अफ़ग़ानिस्तान में धन कटौती का मतलब है ‘ज़िन्दगियों का नुक़सान और छोटी जिन्दगियाँ’
अफ़ग़ानिस्तान के बामियान प्रान्त के एक दूरदराज़ गाँव के क्लीनिक में, कुछ किशोर लड़कियों को प्रजनन स्वास्थ्य के लिए अहम जीवनरक्षक सलाह दी गई. ये लड़कियाँ, माहवारी सम्बन्धी सामान की छोटी किट देखकर भी उत्साहित महसूस कर रही थीं...
क्लीनिक में कई ऐसी महिलाएँ भी पहुँचीं, जिन्होंने मातृ देखभाल प्राप्त करने के लिए कई घंटों का पैदल सफ़र तय किया. उनमें से कुछ महिलाएँ, अपने नवजात शिशुओं के साथ थीं और कुछ गर्भवती थीं.
और फिर वहाँ ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जो तालेबान द्वारा नियंत्रित इस ग़रीब देश के दुर्गम इलाक़ों में, ज़रूरतमन्द लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध थे.
‘राडार से ओझल’
ये कुछ ऐसे दृश्य थे जिन्हें संयुक्त राष्ट्र की प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी (UNFPA) के उप कार्यकारी निदेशक ऐंड्रयू सबरटॉन ने अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा के दौरान देखा.
उन्होंने देश की यह यात्रा, हाल ही में की गई भारी धन कटौती के प्रभाव का आकलन करने के मिशन के तहत की थी.
ऐंड्रयू सबरटॉन ने बुधवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों से कहा, "मैंने देखा और समझा कि यूएनएफ़पीए में भारी धन कटौती से दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक (अफ़ग़ानिस्तान) पर कितना विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा. यह एक ऐसा संकट है जो समाचारों के राडार से तो ग़ायब हो सकता है मगर यह दुनिया के सबसे बड़े संकटों में से एक है."
उन्होंने अपनी अफ़ग़ान यात्रा के दौरान राजधानी काबुल, बामयान और पाकिस्तान के साथ लगी सीमा पर संयुक्त राष्ट्र समर्थित सेवाओं का दौरा किया.
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में UNFPA द्वारा किए जा रहे अहम कार्यों को समझ पाने की उम्मीद जताई और कहा कि साथ ही धन कटौती के प्रभाव को बेहतर तरीक़े से समझ पाएंगे.
बजट में कटौती
ऐंड्रयू सबरटॉन के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में दुनिया भर में, यूएनएफ़पीए को दी जा रही वित्तीय सहायता से लगभग 33 करोड़ डॉलर की कटौती की घोषणा की है. जिसमें से 10.2 करोड़ डॉलर की रक़म कटौती का सीधा असर अफ़ग़ानिस्तान में यूएनएफ़पीए के काम पर पड़ेगा.
इस वित्तीय सहायता का अधिकांश हिस्सा पारिवारिक स्वास्थ्य और सचल स्वास्थ्य देखभाल के प्रावधान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला था. इन दोनों सेवाओं की ही, अफ़ग़ानिस्तान में बहुत आवश्यकता है, जहाँ पहले से ही दुनिया में सबसे अधिक मातृ मृत्यु दर है.
यह सहायता धनराशि अत्यन्त आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने में भी ख़र्च की जाती.
उनका अनुमान है कि अफ़ग़ानिस्तान में 69 लाख महिलाएँ और बच्चे, इस धन कटौती से प्रभावित होंगे.
इसके अलावा, UNFPA अफ़गानिस्तान में अपने समर्थित वर्तमान 900 स्वास्थ्य क्लीनिकों में से केवल लगभग 400 को ही सहायता प्रदान कर पाएगी, जिनमें से प्रत्येक क्लीनिक जीवनरक्षक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करता है.
कम संसाधनों के साथ सहायता
ऐंड्रयू सबरटॉन ने ज़ोर देकर कहा कि UNFPA, इन चुनौतियों के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान में बनी रहेगी और जीवनरक्षक देखभाल मुहैया कराना जारी रखेगी.
उन्होंने कहा, "UNFPA सेवा प्रदान करने के लिए बनी रहेगी, मगर हम वित्तीय मदद के बिना, अपने सहायता कार्यक्रमों को जारी नहीं रख सकते.”
“हमें इन सेवाओं को जारी रखने और अफ़ग़ान महिलाओं व नवजात शिशुओं की गरिमा, स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा करने के लिए, तत्काल (धन) सहायता की आवश्यकता है."