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ग़ाज़ा में हमले जारी, अस्पतालों पर भारी बोझ, भोजन की भीषण कमी

गाजा में एक भीड़भाड़ वाले बाहरी क्षेत्र में नीली जैकेट पहने हुए एक यूएनआरडब्ल्यूए मानवतावादी कार्यकर्ता एक छोटे बच्चे को पकड़े हुए है।
© UNRWA ग़ाज़ा में बहुत से लोग, भोजन हासिल करने की कोशिश करने के दौरान, गोलीबारी में भी मारे जा रहे हैं.

ग़ाज़ा में हमले जारी, अस्पतालों पर भारी बोझ, भोजन की भीषण कमी

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों की समन्वय एजेंसी – OCHA ने आगाह किया है कि ग़ाज़ा में जारी युद्ध से लोग लगातार हताहत हो रहें, विस्थापन भी हो रहा है और बुनियादी ढाँचे को भारी नुक़सान भी पहुँच रहा है.

एजेंसी ने बुधवार को बताया कि बीते सप्ताह के दौरान, मुख्य रूप से ग़ाज़ा सिटी और डेयर अल बलाह के अनेक इलाक़ों में तम्बुओं और रिहाइशी इमारतों पर हमले किए जाने की ख़बरें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं, उनमें चिकित्सा स्टाफ़ और परिवार भी हैं.

ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2023 से, 1,500 चिकित्साकर्मियों के मारे जाने की ख़बरें हैं.

उधर, पूरे ग़ाज़ा पट्टी क्षेत्र में, भोजन हासिल करने के प्रयासों के दौरान, भारी संख्या में लोगों के मारे जाने की भी ख़बरें हैं.

लोगों के हताहत होने की इन सामूहिक घटनाओं में जीवित बचे लोगों को, स्वास्थ्य साझीदार बहुत सीमित संसाधनों के साथ, सहायता मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं.

चिकित्सा सामग्री की दीगर आपूर्ति नहीं होने के कारण, अस्पतालों पर बहुत भारी बोझ पड़ रहा है, जबकि वो पहले ही ईंधन, दवाओं व दवाओं की भारी कमी के बीच काम कर रहे हैं. साथ ही रक्त और रक्त सम्बन्धी उत्पादों की भी भारी कमी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंगलवार को बताया था कि चिकित्सा सामग्री से भरे 11 ट्रक, ग़ाज़ा में दाख़िल हुए हैं.

इसे एक सकारात्मक घटनाक्रम बताया गया है मगर इससे ज़रूरतों का बहुत छोटा सा हिस्सा ही पूरा होता है.

OCHA ने तमाम सीमा चौकियों, गलियारों और मार्गों को खोल दिए जाने की पुकार लगाई है ताकि, हर जगह ज़रूरतमन्द लोगों तक बड़े पैमाने पर और निरन्तर सहायता पहुँचाई जा सके.

गाजा में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त इमारत में पानी के पंप का निरीक्षण करते हुए यूएनआरडब्ल्यूए के दो कर्मचारी।
© UNRWA

ईंधन की कमी से अस्पताल और जल आपूर्ति बाधित

ईंधन की कमी के कारण, जीवनरक्षक अभियान बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.

ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ख़ान यूनिस में स्थित नासेर चिकित्सा परिसर का जैनरेटर बन्द होने के निकट पहुँच गया है. इन हालात में अगर तत्काल ईंधन की आपूर्ति नहीं हुई तो बहुत से मरीज़ों की ज़िन्दगी के लिए जोखिम बढ़ जाएगा.

ग़ाज़ा के उत्तरी इलाक़े में, ईंधन की कमी के कारण, पानी के 10 कुओं ने काम करना बन्द कर दिया है. दीगर 25 कुएँ भी आंशिक रूप से काम कर रहे हैं और वो किसी भी समय पूरी तरह बन्द हो सकते हैं.

साफ़-सफ़ाई का पर्याप्त इन्तेज़ाम नहीं होने के कारण अनेक तरह की बीमारियाँ फैलने का भी जोखिम उत्पन्न हो गया है, जिनमें डायरिया, पीलिया भी शामिल हैं.

भीषण गन्दगी से बीमारियों का भय

मानवीय सहायता एजेंसियों ने, स्वच्छता के सामान की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की पुकार लगाई है. OCHA के अनुसार, मार्च के शुरुआती दिनों के बाद से, ग़ाज़ा में स्वच्छता सामग्री की बिल्कुल भी आपूर्ति नहीं हुई है.

इस बीच, ग़ाज़ा में मानवीय सहायता के मिशनों को भी अनेक तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. मंगलवार को इसराइली अधिकारियों ने, मानवीय सहायता मिशन को आगे बढ़ाने के 10 प्रयासों में से केवल तीन मिशनों को पूरी मंज़ूरी दी.

उधर मानवीय सहायता एजेंसियाँ व उनके साझीदार, क़रीब 90 हज़ार बच्चों की परीक्षाओं के लिए सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने के प्रयास कर रहे हैं.

इस बीच OCHA ने बताया है कि मौजूदा युद्ध शुरू होने के बाद से हज़ारों बच्चे मारे जा चुके हैं, और जो बच्चे जीवित बचे हैं, उन्हें जीवन भर चलने वाले शारीरिक व मनोवैज्ञानिक प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है.