‘सुरक्षित समुद्र हैं वैश्विक समृद्धि की कुंजी’ सुरक्षा परिषद में चर्चा
समुद्री परिवहन यानि नौवहन, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम है, जहाँ से प्रतिदिन एक लाख जहाज़, विश्व व्यापार का लगभग 80 प्रतिशत सामान ढोते हैं. मगर समुद्री परिवहन इतना महत्वपूर्ण होने के बावजूद अब भी, राजनैतिक तनावों और अन्तरराष्ट्रीय अपराध के कारण होने वाले व्यवधानों से घिरा हुआ नज़र आता है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सोमवार को, पनामा समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने और साथ ही उभरती चुनौतियों का समाधान करने के मुद्दे पर एक चर्चा का आयोजन किया. पनामा अगस्त महीने के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है.
अन्तरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिन्गुएज़ ने सुरक्षा परिषद को बताया कि वर्ष 2024 में, केवल 19 लाख नाविकों के कार्यबल ने, 12 अरब 30 करोड़ टन से अधिक माल का परिवहन किया, जिससे "वैश्विक व्यापार को सचल" रखा गया.
उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र, भू-राजनैतिक चुनौतियों का सामना करने में "उल्लेखनीय रूप से सहनशील" साबित हुआ है.
उन्होंने आगाह भी किया "फिर भी सहनशीलता से, आत्मसन्तुष्टि नहीं मिल सकती. आर्थिक स्थिरता, सतत समुद्री विकास और आजीविका के लिए, समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और संरक्षा बहुत आवश्यक है."
तरह-तरह के जोखिम
ख़तरे अनगिनत हैं. केवल 2024 में ही समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती की लगभग 150 घटनाएँ दर्ज की गईं.
अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (INTERPOL) के अनुसार, दक्षिण पूर्व एशिया जैसे कुछ क्षेत्रों में, घटनाएँ बढ़ रही हैं.
ग़ाज़ा में युद्ध के सन्दर्भ में, समुद्री डकैती के अलावा, लाल सागर में चलने वाले अन्तरराष्ट्रीय जहाज़ों पर भी हमले हुए हैं.
इस बीच, तस्करी जारी है - जिसमें नशीले पदार्थ, लुप्तप्राय वन्यजीव और संरक्षित लकड़ी शामिल हैं, और संगठित अपराध समूह अपनी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की ख़ातिर हथियार, मानव बलऔर अवैध सामान के परिवहन के लिए आपराधिक आपूर्ति श्रृंखलाओं का उपयोग कर रहे हैं.
एक 'नैटवर्क' पर जोखिम
इंटरपोल के महासचिव वैल्डेसी उरक़ीज़ा ने कहा कि समुद्री मार्ग "दुनिया के पहले वास्तविक वैश्विक नैटवर्क" थे, जो हज़ारों वर्षों से दूर-दराज़ के तटों को जोड़ते रहे हैं.
उन्होंने सुरक्षा परिषद को बताया, "आज, और पहले से कहीं ज़्यादा भी, उसी नैटवर्क का शोषण अपराधी कर रहे हैं जिससे नौवहन, व्यापार, संचार – और साथ ही, सतत विकास के लिए आवश्यक वैश्विक स्थिरता को ख़तरा पैदा हो रहा है."
उन्होंने कहा कि समुद्र में विभिन्न तरह के अपराध बढ़ने से, नए और कम दिखाई देने वाले ख़तरों के उभरने के साथ-साथ, "अपराधी अधिक मज़बूत बने रहे हैं और क़ानूनी कार्रवाई करना ज़्यादा जटिल हो रहा है.
इसके अलावा, "साइबर अपराधी कृत्रिम बुद्धिमत्ता को हथियार बनाकर, ज़्यादा तेज़ी, बड़े दायरे वाले और सटीकता के साथ हमले कर सकते हैं."
वैश्विक समन्वय, पर्यावरणीय कार्रवाई
IMO ने इस स्थिति का सामना करने के लिए बाध्यकारी अनिवार्य आवश्यकताएँ तैयार की हैं. इनमें अन्तरराष्ट्रीय जहाज़ और बन्दरगाह सुरक्षा के साथ-साथ, साइबर सुरक्षा ख़तरों से निपटने के उपाय भी शामिल हैं.
यूएन समुद्री एजेंसी ने सूचना साझा किए जाने सहित क्षेत्रीय क्षमता बढ़ाने वाली परियोजनाओं का भी समर्थन किया है.
ये आवश्यकताएँ, संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय - UNODC, इंटरपोल, क्षेत्रीय संस्थाओं और दान दाता देशों के साथ साझेदारी स्थापित करने के अतिरिक्त हैं. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय क्षमताओं को मज़बूत करना और विश्वास बढ़ाना है.
IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिन्गुएज़ ने कहा, "हम, समुद्री सुरक्षा पर ध्यान देते हुए, महासागर की रक्षा करने की अपनी ज़िम्मेदारी से मुँह नहीं मोड़ सकते."
"समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चलते हैं. तेल रिसाव सहित, समुद्री प्रदूषण की घटनाओं से निपटने के लिए प्रतिक्रिया क्षमताओं को विकसित करने और बढ़ाने के लिए देशों को समर्थन लगातार जारी रहना चाहिए."