जीवन प्रत्याशा में 30 साल के अन्तर से, स्वास्थ्य असमानताएँ उजागर
WHO की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि आप कहाँ जन्म लेते हैं, ये कारक, आपकी छोटी या लम्बी आयु और ख़ुशहाली के स्तर को निर्धारित कर सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, आपका जन्म अगर एक समृद्ध स्थान या देश में हुआ है तो आपकी आयु, ऐसे लोगों की तुलना में 30 साल से भी अधिक लम्बी हो सकती है, जो किसी ऐसे देश में रहते हैं जहाँ सुरक्षित आवास, अच्छी शिक्षा और अच्छे वेतन व हालात वाले कामकाज तक लोगों की कम पहुँच हो.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा किए गए अध्ययन में बताया गया है कि ये कारक धनी और निर्धन दोनों देशों में औसत आयु को घटा सकते हैं.
उदाहरण के तौर पर, जिस देश में औसत जीवन प्रत्याशा सबसे अधिक है, वहाँ के लोग, सबसे कम जीवन प्रत्यासा वाले देश के लोगों की तुलना में औसतन 33 वर्ष अधिक जीते हैं.
एक असमान दुनिया
WHO के महानिदेशक टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेब्रेयसस ने कहा है, "हमारी दुनिया असमानताओं से भरी हुई है. हम कहाँ पैदा होते हैं, किस तरह बड़े होते हैं, कहाँ रहते हैं, क्या काम करते हैं और कैसे बुढ़ापा जीते हैं, ये सब बातें हमारे स्वास्थ्य और समग्र भलाई को गहराई से प्रभावित करती हैं."
स्वास्थ्य से जुड़ी असमानताएँ, सामाजिक पिछड़ेपन और भेदभाव की स्थितियों से गहराई से जुड़ी होती हैं.
WHO का कहना है, "स्वास्थ्य एक सामाजिक ढाँचे का पालन करता है यानि जितना पिछड़ा इलाक़ा होगा, वहाँ रहने वाले लोगों की आय उतनी ही कम होगी."
ऐसी असमानताएँ उन समुदायों में और बढ़ जाती हैं, जिन्हें लम्बे समय से भेदभाव और हाशिए पर होने का सामना करना पड़ता है, जैसे कि आदिवासी समुदाय. इनकी औसत उम्र गै़र-आदिवासी लोगों की तुलना में कम होती है.
यह स्थिति केवल निम्न आय वाले देशों में ही नहीं, बल्कि उच्च आय वाले देशों में भी देखने को मिलती है.
मुख्य लक्ष्यों पर मंडराता ख़तरा
यह अध्ययन, 2008 के बाद पहली बार प्रकाशित हुआ, जब WHO के स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों पर आयोग ने अपनी अन्तिम रिपोर्ट जारी की थी.
उस रिपोर्ट में साल 2040 तक के लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, जैसेके देशों के बीच और देशों के भीतर जीवन प्रत्याशा, शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में अन्तर को कम करना.
नई रिपोर्ट बताती है कि ये लक्ष्य अब शायद हासिल नहीं हो पाएँगे. भले ही आँकड़ों की कमी है, लेकिन उपलब्ध जानकारी यह साफ़ दिखाती है कि स्वास्थ्य से जुड़ी असमानताएँ अक्सर और ज़्यादा बढ़ रही हैं.
उदाहरण के लिए, निर्धन देशों में जन्म लेने वाले बच्चों के पाँचवे जन्मदिन से पहले, मृत्यु की सम्भावना धनी देशों की तुलना में 13 गुना अधिक होती है.
डेटा विश्लेषण से मालूम होता है कि यदि निर्धन और धनी वर्गों के बीच असमानता को कम किया जाए और समानता को बढ़ावा दिया जाए, तो हर साल लगभग 20 लाख बच्चों की जान बचाई जा सकती है, ख़ासतौर निम्न और मध्य आय वाले देशों में.
इसके अलावा, हालाँकि साल 2000 और 2023 के बीच मातृ मृत्यु दर में 40 प्रतिशत की कमी आई है, फिर भी अधिकांश मौतें, अब भी निम्न और निम्न-मध्य आय वाले देशों में होती हैं, जिनकी संख्या 94 प्रतिशत है,
कार्रवाई की अपील
WHO ने आर्थिक असमानता को दूर करने, सामाजिक बुनियादी ढाँचे और सार्वभौमिक सार्वजनिक सेवाओं में निवेश करने के लिए सामूहिक कार्यवाई की अपील की है.
WHO ने अन्य कदमों की भी सिफ़ारिश भी की है, जिनमें संरचनात्मक भेदभाव को समाप्त करना, युद्ध, आपातकालीन स्थितियों और मज़बूर प्रवासन के निर्धारक और प्रभावों को दूर करना शामिल है.