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ग़ाज़ा में 'भयावह भुखमरी' की चेतावनी, उधर इसराइल द्वारा मानवीय राहत के लिए कुछ 'मोहलत'

ग़ाज़ा में इसराइल की युद्धक गतिविधियों और पाबन्दियों के कारण, ज़रूरतमन्द लोगों तक मानवीय सहायता सामग्री नहीं पहुँच पा रही है जिससे लोग भूख से मौत के मुँह में जा रहे हैं.
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ग़ाज़ा में इसराइल की युद्धक गतिविधियों और पाबन्दियों के कारण, ज़रूरतमन्द लोगों तक मानवीय सहायता सामग्री नहीं पहुँच पा रही है जिससे लोग भूख से मौत के मुँह में जा रहे हैं.

ग़ाज़ा में 'भयावह भुखमरी' की चेतावनी, उधर इसराइल द्वारा मानवीय राहत के लिए कुछ 'मोहलत'

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने ग़ाज़ा में रविवार को, इसराइल द्वारा अपने सैन्य अभियानों में अस्थाई विराम लागू किए जाने की घोषणा का स्वागत किया है. इसराइल की युद्धक गतिवधियों में इस घोषित दैनिक विराम का उद्देश्य, भीषण रूप में तबाह हो चुके पूरे ग़ाज़ा पट्टी क्षेत्र में, आवश्यक सहायता सामग्री की आपूर्ति को आसान बनाना बताया गया है.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और सहायता कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि ग़ाज़ा में, भुखमरी अपना शिकंजा मज़बूत और व्यापक बनाती जा रही है और "बच्चे हमारी आँखों के सामने दम तोड़ रहे हैं". 

ऐसे में इसराइल द्वारा घोषित ये उपाय, उस अत्यन्त आवश्यक युद्धविराम और सहायता सामग्री की निर्बाध आपूर्ति से बहुत कम हैं, जो इस बढ़ती मानवीय तबाही को रोकने में मदद कर सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ़्लैचर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है, "ग़ाज़ा में मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए, युद्धक गतिविधियों में विराम किए जाने की घोषणा का स्वागत है."

"हम धरातल पर मौजूद अपनी टीमों के सम्पर्क में हैं, जो इस समय सीमा में, ज़्यादा से ज़्यादा भूखे लोगों तक पहुँचने की पूरी कोशिश करेंगी."

इसराइली पाबन्दी के कारण, पर्याप्त सहायता सामग्री, ग़ाज़ा में दाख़िल नहीं हो पा रही है.
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संयुक्त राष्ट्र के मानवीय राहत समन्वय कार्यालय (OCHA) के एक वक्तव्य में टॉम फ़्लैचर ने कहा कि आज कुछ आवाजाही प्रतिबन्धों में ढील दी गई है, और शुरुआती ख़बरों से संकेत मिलता है कि 100 से ज़्यादा ट्रक सामग्री, प्राप्त किया गया है.

उन्होंने कहा, “यह सुखद बढ़त है, मगर अकाल और एक भयावह स्वास्थ्य संकट को रोकने के लिए, भारी मात्रा में सहायता सामग्री वितरित किए जाने की आवश्यकता है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और मानवीय समुदाय में, हम ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान बचाने के लिए जुटे हुए हैं.”

लेकिन उन्होंने साथ ही “निरन्तर और तेज़ कार्रवाई” का आहवान किया, जिसमें सीमा चौकी पर पहुँचने वाले और गाज़ा में भेजे जाने वाले क़ाफ़िलों को, इसराइल द्वारा तेज़ी से मंज़ूरी देना भी शामिल है.

एक स्थाई युद्धविराम की आवश्यकता

टॉम फ़्लैचर ने कहा, “आख़िरकार, हमें [युद्धक गतिविधियों में] केवल कुछ विराम की ज़रूरत नहीं है – हमें एक स्थाई युद्धविराम की आवश्यकता है.”

उन्होंने साथ ही ज़ोर देकर कहा, “दुनिया इस जीवनरक्षक सहायता के पहुँचने का आहवान कर रही है. हम इसके लिए अथक प्रयास करना बन्द नहीं करेंगे.”

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यूनीसेफ़ ने भी ऐक्स के माध्यम से कहा है, “यह [विराम], इस आपदा को उलटने और जान बचाने का एक अवसर है.”

एजेंसी के अनुसार, मार्च में युद्धविराम टूटने के बाद से, बच्चे एक दुःस्वप्न में फँस गए हैं और जीवित रहने के लिए बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं.

यूनीसेफ़ ने आगे कहा, "ग़ाज़ा में बीस लाख से ज़्यादा लोगों की पूरी आबादी गम्भीर रूप से खाद्य असुरक्षा की स्थिति में है. हर तीन में से एक व्यक्ति ने, कई दिनों से कुछ नहीं खाया है, और भुखमरी से हुई मौतों में 80 प्रतिशत बच्चे हैं."

यूनीसेफ़ ने ज़ोर देकर कहा कि हालाँकि उसने कभी भी सहायता सामग्री की आपूर्ति करना बन्द नहीं किया है, "अगर हमारे क़ाफ़िलों – और ज़रूरी व्यावसायिक ट्रकों – की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए, अतिरिक्त मानवीय सहायता गलियारे बनाए जाएँ, तो हम और भी बहुत कुछ कर सकते हैं."

ये विराम जारी रहे तो 'एक जीवन रेखा’

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने भी इसराइल द्वारा युद्धक गतिविधियों में अस्थाई विराम की घोषणा और ग़ाज़ा में सहायता क़ाफ़िलों के लिए निर्दिष्ट मानवीय गलियारे खोलने के उसके इरादे का स्वागत किया. एजेंसी अनुसार ग़ाज़ा में "...भुखमरी भयावह स्तर पर पहुँच गई है."

लगभग पाँच लाख लोग अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं और एक तिहाई आबादी, कई दिनों से बिना भोजन के रह रही है.

ऐसे में WFP ने एक प्रैस वक्तव्य में कहा है कि अगर इन उपायों को लागू किया जाए और इन्हें आगे भी जारी रखा जाए, तो ये जीवन रेखा साबित हो सकते हैं.

सहायता सामग्री की हाल ही में की गई आपूर्ति के बावजूद, सहायताकर्मियों को अत्यधिक जोखिम और रसद सम्बन्धी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. इस आपूर्ति में, पिछले सप्ताह 350 ट्रकों में सामान पहुँचाया जाना भी शामिल है

WFP ने कहा कि उसके पास ग़ाज़ा के 21 लाख निवासियों को, तीन महीने तक खिलाने के लिए पर्याप्त भोजन का भंडार है या भंडारों में पहुँचने के रास्ते में है, लेकिन युद्धविराम लागू हुए और निरन्तर पहुँच के बिना, ज़रूरतों का स्तर, मौजूदा प्रयासों से कहीं अधिक है.

एजेंसी ने ज़ोर देकर कहा, "सभी लोगों तक पहुँचने का एकमात्र तरीक़ा एक सहमत युद्धविराम है."

'पूरी तरह से रोके जा सकने वाला संकट'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चेतावनी दी है कि ग़ाज़ा में कुपोषण नियंत्रण से बाहर हो रहा है, और मौतों में तेज़ वृद्धि हो रही है जो अधिकतर जुलाई में दर्ज की गई है. यह वृद्धि हालात को बेहद "ख़तरनाक" बनाती है.

ग़ाज़ा में इस साल कुपोषण से 74 लोगों की मौतें हुई हैं जिनमें से 63 मौतें, केवल जुलाई महीने हुईं. इनमें पाँच साल से कम उम्र के 24 बच्चे भी हैं.

बहुत से लोग चिकित्सा सुविधा मिलने से पहले ही मौत का निवाला बन गए, उनके शरीर में गम्भीर दुर्बलता के लक्षण दिखाई दे रहे थे.

ग़ाज़ा में भुखमरी के हालात.
© UNICEF/Mohammed Nateel

WHO ने एक प्रैस विज्ञप्ति में, मृतक संख्या में बढ़ोत्तरी के लिए, सहायता आपूर्ति में जानबूझकर बाधा डाले जाने को ज़िम्मेदार बताते हुए कहा है, "यह संकट पूरी तरह से रोका जा सकता है."

बच्चे इसका ख़ामियाज़ा भुगत रहे हैं. जुलाई में 5,000 से ज़्यादा बच्चों का कुपोषण का इलाज किया जा चुका है, जिनमें से कई बच्चों की हालत बेहद गम्भीर है.

WHO के अनुसार, केवल भूख ही लोगों की जान नहीं ले रही है - बल्कि भोजन की बेताब तलाश भी, लोगों की जान ले रही है.

ग़ौरतलब है कि मई से लेकर अब तक, सहायता सामग्री प्राप्त करने की कोशिश में 1,000 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 7,000 से ज़्यादा घायल हुए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने, तत्काल युद्धविराम और विविध, पौष्टिक खाद्य एवं चिकित्सा सामग्री की निरन्तर आपूर्ति का आहवान किया है.