गुटेरेश, ग़ाज़ा में ज़मीनी हमले का दायरा बढ़ाने की इसराइली योजना पर चिन्तित
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, ग़ाज़ा में इसराइल द्वारा अपने ज़मीनी सैन्य अभियान का दायरा बढ़ाने और अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाने की योजना की ख़बरों पर चिन्ता व्यक्त की है.
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने सोमवार को न्यूयॉर्क में नियमित प्रैस वार्ता के दौरान एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "ऐसा होने से निश्चित रूप से अनगिनत लोग मारे जाएंगे और ग़ाज़ा का और अधिक विनाश होगा."
फ़रहान हक़ ने कहा, "अब जो ज़रूरी है वह हिंसा का अन्त है, ना कि अधिक लोगों की मौतें और विनाश. ग़ाज़ा भविष्य के फ़लस्तीन देश का अभिन्न अंग है और उसके दर्जे को इसी रूप में बरक़रार रखना होगा."
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता दल और अन्य ग़ैर सरकारी संगठनों ने, इसराइल द्वारा रविवार को, सहायता वितरण प्रणाली के स्थान पर एक ऐसी प्रणाली लागू किए जाने के प्रयासों की निन्दा की, जिसमें कथित तौर पर, दक्षिणी इलाक़े में सैन्य केन्द्रों के माध्यम से सहायता सामग्री की आपूर्ति की जाएगी.
सहायता प्रमुखों ने ज़ोर देकर कहा कि इस प्रस्ताव से "ग़ाज़ा के बड़े हिस्से...कम गतिशील और सबसे कमज़ोर हालात वाले लोग" जीवनरक्षक सहायता के बिना रह जाएंगे.
उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने कहा कि महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने, तत्काल स्थाई युद्धविराम तथा ग़ाज़ा में बन्धकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई का आहवान किया है.
घातक हमले और लूटपाट
इस बीच, पूरे ग़ाज़ा पट्टी में इसराइल के हवाई हमले और अन्य हमले जारी हैं, जहाँ इसराइल ने दो महीने से अधिक समय से, सहायता और वाणिज्यिक सामग्री के प्रवेश को अवरुद्ध कर रखा है.
संयुक्त राष्ट्र सहायता समन्वय कार्यालय - OCHA ने सोमवार को कहा कि ख़बरों से मालूम होता है कि सप्ताहान्त के दौरान, ग़ाज़ा में अनेक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए, जिनमें बच्चे भी हैं.
OCHA ने बताया कि ग़ाज़ा पट्टी में, डकैती व लूटपाट एक दैनिक वास्तविकता बन गई है, विशेष रूप से ग़ाज़ा शहर और उसके आसपास के इलाक़ों में, और यह सहायता सामग्री की कमी के बीच हो रही है.
व्यवसायों को निशाना बनाया जा रहा है, और संयुक्त राष्ट्र गोदामों पर भी हमले किए गए हैं. अधिकांश मामलों में लुटेरों को गार्डों ने रोक दिया, या गोदाम पहले से ही ख़ाली थे.
पानी की समस्या
OCHA ने पिछले सप्ताह बताया था कि बेत लाहिया में ईंधन ख़त्म हो जाने के कारण, जल प्राप्ति व सफ़ाई व्यवस्था बन्द हो गई थी.
OCHA ने बताया है कि ग़ाज़ा के दक्षिणी इलाक़े रफ़ाह में, 18 अप्रैल के बाद से ईंधन प्राप्त करने का एक भी प्रयास नहीं किया गया है.
एजेंसी ने यह भी बताया कि शनिवार से, ग़ाज़ा के भीतर नियोजित 27 मानवीय सहायता के क़ाफ़िलों में से, 19 क़ाफ़िलोंको इसराइली अधिकारियों द्वारा, पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया गया. अन्य सहायता क़ाफ़िलों को आरम्भ में तो हरी झंडी दी गई - मगर फिर धरातल पर तैनात बलों ने बाधा उत्पन्न कर दी.