यूक्रेन की एक जेल पर रूसी हमले में 16 लोगों की मौत
यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निगरानी मिशन (HRMMU) ने कहा है कि यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी ज़ैपोरिझझिया क्षेत्र की एक जेल पर सोमवार को हुए हमले में, कथित तौर पर 16 क़ैदी मारे गए और लगभग 100 घायल हो गए. मिशन ने ऐसे हमलों को, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बताया है.
इस बीच, यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ख़ारकीव में मंगलवार को हुए एक अन्य हमले में, कथित तौर पर पाँच लोग मारे गए और तीन घायल हो गए.
अधिकारियों के अनुसार, रूसी सशस्त्र बलों ने, 28 जुलाई को बिलेनकिव्सका कॉलोनी में कई शक्तिशाली ग्लाइड बम गिराए. यह जेल, ज़ैपोरिझझिया क्षेत्र में, युद्ध की अग्रिम पंक्ति से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है.
मिशनके अनुसार, हमले में मारे गए सभी लोग क़ैदी थे. मिशन अतिरिक्त जानकारी जुटाने के लिए जल्द से जल्द घटनास्थल का दौरा करने की योजना बना रहा है.
रूस ने हमले की ज़िम्मेदारी लेने से इनकार किया है.
अन्तरराष्ष्ट्रीय क़ानून का संरक्षण
मिशन की प्रमुख डेनियेल बेल का कहना है, "क़ैदी भी नागरिक हैं, और उन्हें अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के तहत संरक्षण मुहैया कराया जाना चाहिए."
अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के अनुसार, हमले केवल सैन्य ठिकानों पर ही होने चाहिए, न कि नागरिकों या नागरिक वस्तुओं पर. चूँकि जेल एक सिविल स्थल है, इसलिए उस पर तब तक हमला नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कि उसका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा रहा हो.
नागरिक ठिकानों पर घातक हमले
रूसी सेना ने कथित तौर पर, सोमवार को ही निप्रॉपेत्रोस क्षेत्र के कामियांस्के इलाक़े में एक अस्पताल के पास हमला किया.
अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में अस्पताल और उसके प्रसूति वार्ड को नुक़सान पहुँचा, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 22 जन घायल हो गए.
मृतकों में कम से कम दो मरीज़ बताए गए हैं, जिनमें एक गर्भवती महिला भी है.