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ग़ाज़ा: इसराइली बन्धकों के वीडियो और रैड क्रेसेंट पर इसराइली हमले से भारी नाराज़गी

उत्तरी गाजा में इजरायली ज़िकिम चेकपोस्ट से सहायता की तलाश में हजारों फिलिस्तीनी पहुंचते हैं, जिनमें से कुछ ट्रकों पर सवार होते हैं और कुछ क्षतिग्रस्त इमारतों के बीच थैले उठाए हुए होते हैं।
United Nations ग़ाज़ा में भोजन सामग्री के अभाव में लाखों लोग, भुखमरी से जूझ रहे हैं और अकाल के हालात बहुत नज़दीक हैं.

ग़ाज़ा: इसराइली बन्धकों के वीडियो और रैड क्रेसेंट पर इसराइली हमले से भारी नाराज़गी

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ग़ाज़ा अब अकाल के बहुत निकट है. मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने, ग़ाज़ा में भूख से तड़पते लोगों की तस्वीरों को “हमारी सामूहिक मानवता के लिए एक अपमान” बताया है.

फ़लस्तीनी इस्लामी जिहाद और हमास के चरमपंथियों ने, हाल ही में दो इसराइली बन्धकों के वीडियो जारी किए, जिनमें वे दोनों बुरी तरह कुपोषित दिखाई दे रहे हैं. इन वीडियो पर व्यापक आक्रोष देखने को मिला है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश व अन्य यूएन हस्तियों ने, इस घटनाक्रम की निन्दा की है.

ये दोनों लोग उन 49 बन्धकों में शामिल हैं जिन्हें ग़ाज़ा में रखा गया है. इसराइली बल ने इनमें से 27 बन्धकों की मौत की पुष्टि की है.

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यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बन्धकों के वीडियो दिखाए जाने के इस घटनाक्रम को, "मानव गरिमा का अस्वीकार्य उल्लंघन" बताते हुए गहरी चिन्ता व्यक्त की.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव टॉम फ़्लैचर और मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने सभी बन्धकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की.

सहायता कर्मियों पर हमला

इसराइली सेना ने रविवार को ख़ान यूनिीस में स्थित फ़लस्तीनी रैड क्रेसेंट सोसाइटी के मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई और 3 घायल हुए हैं. 

जबकि यह केन्द्र अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के तहत संरक्षित है. 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने इस हमले पर गहरा क्रोध और आक्रोश व्यक्त किया और कहा, “ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचा रहे हैं.”

WHO के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेब्रेयेसस ने बताया कि ग़ाज़ा में, शुक्रवार से 24 ट्रकों के ज़रिए चिकित्सा सामग्री पहुँचाई गई है, जिनमें ज़रूरी दवाएँ, सर्जरी और जल परीक्षण की सामग्री शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने सोमवार को बताया कि हाल के दिनों में गेहूँ, तैयार भोजन और अन्य राहत सामग्री भी ग़ाज़ा में पहुँचाई गई है, लेकिन अधिकतर सामग्री, ज़रूरतमन्द लोग रास्ते में से ही ले गए क्योंकि वे बहुत भूखे थे.

इसराइल द्वारा संयुक्त राष्ट्र के राहत क़ाफ़िलों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए  रणनैतिक विराम मुहैया कराने की घोषणा किए हुए , वैसे तो दो सप्ताह बीत चुके हैं, मगर उप प्रवक्ता हक़ का कहना है कि ज़मीनी हालात अब भी लगभग वैसे ही बने हुए हैं.

अकाल जैसे हालात

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने रविवार को कहा कि ग़ाज़ा में 5 लाख से अधिक लोग "अकाल जैसे हालात" में जीवन रहे हैं. 

संयुक्त राष्ट्र की फ़लस्तीनी सहायता एजेंसी - UNRWA ने सोमवार को एक स्थानीय कर्मचारी का ऑडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, “यहाँ भोजन कभी पर्याप्त नहीं होता. लोग भोजन व दवाइयों की खोज में, घंटों धूप में भटकते रहते हैं.”

UNRWA के महाआयुक्त फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा कि ग़ाज़ा में जारी मानवीय संकट, इसराइल और अमेरिका समर्थित मानवतावादी संस्था - GHF द्वारा, संयुक्त राष्ट्र की सहायता प्रणाली को जानबूझकर कमज़ोर करने के परिणामस्वरूप बना है.

ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, GHF की गतिविधियों के कारण अब तक 1400 से अधिक फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.

महाआयुक्त लज़ारिनी ने बताया कि 2 मार्च से, UNRWA को ग़ाज़ा में सहायता पहुँचाने से रोक दिया गया है, जबकि यह संस्था ग़ाज़ा में राहत कार्यों की "रीढ़" मानी जाती है.