म्याँमार: भूकम्प के एक महीने बाद भी विशाल आवश्यकताएँ, समर्थन बढ़ाने की अपील
म्याँमार में 28 मार्च को शक्तिशाली भूकम्प के कारण हुई व्यापक तबाही का एक महीना बीत जाने के बाद भी, देश में आपदा-प्रभावित आबादी के लिए विशाल मानवीय राहत आवश्यकताएँ बरक़रार हैं.
मानवीय सहायता मामलों के लिए यूएन के अन्तरिम समन्वयक मार्कोलुइजी कॉर्सी ने सोमवार को जारी अपने एक वक्तव्य में और अधिक स्तर पर समर्थन मुहैया कराए जाने की अपील की है.
उन्होंने ध्यान दिलाया कि भूकम्प से सबसे अधिक प्रभावित हुए इलाक़ों में 60 लाख से अधिक लोगों को तुरन्त सहायता की आवश्यकता है.
म्याँमार के मध्यवर्ती इलाक़े में, 28 मार्च को आए भूकम्प में कम से कम 3 हज़ार 700 लोग मारे गए, 4 हज़ार 800 से अधिक घायल हुए.
भूकम्प से देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर मैंडाले प्रभावित हुआ था, जिसकी आबादी क़रीब 12 लाख है. इसके अलावा, सगाइंग, नेपीडॉ, बागो, मैगवे और शन प्रान्त में नुक़सान हुआ.
बहुत से परिवार डर के कारण खुले स्थानों में अस्थाई आश्रयों में दिन गुज़ार रहे हैं, जिससे उन पर मौसम की मार, बीमारी और ज़हरीले कीड़ों व साँपों के काटने का जोखिम हैं.
शुरुआती भूकम्प के बाद भी 140 से अधिक झटके महसूस किए गए हैं, जिनमें से कुछ की तीव्रता 5.9 तक भी थी.
इन निरन्तर झटकों ने क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है, जिससे लोगों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव और नुक़सान और भी बढ़ गया है, ख़ासतौर पर बच्चों और विस्थापित परिवारों पर.
फ़रवरी 2021 में सैन्य तख़्तापलट के बाद से म्याँमार की सेना और विपक्षी हथियारबन्द गुटों के बीच गृह युद्ध के कारण, देश इस आपदा से पहले ही संकट से गुज़र रहा था.
यहाँ लगभग 2 करोड़ लोगों, यानि लगभग एक तिहाई आबादी को मानवीय सहायता एवं सुरक्षा की आवश्यकता थी.
सहायता अभियान
भूकम्प के कारण 55 हज़ार से अधिक घर ध्वस्त हुए हैं, और पहले से ही सम्वेदनशील हालात में रह रहे लोग व समुदाय, विशेष रूप से महिलाएँ, बच्चे, विकलांगजन व बुज़ुर्ग गहरे संकट के गर्त में धँस गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ अपने साझीदार संगठनों के साथ मिलकर जीवनरक्षक मदद पहुँचाने में जुटी हैं.
भूकम्प के बाद से अब तक कम से कम छह लाख लोगों को सुरक्षित जल प्रदान किया गया है, उनके लिए साफ़-सफ़ाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.
पाँच लोगों को खाद्य सहायता मुहैया कराई गई है और 1.15 लाख लोगों को आपात आश्रय व्यवस्था और घर-परिवार के लिए ज़रूरी सामान वितरित किया गया है.
यूएन मानवतावादी समन्वयक ने ज़ोर देकर कहा कि आपात सहायता अभियान के लिए यह एक बेहद अहम क्षण है. सभी ज़रूरतमन्द समुदायों तक अतिरिक्त संसाधन जल्द से जल्द वितरित किए जाने होंगे, ताकि हालात और न बिगड़ने पाएं.