यमन: मनमाने ढंग से हिरासत में रखे गए सहायताकर्मियों की तत्काल रिहाई की अपील
यमन में हूथी लड़ाकों ने एक वर्ष पहले जून में संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, ग़ैर-सरकारी व नागरिक समाज संगठनों और रायनयिक मिशन में सेवारत कर्मचारियों को मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया था. यूएन महासचिव ने सोमवार को अपने सन्देश में उन्हें तत्काल, बिना किसी शर्त के रिहा किए जाने की अपील फिर दोहराई है.
यमन पिछले एक दशक से हूथी विद्रोहियों व सऊदी-नेतृत्व में सरकारी सुरक्षा बलों के बीच युद्ध में झुलस रहा है. देश में 1.8 करोड़ लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, जोकि देश की आधी से अधिक आबादी है.
राजधानी सना समेत देश के अधिकाँश हिस्से में हूथी लड़ाकों का शासन है, जिन्हें अंसार अल्लाह गुट के नाम से भी जाना जाता है. इस गुट ने संयुक्त राष्ट्र, ग़ैर-सरकारी संगठनों, नागरिक समाज व कूटनैतिक मिशन के अनेक कर्मचारियों को अब भी हिरासत में रखा हुआ है, जिनमें से कई लोग पिछले कुछ सालों से बन्दी हैं.
यूएन प्रमुख ने अपने वक्तव्य में कुछ महीने पहले विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक कर्मचारी की हिरासत में हुई मौत की कड़े शब्दों में निन्दा की.
उन्होंने कहा कि हूथी लड़ाकों ने अभी तक इस निन्दनीय त्रासदी पर कोई जानकारी नहीं दी है जिसकी तत्काल, पारदर्शी व विस्तृत जाँच कराए जाने की आवश्यकता है ताकि जवाबदेही तय की जा सके.
महासचिव ने ध्यान दिलाया कि यूएन और उसके मानवतावादी साझेदारों को भी निशाना नहीं बनाया जाना होगा, और न ही आम नागरिकों की भलाई के लिए अपना दायित्व पूरा करते समय उन्हें गिरफ़्त या हिरासत में लिया जाना होगा.
यमन में अनेक संगठनों के कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने से, मानवीय संकट से जूझ रहे देश में ज़रूरतमन्द आबादी तक सहायता पहुँचाने की यूएन की क्षमता पर असर हुआ है. साथ ही, शान्ति की दिशा में मध्यस्थता प्रयास भी कमज़ोर हुए हैं.
एकजुटता का आग्रह
यूएन प्रमुख ने कहा कि इस सप्ताह शुक्रवार को ईद अल अज़हा का त्योहार मनाया जाएगा, जोकि करुणा दर्शाने का एक समय है.
इसके मद्देनज़र, उन्होंने हूथी लड़ाकों से हिरासत में रखे गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किए जाने की अपील की है. उन सभी परिवारों की व्यथा का अन्त किया जाना होगा, जोकि अपने प्रियजन की वापसी प्रतीक्षा कर रहे हैं.
कुछ कर्मचारियों को 2021 और 2023 से ही बन्धक बनाकर रखा गया है, जबकि अन्य को पिछले वर्ष जून में व इस साल जनवरी में हिरासत में लिया गया था.
महासचिव गुटेरेश ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि, “आपको भुलाया नहीं गया है.” आपकी सुरक्षित व तत्काल रिहाई के लिए यूएन सभी ज़रियों से प्रयास जारी रखेगा.
इस क्रम में, उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय साझेदारों, ग़ैर सरकारी संगठनों और यमन की जनता के लिए प्रयासरत सभी पक्षों का आभार प्रकट किया है. उन्होंने सदस्य देशों से आग्रह किया है कि हिरासत में रखे गए कर्मचारियों के प्रति एकजुटता दर्शानी होगी और उनकी रिहाई के लिए प्रयासों में तेज़ी लानी होगी.