ग़ाज़ा: हर दिन युद्ध में बड़ी संख्या में लोगों की मौत, OCHA
एक तरफ़ तो, इसराइल द्वारा क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में एक सम्भावित युद्धविराम की उम्मीदों की ख़बरों पर ध्यान केन्द्रित हो रहा है, ऐसे में यूएन राहत समन्वय एजेंसी – OCHA ने आगाह किया है कि ग़ाज़ा में पहले से ही बहुत संकटपूर्ण हालात और भी बदतर होते जा रहे हैं. साथ ही हर दिन हो रहे हमलों में बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं.
यूएन सहायता एजेंसी ने कहा मंगलवार को कहा है कि ग़ाज़ा में ज़मीन पर स्थिति लगातार और भी बिगड़ती जा रही है.
मानवीय सहायता टीमों को, शिविरों, स्कूलों, घरों और चिकित्सा सुविधाओं को लगातार निशाना बनाने वाले हमले होने की ख़बरें मिल रही हैं, जिनमें हर दिन अनेक लोग हताहत हो रहे हैं.
OCHA ने चेतावनी दी है कि ग़ाज़ा में ईंधन की कमी का संकट बहुत ख़तरनाक स्तर पर पहुँच गया है और बहुत कम मात्रा में बचे ईंधन से अब केवल बहुत ज़रूरी सेवाएँ चलाई जा रही हैं. भंडारों में अब बिल्कुल भी ईंधन नहीं बचा है.
अस्पतालों में भारी क़िल्लत है, ऐम्बुलैंस बाधित हो रही हैं. जल प्रणालियाँ अपनी क्षमता ख़त्म होने के निकट पहुँच गई हैं.
एजेंसी ने कहा है कि अगर इसराइली अधिकारियों द्वारा, जल्द ही पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध नहीं कराया गया तो बहुत तेज़ी से और बड़ी संख्या में लोगों की मौतें होने की आशंका है. “और ईंधन का प्रबन्ध बिल्कुल तुरन्त, नियमित रूप से और समुचित मात्रा में कराया जाना होगा.”
एक और बेदख़ली आदेश
OCHA ने बताया है कि इसराइली अधिकारियों ने, मंगलवार को भी ख़ान यूनिस के कुछ हिस्सों में, लोगों को दीगर बेदख़ली आदेश जारी किया है, विशेष रूप से अस्थाई और छोटो शिविरों में रहने वाले लोगों के लिए.
एजेंसी का कहना है कि विस्थापित लोग जहाँ भी रह रहे हैं, वहाँ उनके लिए बुनियादी ढाँचे और सेवाओं की भारी कमी है. पूरे ग़ाज़ा क्षेत्र में भारी असुरक्षा का माहौल है.
ग़ाज़ा पट्टी में परिवार इस मुसीबत में जीवित रहने, अपने बच्चों को यथासम्भव बचाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं, और भोजन की थोड़ी सी मात्रा के लिए भी बदहवास तलाश कर रहे हैं.
एजेंसी के अनुसार, ग़ाज़ा में मानवीय सहायता का संचालन बहुत गहरे रूप में प्रतिबन्धित है. सोमवार को मानवीय सहायता के संचालन में तालमेल के लिए, इसराइली अधिकारियों के साथ 12 बार प्रयास किए गए, जिनमें से केवल चार प्रयासों को स्वीकृति दी गई, चार प्रयासों को तो पूरी तरह रद्द कर दिया गया.
इस कारण मरीज़ों व घायलों को बेहतर इलाज के लिए भेजने, ख़राब ट्रकों की मरम्मत करने और मलबा हटाने के प्रयास बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
एजेंसी के अनुसार, इन हालात में मानवीय सहायता के प्रयासों को गम्भीर झटका लग रहा है.
नासेर चिकित्सा परिसर
विश्व स्वास्थ्य संगठन – WHO ने सोमवार को, ख़ान यूनिस में स्थित नासेर चिकित्सा परिसर को संरक्षण मुहैया कराए जाने की पुकार लगाई थी.
संगठन ने आगाह किया था कि इस अस्पताल में क्षमता से दोगुनी संख्या में मरीज़ मौजूद हैं, जिनमें अधिकतर लोग सदमे से प्रभावित हैं.
WHO ने कहा कि इनमें से बहुत से घायल और मरीज़ वो लोग हैं, जो भोजन हासिल करने के लिए प्रतीक्षा करने के दौरान गोली लगने से घायल हुए हैं.
क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र में WHO के प्रतिनिधि डॉक्टर रिक पीपरकोर्न ने अस्पताल से ही एक वीडियो सन्देश में कहा कि ऐसे हालात में, इस अस्पताल में ज़रूरी दवाएँ, उपकरण और ईंधन ख़त्म होते जा रहे हैं. साथ ही स्टाफ़ अत्यधिक थका हुआ है.