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ग़ाज़ा में इसराइल के ‘सैन्य हमलों में विरामों’ के बावजूद बच्चे भुखमरी के चंगुल में

ग़ाज़ा में अकाल पड़ने के लिए, अत्यन्त भयावह हालात बन रहे हैं. बच्चे कुपोषण और भुखमरी के कारण मौत के मुँह में जा रहे हैं.
UN News
ग़ाज़ा में अकाल पड़ने के लिए, अत्यन्त भयावह हालात बन रहे हैं. बच्चे कुपोषण और भुखमरी के कारण मौत के मुँह में जा रहे हैं.

ग़ाज़ा में इसराइल के ‘सैन्य हमलों में विरामों’ के बावजूद बच्चे भुखमरी के चंगुल में

शान्ति और सुरक्षा

ग़ाज़ा में इसराइली बलों द्वारा घोषित दैनिक "सैन्य हमलों में विरामों" के बावजूद, मानवीय स्थितियाँ भयावह बनी हुई हैं, बच्चे भूख से मर रहे हैं, सहायता कर्मी असीम बोझ तले दबे हुए हैं, और ईंधन व पानी की आपूर्ति बेहद कम है.

संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने बुधवार को न्यूयॉर्क में नियमित प्रैस वार्ता में बताया कि इसराइल द्वारा सहायता विरामों की घोषणा के चार दिन बाद भी, "हम अब भी, मदद मांगने वाले लोगों के हताहत होने और भूख व कुपोषण के कारण और भी मौतें होती देख रहे हैं."

प्रवक्ता ने कहा कि माता-पिता "अपने भूखे बच्चों को बचाने के लिए जद्दोजेहद कर रहे हैं" और आगाह किया कि सहायता सामग्री पहुँचाने की मौजूदा स्थितियाँ "पर्याप्त नहीं हैं."

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संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने कहा है कि वैसे ते, इसराइल द्वारा घोषित इकतरफ़ा विरामों के दौरान, सहायता सामग्री की आपूर्ति करने के लिए हर उपलब्ध अवसर का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन ज़रूरतों का दायरा, मौजूदा सहायता आपूर्ति से कहीं अधिक है.

उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने कहा, "स्थाई युद्धविराम की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है."

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि "केवल इकतरफ़ा सहायता विराम, ग़ाज़ा में भारी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ज़रूरी सहायता सामग्री की आपूर्ति के निरन्तर प्रवाह की अनुमति नहीं दे रहे हैं."

पहुँच है बहुत कठिन

ज़रूरतमन्द लोगों तक सहायता सामग्री की आपूर्ति करने के लिए पहुँचने में बहुत बड़ी बाधाएँ आ रही हैं.

सहायता सामग्री से भरे ट्रकों को, कैरेम शेलॉम/कैरेम अबू सलेम सीमा चौकी से प्रवेश के लिए, इसराइली अधिकारियों से कई स्तरों की मंज़ूरी की ज़रूरत होती है - जिसमें सुरक्षित मार्ग, बमबारी बन्द होना और बन्द दरवाज़ों को खोलना शामिल है.

उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने कहा, "मंगलवार को, तीन स्वीकृत मिशनों के ज़रिए, हमारे कर्मचारियों को कैरेम शेलॉम और ज़िकिम सीमा चौकियों से, सहायता सामग्री उठाने की अनुमति दी जिसमें खाद्य सामग्री भरी हुई थी. साथ ही, ग़ाज़ा के भीतर ईंधन पहुँचाने की भी अनुमति मिली."

"अलबत्ता, अन्य मिशनों को बाधाओं का सामना करना पड़ा, ख़ासकर इसराइली अधिकारियों से आगे बढ़ने की हरी झंडी मिलने में देरी हुई, और एक मिशन को रद्द करना पड़ा."

बच्चे भूख से तड़प रहे हैं

यूनीसेफ़ के संचार प्रबन्धक रिकार्डो पाइरेस, इसी सप्ताह ग़ाज़ा से लौटे हैं और उन्होंने भी ऐसे ही हालात बताए हैं.

उन्होंने यूएन न्यूज़ को बताया, "स्थिति बिल्कुल विनाशकारी है. बच्चे भोजन और सहायता पाने की कोशिश में मौत के मुँह में जा रहे हैं और घायल हो रहे हैं, साथ ही कुपोषण और भूख से जूझ रहे हैं."

रिकार्डो पाइरेस ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की नवीनतम चेतावनी के अनुसार ग़ाज़ा में, अकाल घोषित करने के लिए, तीन में से दो मानदंड पूरे हो चुके हैं.

यूनीसेफ़ और अन्य एजेंसियाँ भी बुनियादी ढाँचे के पतन से जूझ रही हैं.

बच्चों के लिए कष्टों का अन्तहीन सिलसिला

रिकार्डो पाइरेस ने कहा, "हम मानव निर्मित सूखा पड़ने के कगार पर हैं." जल उत्पादन के केवल 40 प्रतिशत साधन ही काम कर रहे हैं, और बच्चे दूषित स्रोतों की ओर रुख़ कर रहे हैं, जिससे घातक बीमारियाँ फैलने का ख़तरा है.

उन्होंने कहा, "बच्चे अपने भीतर पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं, वे दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे वे बीमार पड़ेंगे, घातक बीमारियों या दस्त के प्रकोप से और कुछ मामलों में, मेनिन्जाइटिस से भी बीमार होंगे."

"यह स्थिति, बच्चों के लिए कष्टों का एक अन्तहीन सिलसिला है."