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अफ़ग़ानिस्तान वापिस लौट रही महिलाओं के लिए बढ़ते ख़तरों की चेतावनी

अफ़ग़ानिस्तान में लड़कियों को माध्यमिक स्तर की शिक्षा से दूर कर दिया गया है.
© UNICEF/Osman Khayyam
अफ़ग़ानिस्तान में लड़कियों को माध्यमिक स्तर की शिक्षा से दूर कर दिया गया है.

अफ़ग़ानिस्तान वापिस लौट रही महिलाओं के लिए बढ़ते ख़तरों की चेतावनी

प्रवासी और शरणार्थी

ईरान और पाकिस्तान से, अफ़ग़ानिस्तान वापिस लौट रहीं महिलाओं और लड़कियों को अनेक तरह के गम्भीर ख़तरों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें तुरन्त व दीर्घकालिक सहायता की सख़्त ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है. 

यूएन वीमैन, अन्तरराष्ट्रीय एजेंसी केयर (CARE) और साझीदार संगठनों ने गुरूवार को एक रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि ये महिलाएँ ग़रीबी, बाल विवाह, हिंसा और बुनियादी अधिकारों के हनन जैसे गम्भीर ख़तरों का सामना कर रही हैं. 

ख़ासतौर पर ऐसे माहौल में, जब तालेबान शासन में महिलाओं की आज़ादी पर भारी पाबन्दियाँ लगी हैं.

सितम्बर 2023 से, अब तक 24 लाख से ज़्यादा अफ़ग़ान प्रवासी, बिना दस्तावेज़ों के ईरान और पाकिस्तान से वापिस लौट चुके हैं या उन देशों से जबरन निकाले गए हैं.

इनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और लड़कियाँ हैं, जिनमें कई तो पहली बार अफ़ग़ानिस्तान आ रही हैं. उनके पास न घर है, न आमदनी और न ही शिक्षा या स्वास्थ्य तक पहुँच.

अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान शासन ने महिलाओं व लड़कियों पर अनेक तरह की पाबन्दियाँ लगाई हुई हैं.
© UNFPA

मुश्किल होते हालात

यूएन वीमेन की प्रतिनिधि सुसैन फ़र्ग्यूसन ने कहा है कि ये महिलाएँ, जब अपना सब कुछ खोकर, ऐसे समुदायों में वापिस पहुँचती हैं जो पहले से ही संकटों में डूबे हुए हैं, तो उनके लिए हालात और भी मुश्किल हो जाते हैं. 

वे सम्मान के साथ दोबारा ज़िन्दगी शुरू करना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए ठहरने की जगह, शिक्षा, रोज़गार और महिला राहतकर्मियों की मदद की ज़रूरत है… जिसके लिए और अधिक वित्तीय सहायता की ज़रूरत है.

रिपोर्ट बताती है कि केवल 10 प्रतिशत महिला-प्रधान परिवारों के पास स्थाई निवास है, जबकि लगभग 40 प्रतिशत को बेदख़ली का डर है. 

इसके अलावा, लड़कियों के लिए माध्यमिक शिक्षा पूरी तरह से बन्द है.

इस संकट में महिला राहतकर्मी अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन विदेशी सहायता में कटौती और तालेबान द्वारा लगाई गईं अनेक तरह की पाबन्दियाँ, उनके काम में रुकावट पैदा कर रही हैं.

अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच टोरख़म सीमा पर एक महिला को व्हीलचेयर पर ले जाया जा रहा है.
© UNHCR/Oxygen Empire Media Production

वैश्विक समर्थन की मांग

अफ़ग़ानिस्तान में CARE के निदेशक ग्रैहम डेविडसन कहते हैं, “हम हर दिन बेहद दुखद हालात देख रहे हैं. महिलाएँ और बच्चे बेघर, डरे हुए और निराश लौट रहे हैं. उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान, बुनियादी सेवाएँ और सुरक्षा दी जानी होगी.”

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने अपील की है कि अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ी से बढ़ती वापसी की लहर से निपटने के लिए, वैश्विक समर्थन बढ़ाया जाए.

पाकिस्तान सरकार द्वारा अपने यहाँ अफ़ग़ान लोगों के ठहरने की अवधि नहीं बढ़ाने के हाल के फै़सले के बाद, 10 लाख से अधिक अफ़ग़ान लोगों के वापस लौटने की सम्भावना है.

IOM, अफ़ग़ानिस्तान की प्रमुख सीमाओं पर चार स्वागत केन्द्र चला रहा है और बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग कर रहा है.