इस्लामोफ़ोबिया का मुक़ाबला करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत की नियुक्ति
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस्लामोफ़ोबिया का सामना करने के लिए, स्पेन के वरिष्ठ राजनयिक मीगेल ऐंगेल मोरातीनॉस को, संयुक्त राष्ट्र का प्रथम विशेष दूत नियुक्त किया है. यह नियुक्ति दुनिया भर में बढ़ती इस्लाम विरोधी भावना से निपटने के उद्देश्य से की गई है.
यह क़दम, संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मार्च 2024 में, अन्तरराष्ट्रीय इस्लामोफ़ोबिया विरोधी दिवस के अवसर पर पारित - 'इस्लामोफ़ोबिया से निपटने के उपाय' नामक प्रस्ताव के अनुरूप उठाया गया है.
उस प्रस्ताव में इस दिशा में ठोस क़दमों उठाए जाने की मांग की गई थी, जिनमें एक विशेष दूत की नियुक्ति भी शामिल थी.
महासचिव के प्रवक्ता कार्यालय की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि मीगेल ऐंगेल मोरातीनॉस, संयुक्त राष्ट्र सभ्यताओं के गठबन्धन (UNAOC) के उच्च प्रतिनिधि के रूप में अपने वर्तमान पद पर बने रहेंगे, और इस नई भूमिका की ज़िम्मेदारियों को मौजूदा ढाँचे में एकीकृत किया जाएगा.
बहुपक्षवाद के समर्थक
मीगेल ऐंगेल मोरातीनॉस, 2019 से इस गठबन्धन का नेतृत्व कर रहे हैं और वैश्विक संवाद को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.
उन्हों एक अनुभवी राजनयिक के रूप में मध्य पूर्व, अफ़्रीका और योरोप में संयुक्त राष्ट्र के साथ निकटता से काम किया है.
मीगेल ऐंगेल मोरातीनॉस ने, साल 2004 से 2010 तक स्पेन के विदेश मंत्री के रूप में, बहुपक्षवाद, संयुक्त राष्ट्र सुधार और विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया.
उन्होंने अपने सरकारी कार्यकाल के बाद, भूख, ग़रीबी और खाद्य सुरक्षा के मुद्दों पर अन्तरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लिया.
उन्होंने साल 2012 में, क़तर स्थित वैश्विक शुष्कभूमि गठबन्धन (GDA) के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा सन्धियों को बढ़ावा दिया.
मीगेल ऐंगेल मोरातीनॉस ने मैड्रिड के कोम्प्लुतेंस विश्वविद्यालय से क़ानून और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की है, और स्पैनिश डिप्लोमैटिक स्कूल से राजनयिक प्रशिक्षण लिया है.
वह स्पेनिश, अंग्रेज़ी और फ्रेंच भाषाओं के जानकार हैं.