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ईरान-इसराइल: सुरक्षा परिषद की आपात बैठक, शान्ति को अवसर दिए जाने की अपील

UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस न्यूयॉर्क में UN सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान मंच पर बोलते हुए।
UN Photo/Manuel Elias यूएन महासचिव ने ईरान-इसराइल टकराव के मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की बैठक को सम्बोधित किया.

ईरान-इसराइल: सुरक्षा परिषद की आपात बैठक, शान्ति को अवसर दिए जाने की अपील

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ईरान और इसराइल के बीच भड़के टकराव की पृष्ठभूमि में सुरक्षा परिषद की बैठक में आगाह किया है कि यह दुनिया के सामने यह एक बहुत अहम क्षण है,जिससे न केवल राष्ट्रोंबल्कि मानवता का भी भविष्य तय होगा. अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी परमाणु संयंत्रों पर हमले की स्थिति में विकिरण रिसाव के ख़तरों के प्रति अपनी चेतावनी जारी की है. 

इसराइल ने बीते सप्ताह को ईरान में परमाणु केन्द्रों व सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले शुरू किए, जिसके बाद ईरान ने सिलसिलेवार मिसाइलों व ड्रोन के ज़रिए जवाबी कार्रवाई की है. हिंसक टकराव में दोनों पक्षों को जान-माल की हानि हुई है और ख़बरों के अनुसार मृतकों का आँकड़ा 240 को पार कर चुका है.

अल्जीरिया, चीन, पाकिस्तान व रूस के समर्थन और ईरान के अनुरोध पर शुक्रवार को सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई.

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुनिया के सामने यह एक निर्धारक क्षण है, जिससे न केवल राष्ट्रों, बल्कि मानवता का भी भविष्य तय होगा.

उनके अनुसार, इसराइल और ईरान के बीच हिंसक टकराव तेज़ी से बढ़ रहा है, आम नागरिकों की जान जा रही है, घर व बुनियादी प्रतिष्ठान तबाह हो रहे हैं और यहाँ तक की परमाणु केन्द्रों को भी निशाना बनाया जा रहा है.

“हम संकट की ओर टहलते हुए नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि वहाँ पहुँचने के लिए दौड़ लगा रहे हैं. हम अलग-थलग घटनाओं को नहीं देख रहे हैं, हम सम्भावित अराजकता के रास्ते पर हैं.”

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी पक्षों, सुरक्षा परिषद से आग्रह किया कि शान्ति को एक अवसर दिया जाना होगा और टकराव को और अधिक भड़कने से रोकने के लिए तुरन्त क़दम उठाने होंगे. उन्होंने चेतावनी जारी की है कि यदि इस टकराव का दायरा फैला, तो फिर इससे जो आग फैलेगी, उस पर कोई भी नियंत्रण नहीं कर पाएगा.

यूएन प्रमुख ने ईरान और इसराइल के बीच पिछले कई दशकों से व्याप्त तनाव को माना, लेकिन स्पष्ट किया कि फ़िलहाल परमाणु मुद्दा एक प्रमुख सवाल है, और इससे क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा के लिए उपजने वाले जोखिम भी.

‘शान्ति को अवसर दीजिए’

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि परमाणु अप्रसार सन्धि, अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा की एक आधारशिला है और इसलिए ईरान को अपने तयशुदा दायित्वों का सम्मान करना होगा.

ईरान ने बार-बार कहा है कि उसकी मंशा परमाणु हथियारों को हासिल करना नहीं है, लेकिन यूएन प्रमुख के अनुसार भरोसे की कमी है और इसे कूटनीति के ज़रिए ही पाटा जा सकता है.

इसके तहत, एक भरोसेमन्द, व्यापक व सत्यापन योग्य समाधान को ढूंढा जाना होगा, जिसमें जाँच के लिए अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों की पहुँच सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने लड़ाई पर विराम लगाए जाने और गम्भीर वार्ता की दिशा में लौटने की अपील जारी करते हुए कहा कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून की नींव पर राजनयिक प्रयासों को जल्द से जल्द समर्थन देना होगा.

टकराव का दायरा बढ़ने के प्रति चेतावनी

राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों के लिए प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने सुरक्षा परिषद में कहा कि इसराइल और ईरान के बीच हमलों के दायरे में विस्तार आने से हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या बढ़ रही है.

उन्होंने कहा कि इसराइली हमलों में अब तक ईरान में 100 से अधिक सैन्य ठिकानों व परमाणु केन्द्रों को निशाना बनाया गया है, जिनमें नतान्ज़, इसफ़हान समेत अन्य स्थल हैं. मगर, तेहरान व अहवाज़ समेत अन्य शहरों में घरों, अस्पतालों, सरकारी इमारतों को भी नुक़सान पहुँचा है.

अब तक 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

नियमित प्रसारण के दौरान, ईरान के सरकारी टेलिविज़न केन्द्र पर भी बमबारी की गई और निवासियों को कई बार जगह खाली करके जाने के आदेश दिए गए हैं. तेहरान समेत अन्य इलाक़ों में ईंधन की क़िल्लत है और सामूहिक विस्थापन से कठिन हालात हैं.

अवर महासचिव रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा कि ईरान के जवाबी हमलों में तेल अवीव, हाइफ़ा, बीरशेबा समेत अन्य शहरों में गहरी क्षति पहुँची है. अब तक 24 लोग मारे गए हैं, जिनमें अधिकाँश आम नागरिक हैं.

यूएन की वरिष्ठ अधिकारी ने चिन्ता जताई है कि मध्य पूर्व क्षेत्र, पूर्ण स्तर पर हिंसक टकराव भड़कने के कगार पर है, जिसका असर इराक़, सीरिया, जॉर्डन, लेबनान और लाल सागर क्षेत्र तक पहुँच सकता है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा हुआ तो इसके पूरे क्षेत्र और अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिए विशाल दुष्परिणाम होंगे.

ईरान में परमाणु सुरक्षा पर सवाल

यूएन समर्थित परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) के महानिदेशक रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान सचेत किया कि ईरान में परमाणु केन्द्रों पर इसराइली हमलों से परमाणु सुरक्षा व बचाव उपायों को गहरी क्षति पहुँची है.

“हालांकि, इस वजह से अब तक आम जनता को प्रभावित करने वाला विकरिण का रिसाव नहीं हुआ है, लेकिन यह होने का ख़तरा है.”

IAEA प्रमुख ने बताया कि 13 जून को इसराइली हमले शुरू होने के बाद से ही स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और उनका संगठन किसी भी परमाणु विकिरण या आपात हालात से निपटने के लिए तैयार है.

रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने कहा कि इसराइली हमलों में कई केन्द्रों पर ज़मीन को भेदने वाली आयुध सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे गहरी क्षति हुई है. इस क्षेत्र में स्थित अनेक देशों ने यूएन एजेंसी को अपनी चिन्ताओं से अवगत कराया है.

उन्होंने चेतावनी जारी की है कि बुशहर परमाणु संयंत्र पर यदि हमला किया गया, तो उससे पहुँचे नुक़सान या बिजली आपूर्ति को क्षति से, एक बड़ा विकरिण रिसाव हो सकता है, जिसके लिए फिर उस इलाक़े को खाली कराना पड़ेगा और अन्य आपात उपाय लागू करने होंगे. 

महानिदेशक रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने घनी आबादी वाले इलाक़ों, जैसेकि राजधानी तेहरान, में परमाणु केन्द्रों को निशाना बनाए जाने पर भी गहरी चिन्ता व्यक्त की है, जिसके भयावह नतीजे हो सकते हैं.