चाँद की घड़ी: वहाँ समय भी चलता है अपने नियमों पर
चाँद पर 'समय' बता पाना टेढ़ी खीर से कम नहीं है. यह मुद्दा हमेशा से एक चर्चा का विषय रहा है, लेकिन यह सवाल अब पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी होता जा रहा है, क्योंकि फिर से चाँद पर जाने और वहाँ शोध करने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं.
संयुक्त राष्ट्र यह सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है कि चाँद का संचालन या प्रशासन एक समन्वित और शान्तिपूर्ण तरीके़ से हो क्योंकि एक समान समय तय करना अन्तरराष्ट्रीय चर्चाओं का एक अहम हिस्सा है.
आप सोच रहे होंगे कि क्यों न धरती का कोई एक समय, जैसे कि 'सम्पर्कित सार्वभौमिक समय' (Coordinated Universal Time, UTC) को ही “चाँद का समय” मान लिया जाए? इसमें भला मुश्किल ही क्या है? लेकिन ऐसा करना कई कारणों से सम्भव नहीं है.
पृथ्वी के मानक अलग
धरती पर समय जानना आसान है. हम इसे 24 समय क्षेत्रों में बाँटते हैं, जो पृथ्वी के घूमने और देशान्तर रेखाओं (longitude) पर आधारित होते हैं. सूरज आकाश में कहाँ है, यह देखकर भी हम समय का अन्दाज़ा लगा सकते हैं.
लेकिन चाँद पर समय के नियम अलग हैं. वहाँ एक दिन 29.5 धरती के दिनों जितना लम्बा होता है. चाँद के मध्य हिस्से में सूरज लगातार 14 दिन तक चमकता रहता है, और कुछ ऊँचे पहाड़ों पर तो सूरज कभी डूबता ही नहीं, वहाँ हमेशा रौशनी बनी रहती है.
यह बहुत छोटा अन्तर लग सकता है, लेकिन अन्तरिक्ष यान को सही रास्ता दिखाने में यह फर्क़ बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है.
चाँद की घड़ी के लिए एकजुटता अहम
चाँद पर एक समय क्षेत्र (Time Zone) तभी काम करेगा जब वहाँ काम करने की इच्छुक सभी एजेंसियाँ और देश, एक ऐसे साझा समय पर सहमत हों, जो भरोसेमन्द हो, धरती के समय के साथ जुड़ा हो और जिसे हर कोई आसानी से इस्तेमाल कर सके. इस सपने को साकार करने के लिए UNOOSA अहम भूमिका निभा रहा है.
सुरक्षित, शान्तिपूर्ण और टिकाऊ
चाँद पर समय सही तरीके़ से मिलाकर चलाना, संयुक्त राष्ट्र के बड़े उद्देश्य का हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करने पर ध्यान देता है कि चाँद पर होने वाली सभी गतिविधियाँ, चाहे सरकारी हों, निजी, वैज्ञानिक या व्यापार से जुड़ी हों, वो सुरक्षित, शान्तिपूर्ण और टिकाऊ बनी रहें.
इसके मद्देनज़र UNOOS ने, जून 2024 में पहला “सतत चन्द्र गतिविधियाँ सम्मेलन” आयोजित किया.
इसमें दुनिया भर के अन्तरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख, क़ानून विशेषज्ञ, अन्तरिक्ष यात्री, कम्पनियों के प्रतिनिधि और शोधकर्ता शामिल हुए.
उन्होंने साथ मिलकर चर्चा की, अपनी-अपनी चिन्ताएँ बताईं, और चाँद पर पारदर्शी b सबको शामिल करने वाले नियम बनाने की ज़रूरत पर सहमति जताई.
इस दौरान, अन्तरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने के लिए एक नया तरीक़ा बनाया गया है, जिसे चन्द्र गतिविधियों पर सलाहकार कार्यदल (ATLAC) कहा जाता है.
इस समूह का कार्य - चाँद की खोज और वहाँ हो रही गतिविधियों को, दुनिया के देशों के बीच बेहतर तालमेल से चलाने के लिए बातचीत करना और सुझाव तैयार करना है.
ATLAC आने वाले वर्षों के लिए अपना कार्य तय करेगा और सबसे ज़रूरी मुद्दों को चुनेगा, जैसे कि चाँद पर समय को एक साथ मिलाकर चलाना ताकि चन्द्र गतिविधियाँ सहयोगपूर्ण और व्यवस्थित तरीक़े से आगे बढ़ें.
मानवता चाँद की खोज के एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहाँ अब कई देश और संगठन इसमें हिस्सा ले रहे हैं.
यह बदलाव हमारे सबसे क़रीबी आकाशीय पड़ोसियों के साथ हमारे रिश्ते को आने वाली पीढ़ियों के लिए पूरी तरह से नया रूप दे सकता है.
सदस्य देश, UNOOSA के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि चाँद को वैश्विक सहयोग का क्षेत्र बनाए रखा जाए.
यह कार्य बाह्य अन्तरिक्ष सन्धि के उस मूल सिद्धान्त के अनुसार किया जाएगा, जिसमें कहा गया है कि “बाह्य अन्तरिक्ष की खोज और उपयोग सभी देशों के हित और लाभ के लिए किया जाना चाहिए, जिसमें चाँद भी शामिल है.”