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SDG प्राप्ति पर वैश्विक मंथन: स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, महासागर की तरफ़ ध्यान

न्यूयॉर्क में United Nations मुख्यालय के परिसर में सतत विकास लक्ष्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले एसडीजी ब्लॉक।
UN Photo/Manuel Elias यूएन मुख्यालय में 17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों को प्रदर्शित करते 17 स्तंभ.

SDG प्राप्ति पर वैश्विक मंथन: स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, महासागर की तरफ़ ध्यान

एसडीजी

2030 एजेंडा की समय सीमा नज़दीक आने के मद्देनज़र, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति हेतु कार्रवाई को गति देने पर बढ़ने लगा है. इस तरफ़ ध्यान आकर्षित करने के लिए, दुनिया भर के मंत्रीविशेषज्ञ और नागरिक समाज के प्रतिनिधि, न्यूयॉर्क में एक उच्चस्तरीय संयुक्त राष्ट्र मंच पर एकत्रित हो रहे हैं.

2025 का उच्चस्तरीय राजनैतिक मंच (High-Level Political Forum – HLPF) दो सफल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलनों के बाद आयोजित किया जा रहा है. 

इनमें से पहला सम्मेलन जून में फ्रांस के नीस शहर में महासागर संरक्षण पर केन्द्रित था, जबकि दूसरा स्पेन के सेविया शहर में आयोजित हुआ, जहाँ सतत विकास पहलों के लिए वित्तपोषण को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया.

सेविया सम्मेलन, सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक 4 ट्रिलियन डॉलर की वार्षिक वित्तीय कमी को तत्काल दूर करने के मज़बूत आहवान के साथ समाप्त हुआ. साथ ही इसमें, वैश्विक वित्तीय प्रणाली में अधिक निवेश और गहरी संरचनात्मक सुधार की ज़रूरत को भी रेखांकित किया गया.

टिकाऊ विकास पर यह उच्चस्तरीय फ़ोरम, संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) के तत्वाधान में, 14 से 23 जुलाई तक न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा.

इस वर्ष के संयुक्त राष्ट्र मंच से जुड़ी पाँच प्रमुख बातें:

1. कार्यान्वयन की गति बढ़ाने हेतु

HLPF (High-Level Political Forum) संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख मंच है, जो सतत विकास लक्ष्यों पर वैश्विक प्रगति की निगरानी करता है. यह मंच हर वर्ष आयोजित किया जाता है, ताकि देशों के प्रयासों की समीक्षा की जा सके, सफल रणनीतियों का आदान-प्रदान हो, और 2030 लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्रवाई को गति दी जा सके.

2025 के मंच की थीम है: 2030 एजेंडा और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए टिकाऊ, समावेशी, विज्ञान-आधारित और साक्ष्य-आधारित समाधानों को आगे बढ़ाना - ताकि कोई पीछे न छूट जाए.

यह विषयवस्तु बढ़ती हुई तात्कालिकता को दर्शाती है. 2030 की समय सीमा तेज़ी से निकट आ रही है, ऐसे में मंच का ध्यान, व्यावहारिक, आँकड़ों पर आधारित रणनीतियों पर केन्द्रित होगा - ताकि कार्यान्वयन में मौजूद ख़ामियों को दूर किया जा सके.

विशेष रूप से ऐसे समय में जब दुनिया एक साथ जलवायु परिवर्तन, सामाजिक असमानता और आर्थिक अस्थिरता जैसी अनेक गम्भीर चुनौतियों का सामना कर रही है.

शंकु के आकार की टोपी पहने हुए श्रमिक कृषि क्षेत्र में पाम तेल के बिर्याद लगा रहे हैं।
© ILO/Fauzan Azhima

2. पाँच सतत विकास लक्ष्यों को प्राथमिकता

हर वर्ष HLPF में कुछ चुने हुए सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की गहन समीक्षा की जाती है. वर्ष 2025 में जिन लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, वे हैं:

  • SDG 3: सर्वजन के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं कल्याण
  • SDG 5: लैंगिक समानता और सभी महिलाओं एवं लड़कियों का सशक्तिकरण
  • SDG 8: सतत आर्थिक विकास और सर्वजन के लिए सभ्य कामकाज
  • SDG 14: जल के नीचे जीवन
  • SDG 17: लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वैश्विक साझेदारियाँ

इन लक्ष्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य, लैंगिक समता, आर्थिक सहनसक्षमता और समुद्री संरक्षण जैसे अनेक महत्वपूर्ण पहलु शामिल हैं.

एसडीजी 17, जिसकी वार्षिक समीक्षा की जाती है, यह रेखांकित करता है कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वैश्विक साझेदारियों को कैसे पुनर्जीवित किया जा सकता है, और विशेष रूप से वित्तपोषण जैसे कार्यान्वयन के साधनों को कैसे सशक्त बनाया जा सकता है. हाल ही में सेविया में आयोजित सम्मेलन के दौरान, राष्ट्रों ने इस दिशा में ठोस और महत्त्वपूर्ण प्रतिबद्धताएँ व्यक्त की हैं.

आंशिक रूप से बादलों से घिरे आकाश के नीचे ताड़ के पेड़ों वाले एक उष्णकटिबंधीय द्वीप पर जलरेखा को दर्शाने वाला एक विभाजित-स्तरीय दृश्य।
© UNICEF/Lasse Bak Mejlvang

3. स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षाएँ

HLPF की एक प्रमुख विशेषता है Voluntary National Reviews (VNRs) - अर्थात सदस्य देशों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षाएँ, जिनके तहत वे सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में अपनी प्रगति का आत्म मूल्यांकन करते हैं.

2025 में कई देश अपनी समीक्षाएँ प्रस्तुत करेंगे, जिसमें वे अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ लम्बित चुनौतियों की भी झलक पेश करेंगे.

इन समीक्षाओं का उद्देश्य पारदर्शिता को प्रोत्साहित करना, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने की सम्भावनाएँ बढ़ाना तथा उत्तरदायित्व एवं जवाबदेही की संस्कृति को सुदृढ़ करना है.

साथ ही, यह मंच नागरिक समाज, युवजन, अनुसंधान संस्थानों और अन्य प्रमुख हितधारकों को विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं पर सरकारों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है.

4. केवल सरकारों की नहीं,  सभी की भागेदारी

हालाँकि HLPF संयुक्त राष्ट्र का अन्तर-सरकारी मंच है, लेकिन इसमें केवल सरकारें ही नहीं, बल्कि युवा संगठन, स्थानीय निकाय, आदिवासी समुदाय, ग़ैर-सरकारी संगठन (NGOs), शिक्षाविद, निजी क्षेत्र और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ भी शामिल होती हैं.

इस मंच के अवसर पर  प्रदर्शनी, और गोलमेज चर्चाओं से समृद्ध यह मंच 2030 एजेंडा की उस समावेशी भावना को दर्शाता है, जिसमें सतत विकास को एक सार्वभौमिक, साझा वैश्विक प्रयास माना गया है.

आर्थिक और सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) के तहत आयोजित सतत विकास पर उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच का विस्तृत दृश्य, जो एक विशाल सम्मेलन कक्ष में आयोजित किया गया था।
UN Photo/Manuel Elias

5. 5-4-3-2-1… अन्तिम उलटी गिनती शुरू

2030 एजेंडा की प्राप्ति के लिए अब केवल पाँच वर्ष शेष हैं - ऐसे में 2025 का HLPF एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आ खड़ा हुआ है.

यह केवल एक वार्षिक मूल्यांकन मंच नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ विज्ञान, वैश्विक एकजुटता और त्वरित कार्रवाई को एक साथ लाकर,सतत विकास की दिशा में निर्णायक क़दम उठाए जाने हैं.

यह मंच 2027 में आयोजित होने वाले अगले SDG शिखर सम्मेलन की बुनियाद रखेगा, जिसमें विश्व नेता. अब तक की सामूहिक प्रगति की समीक्षा करेंगे और यह तय करेंगे कि शेष पाँच वर्षों में लक्ष्यों की पूर्ति के लिए क्या अन्तिम प्रयास किए जाने चाहिए.

यह ‘दो-तिहाई समयसीमा’ का वह क्षण है, जो यह निर्धारित करेगा कि सतत विकास लक्ष्य (SDGs) एक साकार वैश्विक वादा बनते हैं - या फिर इतिहास में एक चूका हुआ अवसर बनकर रह जाते हैं.