महासागरों की 'लूट' पर लगाम कसने के आहवान के साथ, फ़्राँस में यूएन शिखर सम्मेलन शुरू
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भूमध्यसागर तट पर स्थित शहर नीस में सोमवार को तीसरे 'संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन' (UNOC3) का उदघाटन किया है. महासचिव ने नीले सागर की चमकती लहरों की पृष्ठभूमि में वहाँ जुटे प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए समुद्र के साथ मानवता के टूटे हुए सम्बन्ध की कठोर आलोचना की और उन्हें बचाने के लिए तुरन्त कार्रवाई की पुकार लगाई.
यूएन महासचिव ने ध्यान दिलाया कि महासागार एक महत्वपूर्ण संसाधन हैं, लेकिन हम इसका संरक्षण करने में विफल रहे हैं.
उन्होंने चेतावनी दी कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के कारण होने वाले अत्यधिक ताप का 90 फ़ीसदी महासागर ही अवशोषित कर रहे हैं, और गहरे दबाव को झेल रहे हैं. अत्यधिक मछली पकड़ना, तापमान वृद्धि, प्लास्टिक प्रदूषण, अम्लीकरण, प्रवाल भित्तियों का क्षरण विशाल चुनौतियाँ बन चुकी हैं.
यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने चिन्ता जताई कि मछली के भंडार ढह रहे हैं, बढ़ते समुद्री जलस्तर से जल्द ही "डेल्टा डूब सकते हैं, फ़सलें नष्ट हो सकती हैं, और तटीय क्षेत्र जलाधीन हो सकते हैं, जिससे कई द्वीपों का अस्तित्व ख़तरे में पड़ सकता है."
संरक्षण का आहवान
नीस में UNOC3 सम्मेलन के उदघाटन समारोह में ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनेसियो लूला दा सिल्वा और योरोपीय आयोग की अध्यक्ष, उर्सुला फ़ोन डेर लेयेन समेत 50 से अधिक देशों के नेताओं व सरकार प्रमुखों ने भाग लिया, जोकि इस शिखर सम्मेलन के महत्व को दर्शाता है.
फ़्राँस व कोस्टा रीका की सह-अध्यक्षता में इस पाँच दिवसीय सम्मेलन में, कुल मिलाकर, 120 से अधिक देश हिस्सा ले रहे हैं. इस विशाल स्तर पर आयोजन एक स्पष्ट संकेत है कि महासागर की सेहत, और जलवायु स्थिरता, खाद्य सुरक्षा एवं वैश्विक समता के बीच सम्बन्ध और उनकी अहमियत के प्रति समझ बढ़ी है.
फ़्राँस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्राँ ने महासागर संरक्षण के लिए विज्ञान, क़ानून और बहुपक्षीय समाधानों तक पहुँचने के इरादे से एक पुरज़ोर अपील जारी की.
"महासागरों की गहराई बिक्री के लिए नहीं है, जैसेकि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है, या फिर अंटार्कटिका या high seas (राष्ट्रीय सीमाओं से परे, अन्तरराष्ट्रीय जल-क्षेत्र) बिक्री के लिए नहीं हैं."
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने सचेत किया कि "अगर पृथ्वी गर्म हो रही है, तो महासागर का पानी भी उबल रहा है."
उन्होंने कहा कि समुद्रों की नियति को बाज़ारों की राय पर नहीं छोड़ा जा सकता है. "इसलिए पहली प्रतिक्रिया बहुपक्षवाद होनी चाहिए. जैव विविधता की ही तरह जलवायु भी मतभेद का विषय नहीं है; यह वैज्ञानिक रूप से स्थापित तथ्यों पर आधारित है."
कोस्टा रीका के राष्ट्रपति रॉड्रिगो चावेस रोबल्स ने भी सख़्त चेतावनी देते हुए कहा, “महासागर हमसे कुछ कह रहे हैं - क्षरण का शिकार प्रवाल भित्तियाँ, तूफ़ान और कराह रहे मैन्ग्रोव के साथ. बयानबाज़ी के लिए समय नहीं बचा है, अब समय कार्रवाई करने का है.”
उन्होंने दशकों तक महासागरों का "वैश्विक कूड़ेदान" की तरह इस्तेमाल करने की निन्दा करते हुए, शोषण से संरक्षण की ओर बदलाव की अगुवाई का आहवान किया.
कोस्टा रीका के नेता ने, अन्तरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में गहरे समुद्र में खनन पर तब तक स्वैच्छिक रोक लगाने का आग्रह किया है, जब तक विज्ञान द्वारा इसमें निहित जोखिमों का आकलन पूरा नहीं कर लिया जाता है. इसके लिए 33 देश पहले से ही अपना समर्थन दे चुके हैं.
पहुँच के भीतर
सम्मेलन के मुख्य उद्देश्यों में से एक ‘High Seas’ समझौते को पारित को लागू करने में मदद करना है - जिसे BBNJ समझौते के रूप में जाना जाता है. इससे तात्पर्य, राष्ट्रीय सीमाओं से परे स्थित अन्तरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समुद्री जीवन को संरक्षित करना है.
यह समझौता वर्ष 2023 में अपनाया गया था, और इसे एक बाध्यकारी अन्तरराष्ट्रीय सन्धि बनाने के लिए 60 देशों के समर्थन की आवश्यकता है.
फ़्राँस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्राँ ने घोषणा की कि यह उद्देश्य अब हासिल होने के क़रीब है. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ घंटों में ही इसके लिए लगभग 50 अनुसमर्थन प्राप्त हो चुके हैं. इसके अलावा, 15 देशों ने औपचारिक रूप से उनमें शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई है."
"इसका अर्थ है कि राजनैतिक समझौता हो गया है, जिससे हम यह कहने की स्थिति में हैं कि यह [सन्धि] ठीक से लागू की जा सकेगी."
फ़्राँसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि इसके लिए क़ानूनी अनिवार्यताएँ अभी हों या फिर इस सप्ताह के बाद पूरी हों, लेकिन, "यह एक बड़ी जीत है."
जोखिमों पर चर्चा
वार्ता के शुरुआती भाषणों से यह स्पष्ट हो गया है कि नीस, प्लास्टिक प्रदूषण पर एक वैश्विक समझौते को अन्तिम रूप देने, महासागर वित्त पोषण बढ़ाने और समुद्री तल में खनन से जुड़े मतभेदों का समाधान करने जैसे बड़े जोखिमों पर चर्चा का अहम मंच साबित होगा.
सम्मेलन के दौरान सैकड़ों नए संकल्पों को व्यक्त किए जाने की सम्भावना है. 2017 में हुए पहले महासागर सम्मेलन के बाद से अब तक, ऐसे दो हज़ार से अधिक स्वैच्छिक संकल्प व्यक्त किए जा चुके हैं. नए संकल्पों के अलावा, नीस कार्रवाई योजना में एक औपचारिक घोषणापत्र भी होगा, जिसे ठोस क़दमों पर लक्षित एक राजनैतिक दस्तावेज़ बताया गया है.
नीस महासागर कार्रवाई योजना को, कुनमिंग-मॉन्ट्रियाल वैश्विक जैवविविधता फ़्रेमवर्क के अनुरूप जगह दी जाएगी. जैवविविधता संरक्षण पर 2022 में हुए समझौते में 2030 तक कम से कम 30 फ़ीसदी समुद्री व पृथ्वी पर मौजूद पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण की पुकार लगाई गई है.
यूएन महासचिव ने कहा कि गहरे समुद्र को अराजकता की जगह नहीं बनने दिया जा सकता है." निर्णय "विज्ञान पर आधारित हों, सावधानी से निर्देशित हों, और संयुक्त राष्ट्र समुद्री क्षेत्र क़ानून पर सन्धि में निहित अधिकारों एवं दायित्वों के अनुरूप हों."
शिखर सम्मेलन एक विशेष रूप से निर्मित स्थल पर आयोजित किया जा रहा है, जो पोर्ट लिम्पिया के सामने है. नीस के इस ऐतिहासिक बन्दरगाह को अब इस सम्मेलन के लिए कूटनैतिक 'ब्लू ज़ोन' में बदल दिया गया है.
रविवार को, एक प्रतीकात्मक समारोह में आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के लिए यूएन अवर महासचिव और इस सम्मलेन के लिए महासचिव ली जुनहुआ ने बन्दरगाह पर फ़्राँस व यूएन के झंडे फहराए.
उन्होंने कहा, "यह समारोह न केवल इस ऐतिहासिक बंदरगाह को औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र के हाथों में सौंपने का, बल्कि एक सप्ताह चलने वाली साझा प्रतिबद्धता, ज़िम्मेदारी और आशा की शुरुआत का प्रतीक भी है."
संस्कृति, विज्ञान और सामूहिक स्मृति
सम्मेलन शुरू होने से पहले, सोमवार को पॉलिनेशियन जलवायु कार्यकर्ता लुडोविक बर्न्स टुकी ने एक पारम्परिक शंख, पू को फूंककर, सांस्कृतिक विधि से शिखर सम्मेलन की शुरुआत की.
उन्होंने कहा, "यह सभी को बुलाने का एक तरीक़ा है," उन्होंने समारोह के बाद यूएन न्यूज़ को बताया कि, "मैं अपने पूर्वजों के आशीर्वाद से शंख बजाता हूँ."
ताहिती में जन्मे टुकी के माता-पिता तुआमोटू और ईस्टर द्वीपों से हैं, "हम केवल अलग-अलग देश नहीं हैं. हमें एक सामूहिक प्रणाली की तरह सोचने की ज़रूरत है, क्योंकि यह एक महासागर है, सर्वजन का साझा भविष्य है."
खोया हुआ, वापिस आ सकता है
सम्मेलन के लक्ष्य स्पष्ट हैं - लेकिन महत्वाकांक्षी भी हैं: स्थाई मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, समुद्री परिवहन को कार्बन-रहित करने और समुद्र आधारित अर्थव्यवस्थाओं के लिए वित्त पोषण को प्रोत्साहन देने के लिए. इसमें कमज़ोर तटीय देशों की मदद के लिए महासागरों से जुड़े बॉन्ड और प्रकृति के बदले ऋण का आदान-प्रदान भी शामिल हैं.
मुख्य उदघाटन सत्र के अलावा, सोमवार को दो उच्च स्तरीय चर्चाएँ होंगी: एक समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण और पुनर्बहाली पर - जिसमें गहरे समुद्री पर्यावास शामिल हैं. दूसरा, विज्ञान एवं नीति के बीच की खाई पाटने के लिए, वैज्ञानिक सहयोग, प्रौद्योगिकी के आदान प्रदान एवं शिक्षा को मज़बूत करने हेतु.
यूएन महासचिव ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य 14, 'जल के नीचे के जीवन' पर, 17 संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक लक्ष्यों में से सबसे कम वित्त पोषित है. उन्होंने कहा, "इसे बदलना होगा. हमें निजी पूंजी निवेश के लिए एक साहसिक मॉडल की आवश्यकता है."
"जो एक पीढ़ी ने खो दिया था, वह एक पीढ़ी में वापस भी आ सकता है. जीवन और विविधता से भरपूर हमारे पूर्वजों का महासागर, केवल एक किंवदन्ती बनकर न रह जाए. इसे हमारी विरासत बनाना होगा."