संक्षेप में: केनया में प्रदर्शनों के दमन पर क्षोभ, हेती में आपराधिक गुटों से त्रस्त जनता
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने केनया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 10 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. उधर, हेती में आपराधिक गुटों के बढ़ते दबदबे से आम नागरिक पीड़ित और विस्थापित होने के लिए मजबूर हैं.
सोमवार को हुए ये प्रदर्शन, 1990 में ‘सबा सबा विरोध’ नामक मुहिम की 35वीं वर्षगाँठ पर हुए, जिसके बाद केनया में बहुदलीय लोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त हुआ था.
यूएन कार्यालय ने केनयाई पुलिस के हवाले से बताया कि इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा घातक बल प्रयोग किया गया, जिनमें 11 मौतें हुई हैं, 52 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं और 567 गिरफ़्तारियाँ हुई हैं.
हालांकि केनया के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई में 10 लोग मारे गए हैं, 29 घायल हुए हैं और दो लोगों को अगवा किया गया है.
16 काउंटी में प्रदर्शन भड़कने की ख़बर है, जिसे दबाने के लिए सुरक्षाकर्मियों द्वारा कथित रूप से गोलियों, आँसू गैस और पानी की तेज़ बौछारों का इस्तेमाल किया गया.
अनेक स्थानों पर सार्वजनिक व निजी सम्पत्तियों को लूटे जाने और उन्हें नुक़सान पहुँचाने की भी जानकारी मिली है.
इस सप्ताह हुई हिंसा से पहले भी 25 जून को विरोध प्रदर्शनों में 15 लोग मारे गए थे और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे.
यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने मौतों की इन घटनाओं, मानवाधिकार उल्लंघन मामलों की स्वतंत्र, पारदर्शी जाँच कराए जाने का आग्रह किया है और राष्ट्रीय एजेंसियों को इस प्रक्रिया में हरसम्भव सहयोग का आश्वासन दिया है.
हेती: गैंग हिंसा से त्रस्त आबादी के लिए सहायता पर बल
आपराधिक गुटों की हिंसा से त्रस्त, हेती में पिछले सप्ताह सशस्त्र हमलों की वजह से 16 हज़ार से अधिक लोग विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (OCHA) के अनुसार, सेंटर डिपार्टमेंट नामक इलाक़े में हुई ये घटनाएँ निरन्तर बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाती हैं, जहाँ 13 लाख लोग आन्तरिक तौर पर विस्थापित हैं और गहरी मानवीय आवश्यकताएँ हैं.
ज़रूरतमन्दों में क़रीब 50 फ़ीसदी बच्चे हैं. हेती में 60 लाख लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, वहाँ असुरक्षा व्याप्त है और अति-आवश्यक सेवाएँ दरक चुकी हैं.
विस्थापित महिलाओं व लड़कियों के लिए विशेष तौर पर जोखिम है, जिन्हें यौन व लिंग आधारित हिंसा की चपेट में आने का ख़तरा है और विस्थापन शिविरों में ऐसे मामले सामने आए हैं.
हेती में यूएन एकीकृत कार्यालय के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक, कम से कम चार हज़ार लोगों की सुनियोजित ढंग से हत्या की गई है, जोकि 2024 में इसी अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.
बताया गया है कि देश में आपराधिक गुटों का दबदबा बढ़ा है और इससे राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स के सभी इलाक़े प्रभावित हैं, जबकि सरकार की शासन क्षमता सिकुड़ती जा रही है, जिसके गम्भीर सामाजिक, आर्थिक व सुरक्षा नतीजे सामने आने की आशंका है.
मौजूदा चुनौतियों के बावजूद, मानवीय राहत संगठन, ज़रूरतमन्द आबादी तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने में जुटे हैं. जनवरी से मार्च तक, 7.20 लाख लोगों को आपात खाद्य सहायता और 25 हज़ार के लिए आपात शरण सामग्री मुहैया कराई गई है. 1.70 लाख लोगों के लिए सुरक्षित पेयजल और 55 हज़ार लोगों क लिए आपात साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था की गई है.
मगर, पर्याप्त धनराशि के अभाव में विशाल मानवीय आवश्यकताओं से निपटने में कठिनाई पेश आ रही है. हेती के लिए सहायता अभियान में 90 करोड़ डॉलर धनराशि की अपील की गई थी, जिसमें से केवल 7.5 करोड़ डॉलर का ही प्रबन्ध हो पाया है.
सीरिया: सीमा-पार यूएन द्वारा सहायता आपूर्ति के लिए स्वीकृति
सीरियाई अरब गणराज्य ने तुर्कीये की सीमा पर स्थित चौकियों के ज़रिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा देश में मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है.
बाब अल-हवा, बाल अल-सलाम और अल-राइ सीमा चौकियों से अगले छह महीनों तक राहत सामान की आपूर्ति की जाएगी.
एक दशक से अधिक समय तक गृहयुद्ध से जूझने वाले सीरिया में, पिछले वर्ष दिसम्बर में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद के शासन का अन्त हो गया था. इसके बाद से लाखों लोगों ने देश वापसी की है, हालांकि बड़े पैमाने पर मानवीय आवश्यकताएँ मौजूद हैं.
तुर्कीये और सीरिया की सीमा पर स्थित ये चौकियाँ, मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए अहम मार्ग हैं, जहाँ से अब विविध प्रकार की सहायता सामग्री रवाना की जा रही है.
इस वर्ष अब तक, इन मार्गों से होकर 1.5 हज़ार ट्रकों के ज़रिए यूएन सहायता मुहैया कराई गई है. पिछले वर्ष इस अवधि की तुलना में यह पाँच गुना से अधिक सहायता है.