस्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है.
© UNICEF/Frank Dejong दो युवा, इथियोपिया के अदीस अबाबा में शहरी खेती की एक पहल में हिस्सा ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य स्थानीय बच्चों और किशोरों को सस्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है.

युवा शक्ति के हाथों में है टिकाऊ भविष्य की बागडोर

एसडीजी

दुनिया की आधी से अधिक आबादी 30 वर्ष से कम आयु की है. जुवजन, जलवायु परिवर्तन से लेकर समानता तक हर मोर्चे पर बदलाव की अगुवाई कर रहे हैं. मंगलवार को अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस पर, युवाओं की शक्ति को उजागर किया जा रहा हैजिससे युवजन अपने समुदायों और पूरे विश्व में परिवर्तन ला सकते हैं.

हर साल 12 अगस्त को मनाया जाने वाला अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस, दुनिया भर के युवजन के अधिकारों, योगदान और चुनौतियों पर ध्यान केन्द्रित करता है.

इस वर्ष की थीम है - “एसडीजी और उससे आगे के लिए स्थानीय युवा कार्रवाई.” 

यह थीम इस बात पर ज़ोर देती है कि सतत विकास लक्ष्यों (SDGs)को हासिल करने और एक न्यायपूर्ण समाज बनाने में ज़मीनी स्तर पर युवाओं की सक्रिय भागेदारी बेहद आवश्यक है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने सन्देश में कहा है, “युवजन, साहसी नवप्रवर्तक हैं, जो संगठित और सहनसक्षमता से काम करते हुए सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं."

"वे न केवल सतत विकास को गति दे रहे हैं, बल्कि समावेशी समाज का निर्माण कर रहे हैं, शान्ति स्थापित कर रहे हैं और एक न्यायपूर्ण एवं हरित भविष्य की माँग कर रहे हैं.”

युवा-नेतृत्व वाले समाधान प्रभावी

एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया भर के युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा, “हर युवा की आवाज़, हर युवा के विचार और हर युवा का नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण है.”

उन्होंने आहवान किया, “आइए, हम युवजन द्वारा सुझाए गए समाधानों का एकजुट होकर समर्थन करें और ज़मीनी स्तर से एक न्यायपूर्ण, शान्तिपूर्ण एवं टिकाऊ विश्व का निर्माण करें.”

बेहतर भविष्य की उम्मीद

आज की युवा पीढ़ी अभूतपूर्व वैश्विक बदलाव के दौर से गुज़र रही है. संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार, दुनिया की आधी आबादी 30 वर्ष या उससे कम आयु की है, और 2030 तक यह संख्या बढ़कर 57 प्रतिशत हो जाएगी. 

2050 तक, 25 वर्ष से कम आयु के युवा, विश्व के कार्यबल का 90 प्रतिशत हिस्सा होंगे.

26 देशों के 27 हज़ार से अधिक लोगों पर किए गए एक वैश्विक सर्वेक्षण में पाया गया कि 67 प्रतिशत लोग बेहतर भविष्य में विश्वास करते हैं, जिनमें 15 से 17 वर्ष के किशोर सबसे अधिक आशावादी हैं. 

हालाँकि, अपार सम्भावनाओं के बावजूद, युवाओं को आज भी कई संरचनात्मक एवं प्रणालीगत चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

दक्षिणी बांग्लादेश के एक शरणार्थी शिविर में रोहिंज्या समुदाय के युवकों को बिजली मिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
© UNICEF/Siegfried Modola

रोज़गार की कमी

वैश्विक स्तर पर युवाओं में बेरोज़गारी 15 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर है, लेकिन इसके बावजूद यह दर अब भी 13 प्रतिशत बनी हुई है.

10 से 19 वर्ष के किशोरों में हर सात में से एक किशोर, मानसिक स्वास्थ्य विकार से पीड़ित हैं. निम्न और मध्यम आय वाले देशों में लगभग 10 साल के 10 में से 6 बच्चे एक साधारण लेख को पढ़ने और समझने में सक्षम नहीं हैं.

अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस 2025 का उद्देश्य केवल इन चुनौतियों को उजागर करना ही नहीं, बल्कि उन समाधानों को भी प्रस्तुत करना है, जिन्हें युवा अपने समुदायों, शहरों और देशों में स्वयं विकसित कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, वैश्विक बदलाव की शुरुआत स्थानीय समुदायों से होती है, और आज दुनिया के हर कोने में युवा ही इस बदलाव की अगुवाई कर रहे हैं.”

नैरोबी में वैश्विक आयोजन 

इस वर्ष का आधिकारिक अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस समारोह केनया की राजधानी नैरोबी में आयोजित होगा. इसे सतत शहरी विकास पर केन्द्रित संयुक्त राष्ट्र एजेंसी UN-Habitat के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है.

मंगलवार को होने वाले इस कार्यक्रम में युवा नेता, नगर अधिकारी, नीति निर्माता और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि एक साथ जुटकर, स्थानीय विकास में युवजन की भागेदारी को सुदृढ़ करने के लिए समाधान एवं रणनीतियाँ प्रस्तुत करेंगे.

 संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1995 में अपनाई गई ‘युवाओं के लिए कार्रवाई की विश्व कार्ययोजना’ के आधार पर, वर्ष 1999 में अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस की घोषणा की थी.