यूक्रेन: कम दूरी के मारक ड्रोन का इस्तेमाल, आम नागरिकों के लिए बड़ा ख़तरा
छोटी दूरी तक मार करने वाले ड्रोन का बढ़ता सैन्य इस्तेमाल, यूक्रेन में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के हताहत होने की एक बड़ी वजह बन गया है. फ़रवरी 2022 से अप्रैल 2025 तक इन ड्रोन हमलों में कम से कम 395 लोगों की जान गई है और 2,635 घायल हुए हैं.
यूक्रेन के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि इन मारक ड्रोन के द्वारा निजी वाहनों या बसों में जाते समय, पैदल घूमते व साइकिल चलाते लोगों को किस तरह से निशाना बनाया गया.
यूएन मिशन के अनुसार, आम नागरिकों के हताहत होने के अधिकाँश मामले (89 प्रतिशत) यूक्रेनी नियंत्रण वाले इलाक़ों में रूसी सैन्य बलों के हमलों के तौर पर दर्ज किए गए हैं.
मगर, रूसी क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में भी सार्वजनिक परिवहन और स्पष्ट संकेत वाली ऐम्बुलेंस गाड़ियों पर हमले की जानकारी है.
यूक्रेन में मानवाधिकार निगरानी मिशन की प्रमुख डैनियल बैल ने कहा कि बम के गोले या मिसाइल की तुलना में ये ड्रोन कम घातक हैं, लेकिन ऐसे हमलों के दायरे और आवृत्ति की वजह से इन्हें यूक्रेन में सबसे घातक हथियारों के रूप में देखा जा रहा है.
युद्ध नियमों के अनुरूप नहीं
इन ड्रोन हमलों की वजह से आम नागरिकों की आवाजाही, दैनिक गतिविधियों पर असर हुआ. उनके लिए सामान जुटाना कठिन हो गया और आजीविका भी प्रभावित हुई. कम दूरी तक मार करने वाले ड्रोन की वजह से देश में पहले से ही ख़राब मानवीय हालात को और झटका पहुँचा.
यूएन मिशन ने बताया कि कम दूरी के अधिकाँश ड्रोन पर कैमरा भी लगा होता है, जिससे उनके संचालक वास्तविक समय में अपने सम्भावित निशानों पर नज़र रख सकते हैं.
लेकिन ड्रोन हमलों में इतने बड़े पैमाने पर आम नागरिकों का हताहत होना दर्शाता है कि इनका इस्तेमाल, अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के सिद्धान्तों के अनुरूप नहीं किया रहा है, विशेष रूप से सैनिकों और आम नागरिकों बीच भेद और सतर्कता बरतने के सिद्धान्तों का.
कुछ घटनाओं में, ड्रोन संचालकों ने जानबूझकर आम लोगों या नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिन्हें युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा जा सकता है. इनमें चिकित्सा परिवहन सेवा से जुड़े कर्मचारी व स्वास्थ्यकर्मी भी हैं.
HRMMU प्रमुख डैनियल बैल के अनुसार, यह स्पष्ट है कि इन हथियारों का युद्ध के नियमों के अनुरूप इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.
जवाबदेही का आग्रह
यूएन मिशन द्वारा सत्यापित जानकारी के अनुसार, 2023 के अन्तिम दिनों में और 2024 के आरम्भिक दिनों में कम दूरी के ड्रोन हमलों में हताहत होने वाले नागरिकों की संख्या में उछाल देखा गया.
जुलाई 2024 में इसमें फिर वृद्धि हुई और अप्रैल 2025 में तो यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया.
मई और जून 2025 में भी आम नागरिकों के हताहत होने का सिलसिला जारी रहा. 23 जून को दोनेत्स्क क्षेत्र में एक मिनीबस पर हुए हमले में 65 वर्षीय चालक की मौत हो गई.
22 मई को एक 58 वर्षीय महिला की ख़ारकीव क्षेत्र में हुए हमले में मौत हो गई. इस हमले में दोमंज़िला रिहायशी इमारत में ड्रोन के ज़रिए आयुध सामग्री गिराई गई थी.
मिशन प्रमुख ने कहा कि इनमें से हर एक मामले की जाँच की जानी होगी और आम नागरिकों व मानवीय सहायताकर्मियों को निशाना बनाए जाने के ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करनी होगी.