समुद्री स्थानों में बढ़ते ख़तरों से, वैश्विक व्यापार और शान्ति को जोखिम
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, विश्व शक्तियों से अन्तरराष्ट्रीय समुद्री क़ानून का पालन करते रहने और भू-राजनैतिक प्रतिद्वन्द्विता को दूर करने का आग्रह करते हुएचेतावनी दी है कि बढ़ते ख़तरे, वैश्विक व्यापार, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और अन्तरराष्ट्रीय शान्ति को जोखिम में डाल रहे हैं.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, मंगलवार को सुरक्षा परिषद की एक उच्च-स्तरीय चर्चा को सम्बोधित करते हुए कहा कि महासागर और समुद्र "एक स्पष्ट SOS सन्देश भेज रहे हैं". समुद्री क्षेत्रों पर पारम्परिक ख़तरों और नए ख़तरों दोनों का दबाव बढ़ रहा है जिनमें समुद्री डकैती, सशस्त्र डकैती, तस्करी, आतंकवाद, साइबर हमले और क्षेत्रीय विवाद शामिल हैं.
उन्होंने कहा, "अनादि काल से, समुद्री मार्ग दुनिया को एक सूत्र में बांधते रहे हैं. लेकिन समुद्री क्षेत्र तेज़ी से दबाव में हैं...और समुद्री सुरक्षा के बिना, वैश्विक सुरक्षा नहीं हो सकती."
समुद्री डकैती और हमलों में वृद्धि
महासचिव ने 2025 की शुरुआत में समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती में हुई तेज़ वृद्धि की ओर इशारा किया और अन्तरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में, इस तरह की घटनाओं में साढ़े 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
यह वृद्धि एशिया में सबसे अधिक स्पष्ट थी, विशेष रूप से मलक्का और सिंगापुर के व्यस्त जलडमरूमध्य क्षेत्र में.
उन्होंने हूथी लड़ाकों द्वारा लाल सागर और अदन की खाड़ी में शिपिंग पर लगातार हमलों, काले सागर में व्यवधान और गिनी की खाड़ी, भूमध्य सागर और अटलांटिक में, ड्रग्स और मानव तस्करी करने वाले बढ़ते आपराधिक नैटवर्क को भी रेखांकित किया.
यह चर्चा, मई महीने के लिए सुरक्षा परिषद की ग्रीस की अध्यक्षता का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम था. देश के प्रधान मंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने हथौड़े की चोट के साथ कार्यवाही संचालित की. उस समय कई मंत्री कक्ष में मौजूद थे.
पतन के लिए 90 दिन की उल्टी गिनती
ग्रीस में जहाज़ मालिकों के संगठन की अध्यक्ष मेलिना ट्रैवलोस ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों को कड़ी चेतावनी दी: यदि वैश्विक जहाज़रानी प्रणाली ठप हो जाती है, तो विश्व अर्थव्यवस्था मात्र 90 दिनों में ढह जाएगी.
उन्होंने जहाज़रानी क्षेत्र को "वैश्विक कल्याण का मूक संरक्षक" बताया और कहा कि अन्तरराष्ट्रीय व्यापार का 90 प्रतिशत हिस्सा और 12 अरब टन से अधिक माल, हर साल समुद्री परिवहन पर निर्भर करता है.
उन्होंने कहा, "जहाज़रानी क्षेत्र दुनिया को एकजुट करता है, कभी-कभार नहीं, बल्कि लगातार."
उन्होंने बढ़ते और अधिक जटिल ख़तरों के बीच, नाविकों और समुद्री बुनियादी ढाँचे की अधिक सुरक्षा का आहवान किया.
एक जहाज़, छह दिन, अरबों का नुक़सान
कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों के प्रोफ़ेसर क्रिश्चियन बुएगर ने, राजदूतों को याद दिलाया कि 2021 में, एक जहाज़ - एवर गिवेन - ने छह दिनों तक स्वेज़ नहर को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुक़सान हुआ.
उन्होंने 1990 के दशक से समुद्री व्यापार में 300 प्रतिशत की वृद्धि का हवाला देते हुए कहा, "इतिहास में हम पहले कभी समुद्र पर इतने निर्भर नहीं रहे, जितने आज हैं."
प्रोफ़ेसर बुएगर ने सदस्य देशों से समुद्री सुरक्षा के लिए अधिक व्यवस्थित, साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया और साथ ही, ऐसी वैश्विक जवाबी कार्रवाई का आग्रह किया जो कि इसके सामने आने वाले ख़तरों के समान ही परस्पर जुड़ी हुई हो.
समुद्री क़ानून का पालन जारी रखें
महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए तीन-आयामी रणनीति पेश की और ज़ोर देते हुए कहा कि निजी मतभेदों या जहाज़रानी व्यवधानों की परवाह किए बिना, निर्णायक व समन्वित वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता है.
इनमें अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का पालन करते रहना, समुद्री असुरक्षा के मूल कारणों से निपटना और वैश्विक साझेदारी को मज़बूत करना शामिल है.
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि स्थाई समाधान के लिए सरकारों, क्षेत्रीय निकायों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज से सहयोग की आवश्यकता होगी - जिसमें महिलाएँ और लड़कियाँ भी शामिल हैं, जो समुद्री अपराध से असमान रूप से प्रभावित हैं.
उन्होंने कहा, "सामूहिक रूप से, हमें इस सम्भावना को कम करने के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे कि हताश लोग अपराध व अन्य गतिविधियों की ओर रुख़ नहीं करें जिनसे समुद्री सुरक्षा को ख़तरा पहुँचता है और हमारा समुद्री पर्यावरण ख़राब होता है."
"संयुक्त राष्ट्र प्रणाली, आने वाली पीढ़ियों के लिए शान्तिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध समुद्री स्थान सुनिश्चित करने के लिए, सदस्य देशों का समर्थन करने के लिए तैयार है."