सीरिया: सुवैदा में साम्प्रदायिक हिंसा तेज़, हज़ारों बेघर, बुनियादी सेवाएँ चरमराईं
सीरिया के सुवैदा प्रान्त में जारी साम्प्रदायिक हिंसा ने बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापन के लिए विवश कर दिया है. इस बीच, मानवीय संगठन प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को न्यूयॉर्क में दैनिक प्रै वार्ता में बताया कि सुवैदा, पड़ोसी दाराअ प्रान्त और राजधानी दमिश्क के ग्रामीण इलाक़ों में अब तक 93 हज़ार से अधिक लोग, हिंसा के कारण अपने घर छोड़ चुके हैं.
सुवैदा में अधिकांश विस्थापित लोग, स्थानीय समुदायों के साथ या 15 स्वागत केन्द्रों में रह रहे हैं, जबकि दाराअ में लगभग 30 सामूहिक शरणस्थल बनाए गए हैं.
हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा और सेवाएँ गम्भीर रूप से प्रभावित हुई हैं.
सुवैदा के कुछ अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्र अब काम नहीं कर रहे हैं, जल आपूर्ति का ढाँचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है.
साथ ही, बिजली आपूर्ति में भारी कटौती की गई है और खाद्य आपूर्ति भी बाधित हुई है.
राहत क़ाफ़िला पहुँचा सुवैदा
सीरियाई अरब रैड क्रैसेंट ने रविवार को पहला राहत क़ाफ़िला सुवैदा शहर और उसके सालखद ज़िले में पहुँचाया. यहाँ अधिकांश विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं.
इस क़ाफ़िले में 32 ट्रक थे, जिनके ज़रिए विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), यूनीसेफ़ (UNICEF) और अन्य साझीदारों की ओर से भोजन, पानी, दवाएँ और ईंधन जैसी सामग्री भेजी गई.
संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत समन्वयक (OCHA) टॉम फ़्लैचर ने सोशल मीडिया पर इस राहत की सराहना करते हुए कहा कि यह "बेहद ज़रूरी पहला क़दम" है, लेकिन "अभी और बहुत कुछ करने की ज़रूरत है."
प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र, सीरिया में सम्बन्धित पक्षों से बातचीत कर रहा है ताकि मानवीय सहायता की सीधी पहुँच सुनिश्चित की जा सके और आम लोगों की रक्षा की जा सके.
टॉम फ़्लैचर ने कहा, “हमारी टीमें जितना सम्भव हो सके, उतनी राहत पहुँचाने के लिए तैयार हैं.”
“हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे हिंसा की चपेट में आए लोगों की रक्षा करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुँचने व चिकित्सीय सहायता प्राप्त करने की स्वतंत्रता दें.”