मानव तस्करों ने प्रवासियों को नाव से कूदने के लिए किया मजबूर, 8 लोगों की मौत
जिबूती के तट से दूर लाल सागर जल क्षेत्र में तस्करी का शिकार और उफनती लहरों में किसी तरह से जान बचाने वाले पीड़ितों ने अपनी व्यथा को साझा किया है. उन्होंने बताया कि मानव तस्करों ने नाव में सवार अनेक प्रवासियों को जबरन, तट से दूर समुद्र में कूदने के लिए मजबूर किया, जिससे कई लोगों की डूबने की वजह से मौत हो गई. कुछ लोगों ने तैर कर किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन अनेक अन्य अब भी लापता हैं.
यह दर्दनाक घटना 5 जून की है, जब सम्भवत: यमन की ओर, लगभग 150 यात्रियों को ले जा रही एक नाव को बीच समुद्र में तस्करों ने रोका, और इसके बाद कई लोगों को पानी में धक्का दे दिया गया.
इस घटना में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है और 22 अब भी लापता बताए गए हैं.
पूर्वी, हॉर्न और दक्षिणी अफ़्रीका क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी (IOM) की निदेशक सेलेस्टीन फ़्रांट्ज़ ने बताया कि, “इन युवाओं को असम्भव विकल्प चुनने के लिए मजबूर किया गया."
"तस्करों के लिए इनसानी जान की कोई अहमियत नहीं है. हम बचे हुए लोगों की हर सम्भव मदद कर रहे हैं और इस जानलेवा रास्ते पर और किसी भी नुक़सान को रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं.”
बचाव अभियान
यूएन प्रवासन संगठन की मदद से चलाए जा रहे खोज एवं बचाव अभियान के दौरान जिबूती के उत्तरी हिस्से के पास सागर से अब तक पाँच शव बरामद किए गए हैं.
अब तक आठ लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन यह संख्या बढ़ सकती है क्योंकि तलाश अभी जारी है.
IOM ने बताया कि हादसे के बाद के दिनों में, कई जीवित बचे लोग संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की मोबाइल टीमों को रेगिस्तान में मिले. उन्हें अब स्थानीय अस्पताल में तत्काल चिकित्सा सहायता दी जा रही है और IOM के प्रवासी सहायता केन्द्र में मानसिक व भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है.
हर साल हज़ारों प्रवासी अफ़्रीका के हॉर्न क्षेत्र (इथियोपिया, सोमालिया और ऐरीट्रिया समेत अन्य देश) से यमन के रास्ते खाड़ी देशों तक पहुँचने की कोशिश में अपनी जान जोखिम में डालते हैं. यहाँ वे लोग रोज़गार की उम्मीद में पलायन करते हैं.
जोखिम भरे यात्रा मार्ग
IOM के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक पूर्वी भूमध्यसागर मार्ग पर, जिसमें जिबूती से यमन तक का रास्ता भी शामिल है, 272 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. इसमें भूमि और जल मार्गों पर हुई घटनाएँ शामिल हैं.
IOM ने कहा, “जिबूती तट के पास यह त्रासदी एक और दुखद समुद्री हादसे की कड़ी है, जोकि अफ़्रीका के हॉर्न और यमन के बीच प्रवासन मार्ग पर प्रवासियों की सुरक्षा के लिए मज़बूत संरक्षण व्यवस्था की तत्काल ज़रूरत को उजागर करती है.”
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यह हालिया जानलेवा घटना एक बढ़ते संकट का हिस्सा है. साथ ही, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि खोज एवं बचाव अभियानों को मज़बूत करने और सुरक्षित प्रवासन मार्गों तक पहुँच बढ़ाने के लिए सहयोग और समर्थन बढ़ाया जाना चाहिए.
एक अन्य घटना में, IOM ने बताया कि मिस्र के मार्सा मातरूह इलाके़ के पास समुद्री तट पर 10 प्रवासियों के शव मिले हैं. माना जा रहा है कि ये सभी प्रवासी लीबिया के तट से रवाना हुए थे, जोकि अक्सर मानव तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मार्ग है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो भूमध्यसागर पार कर योरोप पहुँचने की कोशिश करते हैं.
IOM की लापता प्रवासी परियोजना के अनुसार, 2014 से अब तक 32 हज़ार से अधिक लोगों की मौत भूमध्यसागर में डूबने से हो चुकी है, और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आशंका है.