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यूएन80 पहल: यह क्या है और दुनिया के लिए क्यों अहम है

कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर की प्रतियाँ न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में प्रदर्शित कीं
UN Photo/Amanda Voisard
कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर की प्रतियाँ न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में प्रदर्शित कीं

यूएन80 पहल: यह क्या है और दुनिया के लिए क्यों अहम है

यूएन मामले

बढ़ते वैश्विक संकटोंबढ़ती असमानताओं और अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं पर घटते भरोसे के बीचसंयुक्त राष्ट्र ने अपने कामकाज को अधिक कारगरकिफ़ायती और लोगों की ज़रूरतों के अनुरूप बनाने के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है. मार्च (2025) में महासचिव एंतोनियो गुटेरेश द्वारा शुरू की गई इस यूएन80 पहल का उद्देश्य, संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को तेज़प्रभावशाली और बदलती दुनिया के लिए फिर से प्रासंगिक बनाना है.

यूएन में नीतिगत मामलों के अवर महासचिव और यूएन80 प्रमुख गाय राइडर ने कहा कि यह आत्ममन्थन का समय है - संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीयता दोनों कठिन दौर से गुज़र रहे हैं.

यूएन80 पहल का उद्देश्य न केवल कार्यक्षमता बढ़ाना है, बल्कि घटते भरोसे और बढ़ती ज़रूरतों के बीच बहुपक्षवाद को फिर से मज़बूत करना भी है. 

यह पहल जलवायु संकट, विस्थापन, असमानता और तकनीकी बदलाव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए यूएन को अधिक सक्षम बनाने की कोशिश है.

गाय राइडर ने कहा, "इससे हम एक अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी संयुक्त राष्ट्र के रूप में उभरेंगे, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार होगा."

रूज़वेल्ट आइलैंड, न्यूयॉर्क से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय भवन का दृश्य.
UN News/Anton Uspensky

सुधार के तीन रास्ते

यूएन80 पहल तीन प्रमुख कार्यधाराओं के इर्द-गिर्द केन्द्रित है. पहली धारा का उद्देश्य आन्तरिक दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ाना है - जिसमें लाल फीताशाही को कम करना और कुछ कार्यों को कम लागत वाले ड्यूटी स्टेशनों पर स्थानांतरित करके, संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक उपस्थिति को अधिक अनुकूल बनाना शामिल है. 

गाय राइडर के अनुसार, इसमें अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं और दोहराव को समाप्त करने पर मुख्य ध्यान दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा, "हम यह जानना चाहते हैं कि हम क्या काम बेहतर तरीक़े से किया जा सकता है - कौन से क्षेत्र हैं जहाँ हम दक्षता बढ़ा सकते हैं और ग़ैरज़रूरी नौकरशाही प्रक्रियाओं को ख़त्म कर सकते हैं."

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दूसरी कार्यधारा ‘शासनादेश कार्यान्वयन समीक्षा’ (mandate implementation review) है, जिसके अन्तर्गत संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के कामकाज का आधार बनने वाले लगभग 4,000 शासनादेश दस्तावेज़ों की समीक्षा की जा रही है. 

‘शासनादेश’ से आशय उन कार्यों या ज़िम्मेदारियों से है, जो महासभा या सुरक्षा परिषद जैसे संयुक्त राष्ट्र के अंगों द्वारा पारित प्रस्तावों के तहत, सदस्य देशों की ओर से, इस विश्व संगठन को सौंपी जाती हैं.

संयुक्त राष्ट्र किन क्षेत्रों में काम करेगा - चाहे वह शान्ति स्थापना अभियान हों, मानवीय सहायता, मानवाधिकारों की रक्षा या जलवायु कार्रवाई - यह सब इन शासनादेशों द्वारा ही तय किया जाता है. 

वर्षों में ऐसे लगभग 40 हज़ार शासनादेश जमा हो चुके हैं, जिनमें से कई में दोहराव है या समय के साथ अप्रासंगिक हो चुके हैं. इसी वजह से इनकी व्यापक समीक्षा, यूएन80 पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

गाय राइडर ने कहा, "आइए इन शासनादेशों की समीक्षा करें - देखें कि कहाँ दोहराव है, कहाँ प्राथमिकताओं को पुनः निर्धारित किया जा सकता है, और किन क्षेत्रों में अनावश्यक तत्वों को हटाया जा सकता है."

लेकिन ऐसा नहीं है कि इन शासनादेशों की समीक्षा पहली बार हो रही है. उन्होंने बताया, "हमने 2006 में भी इन भारी-भरकम शासनादेशों पर नज़र डालने की कोशिश की थी, लेकिन वह प्रयास अपेक्षित रूप से सफल नहीं हो पाया था.”

उन्होंने बताया, "लेकिन इस बार की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. अब हमारे पास डेटा और विश्लेषण की बेहतर क्षमताएँ हैं. हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकों का उपयोग करके, सदस्य देशों को अधिक संगठित और सूचित जानकारी प्रदान कर पा रहे हैं - जिससे यह प्रक्रिया कहीं अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती है."

हालाँकि उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी शासनादेश को जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का अन्तिम निर्णय सदस्य देशों के हाथ में होता है.

"ये अधिकार पूरी तरह सदस्य देशों के अधीन हैं - उन्होंने ही इन शासनादेशों को बनाया है, और केवल वही इनका मूल्यांकन कर सकते हैं. हम साक्ष्य जुटा सकते हैं, विश्लेषण प्रस्तुत कर सकते हैं और सिफ़ारिशें पेश कर सकते हैं, लेकिन अन्ततः शासनादेशों और यूएन80 पहल से जुड़े सभी निर्णय, सदस्य देश ही लेंगे."

तीसरी कार्यधारा इस पर केन्द्रित है कि क्या पूरी संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में संरचनात्मक सुधार और कार्यक्रमों का पुनर्गठन आवश्यक है. 

गाय रायडर कहते हैं, “अन्ततः, हम संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की उस विस्तृत और जटिल संरचना पर भी ध्यान देना चाहेंगे, जिसे समय के साथ सन्तुलित और अधिक प्रभावी बनाना ज़रूरी हो गया है.” इस दिशा में कुछ प्रस्ताव शासनादेश कार्यान्वयन समीक्षा के तहत भी सामने आ सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र में नीतिगत मामलों के अवर महासचिव और यूएन80 कार्यबल के अध्यक्ष, गाय राइडर.
UN Photo/Manuel Elias

कार्य बल और समग्र प्रणालीगत दृष्टिकोण

यूएन महासचिव ने, इस जटिल प्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से, यूएन80 कार्य बल के तहत सात विषयगत समूह स्थापित किए हैं. इनमें से प्रत्येक समूह का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं. 

इन समूहों में, शान्ति और सुरक्षा, मानवीय सहायता, विकास (सचिवालय एवं व्यापक यूएन प्रणाली), मानवाधिकार, प्रशिक्षण व अनुसन्धान तथा विशेष एजेंसियों को शामिल किया गया है.

यूएन80 कार्य बल के अध्यक्ष ने कहा, "यह बात ध्यान देने योग्य है कि जब प्रणाली पर दबाव आता है, तो वह एकीकृत रूप से - एक सम्पूर्ण प्रणाली की तरह प्रतिक्रिया देती है. यह केवल न्यूयॉर्क या सचिवालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से जुड़ा एक व्यापक प्रयास है."

हर समूह से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे समन्वय के तरीक़ों को सुधारने, बिखरे हुए कामों को कम करने और जहाँ ज़रूरी हो, ज़िम्मेदारियों को फिर से बाँटने की दिशा में ठोस प्रस्ताव तैयार करें. कई समूह पहले ही अपने शुरुआती सुझाव दे चुके हैं, और इ सुझावों के आधार पर जुलाई में एक विस्तृत प्रस्ताव पेश किया जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र संघर्षों को रोकने, शान्ति प्रक्रिया का समर्थन करने और नागरिकों की रक्षा करने के लिए कार्य करता है. इस तरह यह अन्तरराष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने शासनादेश को निभाता है.
UNFICYP/Katarina Zahorska

संकुचन नहीं, सुधार

यूएन80 पहल को लेकर ध्यान मुख्य रूप से प्रस्तावित बजट कटौती और कर्मचारियों की संख्या घटाने पर केन्द्रित रहा है, जिससे यह आशंका उत्पन्न हुई है कि यह केवल लागत घटाने की क़वायद है. लेकिन गाय राइडर इस सोच को अधूरी मानते हैं और कहते हैं कि इससे इस पहल के व्यापक उद्देश्य को समझने में भूल हो जाती है.

वो कहते हैं, "हाँ, हम वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, और इसे नज़रअन्दाज़ करने की ज़रूरत नहीं है. लेकिन यह पहल केवल लागत घटाने या कर्मचारियों की संख्या कम करने तक सीमित नहीं है. इसका उद्देश्य एक अधिक सक्षम और प्रभावशाली संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का निर्माण करना है."

फिर भी, संयुक्त राष्ट्र प्रणाली पर बढ़ते वित्तीय दबाव को नज़रअन्दाज़ नहीं किया जा सकता. सितम्बर में प्रस्तुत किया जाने वाला 2026 का संशोधित कार्यक्रम बजट, सचिवालय की संस्थाओं के लिए वित्त पोषण और पदों में महत्वपूर्ण कटौती का संकेत दे सकता है. यह स्थिति सदस्य देशों द्वारा समय पर या पूर्ण रूप से वित्तीय योगदान नहीं किए जाने के कारण उत्पन्न नक़दी संकट का परिणाम है.

गाय राइडर ने समझाया, "यूएन80 पहल का उद्देश्य बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता को मज़बूत करना है. हम ज़रूर चाहते कि परिस्थितियाँ कुछ और होतीं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम अपने बजट और प्रणाली के विभिन्न हिस्सों में मौजूद संसाधनों की गम्भीर समीक्षा से बच सकते हैं."

उन्होंने कहा, "संस्थाओं को कुछ बेहद कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और ऐसा हर दिन हो रहा है. यही हमारे हालात की सच्चाई है."

गाय राइडर का मानना है कि वित्तीय स्थिरता और मिशन का प्रभाव एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं - और दोनों को एक साथ आगे बढ़ाना ज़रूरी है. 

उन्होंने कहा, "इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमें इन दो लक्ष्यों के बीच सन्तुलन बनाना होगा: एक ओर वित्तीय रूप से टिकाऊ बने रहना, और दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी ज़िम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी तरह जागरूक और प्रतिबद्ध रहना."

हेती में बच्चे WFP के स्कूल भोजन कार्यक्रम के हिस्से के रूप में प्रदान किया गया भोजन खाते हुए.
© WFP/Jonathan Dumont

UN80 दुनियाभर के लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है

यूएन80 केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि एक जन-केन्द्रित पहल है - जो उन लोगों से जुड़ी है जो संकट, संघर्ष या विकास की चुनौतियों के समय संयुक्त राष्ट्र के समर्थन पर निर्भर होते हैं.

गाय राइडर कहते हैं, "यदि संयुक्त राष्ट्र स्वयं को बदलने और कभी-कभी कठिन निर्णय लेते हुए, सुधार की दिशा में आगे बढ़ने में सक्षम रहता है, तो इसका सीधा प्रभाव यह होगा कि हमारे जीवन रक्षक प्रयास उन लोगों तक कहीं अधिक प्रभावी और तेज़ी से पहुँच सकेंगे, जिनकी हम सेवा करते हैं."

संयुक्त राष्ट्र शान्ति, सतत विकास और सर्वजन के लिए मानवाधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए एक अनूठा और अत्यावश्यक मंच बना हुआ है."

उन्होंने कहा, "यह इस बात का प्रमाण है कि संयुक्त राष्ट्र लोगों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को गम्भीरता से लेता है."

संयुक्त राष्ट्र इस समय, 13 करोड़ से अधिक विस्थापित लोगों को सहायता प्रदान करता है, 12 करोड़ से अधिक लोगों तक भोजन पहुँचाता है, दुनिया के आधे से अधिक बच्चों को टीकाकरण मुहैया कराता है, और वैश्विक स्तर पर शान्ति स्थापना, मानवाधिकार, चुनावी प्रक्रियाओं एवं जलवायु कार्रवाई को समर्थन देता है. इसके विकास कार्यक्रमों ने शान्तिपूर्ण और स्थिर समाजों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

म्याँमार में सुदूर प्रान्त के एक गाँव में यूनीसेफ़-समर्थित टीकाकरण अभियान.
© UNICEF/UNI561135/Minzayar Oo.

आगे क्या होगा

यूएन80 कार्य बल अपने प्रस्ताव, महासचिव को प्रस्तुत करेगा, जिन्होंने पहले ही उन प्राथमिक क्षेत्रों की रूपरेखा पेश कर दी है जहाँ ठोस परिणामों की अपेक्षा है. 

अवर महासचिव कैथरीन पोलार्ड के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की दक्षताओं पर केन्द्रित एक कार्य समूह द्वारा जून के अन्त तक प्रारम्भिक सुझाव प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है.

जुलाई के अन्त में शासनादेश कार्यान्वयन समीक्षा पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी. पहली दो कार्यधाराओं के अन्तर्गत किया गया यह कार्य संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में सम्भावित संरचनात्मक सुधारों और कार्यक्रम पुनर्संयोजन को लेकर व्यापक दृष्टिकोण को दिशा देने में सहायक होगा. 

तीसरी कार्यधारा से सम्बन्धित प्रस्ताव, आने वाले महीनों और अगले वर्ष के दौरान सदस्य देशों के समक्ष रखे जाएँगे.

हालाँकि यह प्रक्रिया अभी प्रारम्भिक चरण में है, गाय राइडर का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र के पास इसके लिए न केवल आवश्यक संसाधन और उपकरण मौजूद हैं, बल्कि उसके पास महत्वाकांक्षा और ज़रूरत की स्पष्ट समझ भी है.

उन्होंने कहा, "हमारी प्रगति सन्तोषजनक है. इस समय व्यापक तैयारी और पृष्ठभूमि के साथ काम चल रहा है. आने वाले सप्ताहों में यह प्रक्रिया,  निर्णय लेने की ज़िम्मेदारी के रूप में सदस्य देशों के पाले में जाएगी - और यहीं से हमें ठोस परिणाम दिखने शुरू होंगे.

अन्ततः, यह सदस्य देशों पर निर्भर करेगा कि वे इन निष्कर्षों पर किस प्रकार कार्रवाई करना चाहते हैं. उन्हें तय करना होगा कि वे क्या क़दम उठाना चाहते हैं - क्या वे एक अन्तर-सरकारी प्रक्रिया स्थापित करना चाहेंगे? महासचिव पहले ही इस सम्भावना का संकेत दे चुके हैं.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश न्यूयॉर्क मुख्यालय में पत्रकारों को यूएन80 नामक पहल से अवगत करा रहे हैं.
UN Photo/Manuel Elias

सफलता की परिभाषा

तो सफलता को किस तरह आँका जाएगा?

गाय राइडर कहते हैं, "सफलता तब मिलेगी जब हमारे पास एक ऐसी संयुक्त राष्ट्र प्रणाली होगी, जो न केवल अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करे, बल्कि बहुपक्षीय सहयोग में विश्वास को सशक्त रूप से पुनर्स्थापित भी करे. एक ऐसी प्रणाली जो जनमत और नीति-निर्माताओं को यह स्पष्ट सन्देश दे सके कि यह संस्था निवेश योग्य है - और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए यही सबसे उपयुक्त विकल्प है."

यूएन80 कार्य बल के अध्यक्ष के अनुसार, यह सब विश्वसनीयता, क्षमता और जनविश्वास पर निर्भर करता है. साथ ही इस बात को सुनिश्चित करने पर कि संयुक्त राष्ट्र न केवल प्रासंगिक, बल्कि अनिवार्य बना रहे.

उन्होंने कहा, "हम सभी को इसकी परवाह करनी चाहिए. अगर हम यह मानते हैं कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी साधन बहुपक्षवाद है, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम इस प्रणाली को नया रूप दें, इसे सशक्त बनाएँ और इसकी कार्यक्षमता को उसकी पूरी सम्भावनाओं तक पहुँचाएँ."