छह अरब लोगों को, तम्बाकू नियंत्रण उपायों का फ़ायदा
विश्व भर में तम्बाकू सेवन के कारण अब भी हर साल 70 लाख लोगों की मौत होती है और इसकी लत के शिकार लोगों व उनके परिजन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी एक नई रिपोर्ट में सचेत किया है कि तम्बाकू के इस्तेमाल में कमी लाने के लिए महत्वपूर्ण नियंत्रण उपाय अपनाने से सफलता मिली है, मगर ज़िन्दगियाँ बचाने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है.
तम्बाकू, ग़ैर-संचारी रोगों की एक बड़ी वजह है, जिससे असामयिक मौतें होती हैं और प्रभावित लोग अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो सकते हैं.
तम्बाकू-सम्बन्धी बीमारियों के कारण पीड़ितों पर इलाज के लिए विशाल बोझ पड़ता है, विशेष रूप से निर्धन समुदाय के लोगों के लिए. धूम्रपान करने वाले लोगों को अन्य की तुलना में अक्सर पोषक आहार नहीं मिल पाता है, और सम्पन्न देशों में भी ऐसा हो सकता है.
तम्बाकू उद्योग से विश्व भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों को ठेस पहुँच रही है. युवाओं को लुभावने विज्ञापनों के ज़रिए आकर्षित किया जाता है और तम्बाकू पर नियंत्रण लगाने वाली नीतियों का विरोध किया जाता है.
इससे बचाव के लिए अहम नियंत्रण उपायों में तम्बाकू पर टैक्स बढ़ाना, विज्ञापन व प्रायोजकों पर रोक लगाना, नए तम्बाकू व निकोटीन उत्पादों से उत्पन्न हो रही चुनौतियों से निपटने समेत अन्य क़दम हैं.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने वैश्विक तम्बाकू महामारी पर 2025 के लिए सोमवार को अपनी एक नई रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें नियंत्रण उपायों के लिए छह अहम नीतियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है.
वर्ष 2007 के बाद से अब तक, 155 देशों ने कम से कम एक नीतिगत उपायों को लागू किया है, जिससे 6.1 अरब लोगों को लाभ मिला है, यानि की विश्व की कुल तीन-चौथाई आबादी. 2007 में यह आँकड़ा केवल एक अरब था.
तम्बाकू के सेवन में कमी लाने के लिए इन छह सिफ़ारिशों को MPOWER नाम दिया गया है.
Monitoring/निगरानी: तम्बाकू के इस्तेमाल और रोकथाम नीतियों पर नज़र रखना
Protecting/रक्षा: क़ानूनी उपायों के ज़रिए लोगों को तम्बाकू के धुँए से बचाना
Offering help/सहायता: तम्बाकू सेवन को बन्द करने के लिए मदद मुहैया करना
Warning/चेतावनी: लेबल और मीडिया के ज़रिए तम्बाकू के ख़तरों के प्रति आगाह करना
Enforcing bans/पाबन्दी: तम्बाकू के विज्ञापन, प्रचार और प्रायोजन पर पाबन्दी थोपना
Raising taxes/ कर वृद्धि: तम्बाकू उत्पादों पर टैक्स लगाना
ठोस प्रगति
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट दर्शाती है कि 110 देशों में अब तम्बाकू की पैकेजिंग पर चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी दी जानी ज़रूरी है, और इस रणनीति से तम्बाकू के सेवन के विरुद्ध लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है.
तम्बाकू नियंत्रण पर वैश्विक फ़्रेमवर्क सन्धि के तहत यह एक प्रमुख उपाय है, और इन चेतावनी से तम्बाकू से होने वाले नुक़सान को स्पष्टता से दर्शाया जा सकता है, जिसे नज़रअन्दाज़ कर पाना कठिन है.
इससे इतर, ई-सिगरेट के इस्तेमाल को नियमों के दायरे में लाने का रुझान भी बढ़ रहा है. 2022 में नियामन या पाबन्दी का सहारा लेने वाले देशों की संख्या 122 थी, जोकि 2024 में बढ़कर 133 पहुँच गई है.
अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता
बताया गया है कि चार देशों – ब्राज़ील, मॉरिशन, नैदरलैंड्स, तुर्कीये – ने नियंत्रण उपायों के MPOWER पैकेज को पूर्ण रूप से लागू किया है, जबकि सात देशों को ऐसा करने के लिए केवल एक और उपाय अपनाने की आवश्यकता है: इथियोपिया, आयरलैंड, जॉर्डन, मैक्सिको, न्यूज़ीलैंड, स्लोवेनिया, स्पेन.
मगर, अब भी एक लम्बा रास्ता तय किया जाना है. 40 देशों में MPOWER को लागू ही नहीं किया जा सका है और 30 देशों में बिना किसी स्वास्थ्य चेतावनी के ही सिगरेट की बिक्री हो रही है.
तम्बाकू के विरुद्ध अभियान बेहद कारगर हैं, लेकिन 2022 के बाद से अब तक 110 देशों ने ऐसी कोई मुहिम नहीं चलाई है.
हालांकि विश्व की 36 फ़ीसदी आबादी अब उन देशों में रहती है, जहाँ सर्वोत्तम तौर-तरीक़े अपनाने के लिए ऐसे अभियान चलाए गए हैं, जबकि 2022 में यह आँकड़ा 19 प्रतिशत था. इसके मद्देनज़र, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने सभी देशों से सन्देश आधारित मुहिम में निवेश और उसका आकलन करने का आग्रह किया है.