वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

ग़ाज़ा की पूरी आबादी अकाल के ख़तरे में, सहायता पर इसराइल का नियंत्रण जारी

गाजा शहर में फिलिस्तीनी लोग खाद्य सहायता का इंतजार कर रहे हैं, वितरण केंद्र पर मुफ्त भोजन प्राप्त करने के लिए वे बर्तन और कटोरे ऊपर उठाए हुए हैं।
© WHO फ़रवरी 2025 में फ़लस्तीनी आबादी एक खाद्य वितरण केन्द्र के नज़दीक एकत्र हुई है.

ग़ाज़ा की पूरी आबादी अकाल के ख़तरे में, सहायता पर इसराइल का नियंत्रण जारी

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय OCHA ने शुक्रवार को कहा है कि ग़ाज़ा पट्टी में इसराइली अधिकारी अन्तरराष्ट्रीय राहत प्रयासों को गम्भीर रूप से बाधित कर रहे हैं. इस बाधा के ज़रिए ग़ाज़ा में लोगों को मानवीय सहायता से वंचित रखा जा रहा है और लोग भोजन के अभाव में मौत के मुँह में धकेले जा रहे हैं.

Tweet URL

OCHA के प्रवक्ता येन्स लार्क ने जिनीवा में संवाददाताओं से कहा कि ग़ाज़ा पृथ्वी पर भुखमरी से पीड़ित सबसे अधिक भीषण स्थान है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ग़ाज़ा दुनिया का एकमात्र ऐसा परिभाषित क्षेत्र है, जहाँ पूरी आबादी अकाल के ख़तरे में है. “हमारे पास इस समय जो सहायता सामग्री आपूर्ति के लिए तैयार है, उसे बेहद तंग हालात में रखा जा रहा है, जिसके कारण, ये सहायता अभियान, ना केवल आज दुनिया में, बल्कि हाल के इतिहास में सबसे अधिक बाधित सहायता अभियानों में से एक बन गया है.”

येन्स लार्क ने बताया कि दस दिन पहले इसराइल और युद्धग्रस्त ग़ाज़ा पट्टी के बीच कैरेम शेलोम सीमा चौकी को फिर से खोलने के बाद से, इजरायल की ओर से प्रवेश करने के लिए स्वीकृत किए गए लगभग 900 सहायता ट्रकों में से, 600 से भी कम ट्रकों में से, ग़ाज़ा के भीतर सामान उतारा जा सका है.

उन्होंने "भीड़भाड़ वाले, असुरक्षित" मार्गों की ओर इशारा किया, जिनका उपयोग इसराइली अधिकारियों ने, मानवतावादियों को करने के लिए कहा गया है, साथ ही सहायता क़ाफ़िलों को आगे बढ़ने के लिए, अनुमति मिलने में भी "काफ़ी देरी" भी की जा रही है.

बून्द-बून्द भोजन सहारा

OCHA के प्रवक्ता ने ज़ोर देकर कहा कि खाद्य सामग्री से भरे ट्रकों की सीमित संख्या आने से लोगों को "बून्द-बून्द" के रूप में खाद्य सामग्री मिल रही है. "यह, भयावह भूख के कगार पर खड़े क्षेत्र में, खाद्य सामग्री की बून्द-बून्द खाद्य आपूर्ति है."

येन्स लार्क ने कहा कि रास्ते में कई ट्रकों पर "हताश लोगों की भीड़" भी टूट पड़ी. "यह मनःस्थिति हताश लोगों की, जीवित रहने की इच्छा से प्रेरित प्रतिक्रिया है, जो अपने परिवारों को खाना खिलाना चाहते हैं."

उन्होंने कहा कि ट्रकों में भरी सहायता सामग्री, "उन लोगों तक पहुँचाने के लिए दानकर्ताओं की तरफ़ से मुहैया कराई गई थी".

उन्होंने समझाते हुए कहा, "मैं उन्हें सहायता सामग्री लेने के लिए एक सेकंड का भी दोष नहीं देता, जो अनिवार्य रूप से पहले से ही उनकी है, लेकिन इसे उस तरह से वितरित नहीं किया जा सका, जैसाकि हम चाहते थे."

बुधवार को भूखी भीड़ ने मध्य ग़ाज़ा के डेयर अल-बलाह में संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के गोदाम पर क़ब्ज़ा कर लिया था, जहाँ गेहूँ के आटे का सीमित भंडार पहले से ही रखा हुआ था. उस आटे को कुछ बेकरी में फिर से काम शुरू किए जाने के लिए रखा गया था.

इस घटना में कथित तौर पर दो लोगों की मौत हो गई. डब्ल्यूएफ़पी ने एक वक्तव्य में “भूखे लोगों को मानवीय सहायता सीमित करने से होने वाले जोखिमों” के बारे में चेतावनी दोहराई, जिन्हें सहायता की सख़्त जरूरत है.

सहायता अवश्य पहुँचनी चाहिए

OCHA के प्रवक्ता येन्स लार्क ने एक बार फिर इस वास्तविकता पर ज़ोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र और भागीदारों के पास, ग़ाज़ा के लोगों की पीड़ा को दूर करने के लिए, “खाद्य पदार्थों और अन्य जीवन रक्षक सहायता के हज़ारों पैलेट” ग़ाज़ा में दाख़िल होने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा, “इस सहायता सामग्री के लिए भुगतान, दुनिया भर से विभिन्न दाताओं ने किया है, जो हमसे, इस सहायता सामग्री को, उनकी तरफ़ से, ज़रूरतमन्द लोगों तक, पहुँचाने की उम्मीद करते हैं. इसे सीमा शुल्क की तरफ़ से मंज़ूरी दे दी गई है, इसे पूरी तरह मंज़ूरी दे दी गई है और यह आगे बढ़ने के लिए तैयार है.”

ग़ौरतलब है कि एक निजी संस्था – ग़ाज़ा मानवीय संस्थान (GHF) द्वारा संचालित एक नई सहायता वितरण योजना ने इस सप्ताह, ग़ाज़ा पट्टी में संयुक्त राष्ट्र से अलग, काम करना शुरू किया है. इसे संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल का समर्थन हासिल है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय, OHCHR को मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दक्षिणी इलाक़े में इसकी वितरण सुविधा से सहायता एकत्र करने का प्रयास करते हुए लोगों पर फ़लस्तीनी लोगों पर गोलीबारी हुई जिसमें, कम से कम 47 लोग घायल हो गए थे.