सूडान: हिंसा, विस्थापन के बीच ज़रूरतमन्दों के लिए समर्थन बढ़ाने का आग्रह
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सूडान के नॉर्थ दारफ़ूर प्रान्त की राजधानी अल फ़शर में घातक हमलों के जारी रहने और वहाँ निरन्तर बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है.
यूएन प्रमुख के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने महासचिव की ओर से बुधवार को एक वक्तव्य जारी किया, जिसमें उन्होंने हिंसा के बीच विशाल मानवीय आवश्यकताओं के प्रति आगाह किया है.
उन्होंने कहा कि क़रीब दो सप्ताह पहले ही अकाल से ग्रस्त ज़मज़म और अबू शौक में स्थित विस्थापन शिविरों पर हमले किए गए थे, जिनमें मानवीय सहायताकर्मियों समेत सैकड़ों आम नागरिकों की जान गई थी.
सूडान में सशस्त्र सैन्य बलों और अर्द्धसैनिक बल (RSF) के बीच अप्रैल 2023 में भड़के हिंसक टकराव को दो वर्ष बीत चुके हैं.
देश में गहरी असुरक्षा व्याप्त है और ज़रूरतमन्दों के लिए सहायता धनराशि का अभाव है.
महासचिव ने कहा कि मौजूदा वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, यूएन एजेंसियाँ अपने साझेदार संगठनों के साथ मिलकर नॉर्थ दारफ़ूर के तवीला इलाक़े में आपात समर्थन का स्तर बढ़ाने मे जुटी हैं.
इसी इलाक़े में ज़मज़म शिविर से जान बचाकर भागने वाले अधिकाँश विस्थापितों ने शरण ली है.
इस महीने की शुरुआत में, क़रीब चार लाख लोगों के ज़मज़म शिविर से भागने का अनुमान व्यक्त किया गया है.
सीमा चौकियों पर विस्थापितों का उत्पीड़न, उन्हें डराए-धमकाए जाने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त की गई है.
यूएन विश्व खाद्य कार्यक्रम ने तवीला में भोजन सहायता वितरित की है और स्वास्थ्य, पोषण, जल, साफ़-सफ़ाई समेत अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा रहा है.
बताया गया है कि सूडान में मानवतावादी कोष ने अब तक स्थानीय व अन्तरराष्ट्रीय साझेदार संगठनों के लिए 1.4 करोड़ डॉलर की धनराशि जारी की है, ताकि नॉर्थ दारफ़ूर के तवीला व अन्य इलाक़ों में राहत कार्य किए जा सकें.
इस बीच, WFP की ओर से ख़ारतूम के लिए पहली सहायता आपूर्ति ने शहर में प्रवेश किया है. यहाँ के बुर्री इलाक़े में आठ हज़ार लोगों के लिए क़रीब 70 मीट्रिक टन की खाद्य आपूर्ति का वितरण जल्द शुरू किया जाएगा.
दो साल पहले हिंसक टकराव भड़कने के बाद यह पहली बार होगा जब राजधानी ख़ारतूम के मुख्य इलाक़े में राहत आपूर्ति वितरित की जाएगी.
सहायता व युद्धविराम की अपील
यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि सूडान में मानवीय सहायता आवश्यकताएँ व्यापक स्तर पर हैं, और महिलाओं व बच्चों समेत हताश लोग सीमा पार करके सुरक्षा व सहायता की तलाश में चाड पहुँच रहे हैं.
सूडान के अन्य हिस्सों में भी आम नागरिकों के विरुद्ध हिंसा जारी है और पिछले कुछ दिनों में ख़ारतूम प्रान्त के ओमदुरमान में सामूहिक हत्याओं की ख़बरें आई हैं.
एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा कि यह हिंसक टकराव अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इससे वृहद क्षेत्र में हालात भी प्रभावित हो रहे हैं.
इसके मद्देनज़र, उन्होंने सभी सम्भावित मार्गों से ज़रूरतमन्द आबादी तक सुरक्षित ढंग से, बेरोकटोक मदद पहुँचाने की अपील दोहराई है.
साथ ही, सभी युद्धरत पक्षों को अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के तहत अपने तयशुदा दायित्वों को निभाना होगा.
उन्होंने मानवाधिकारों उल्लंघन के गम्भीर मामलों में दोषियों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है.
उन्होंने हिंसक टकराव पर तुरन्त विराम लगाने की पुकार लगाते हुए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि आमजन के लिए इस पीड़ा व विध्वंस के चक्र को रोका जाना होगा.